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UP: अब जैन, बौद्ध और आदिवासी गणना पद्धति भी पढ़ेंगे छात्र, देशभर के विद्वानों के मंथन के बाद इसकी तैयारी शुरू

Mon, 10 Jul 2023 10:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 10 Jul 2023 10:11 PM IST
सार

छात्र-छात्राएं अब वैदिक गणित के साथ जैन धर्म, बौद्ध धर्म और आदिवासियों की पद्धतियों पर आधारित गणना की भी शिक्षा लेंगे। बुंदेलखंड विवि में देशभर के विद्वानों के मंथन के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। नई पद्धतियां शामिल कर वैदिक गणित को भारतीय गणित का रूप दिया जाएगा। सीसीएसयू में परास्नातक के लिए 90 फीसदी पाठ्यक्रम तैयार हो चुका है।

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UP: Now students will study Jain, Buddhist and tribal calculation methods, preparation starts in CCSU
Maths - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) सहित अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं अब वैदिक गणित के साथ जैन धर्म, बौद्ध धर्म और आदिवासियों की पद्धतियों पर आधारित गणना का भी अध्ययन कर सकेंगे। केरल, छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश आदि राज्यों के आदिवासियों की गणना पद्धति पाठ्यक्रम में शामिल होगी। ऐसी पद्धति को समाहित कर वैदिक गणित को भारतीय गणित का रूप दिया जाएगा। इससे पांडुलिपियों और खगोलशास्त्र से जुड़ी गणना को समझाना आसान होगा।इस तैयारी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में देशभर के गणित विद्वानों का तीन दिवसीय सेमिनार हुआ और नए अध्ययनों पर मंथन हुआ। इसमें शामिल होकर लौटे सीसीएसयू के गणित विभागाध्यक्ष प्रो. शिवराज सिंह ने यह जानकारी दी।

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उन्होंने बताया कि सीसीएसयू ने एमएससी वैदिक गणित का पाठ्यक्रम 90 फीसदी से ज्यादा तैयार कर लिया है। अब बीओएस (बोर्ड ऑफ स्टडीज) में यह पाठ्यक्रम रखा जाएगा। यहां मुहर लगने के बाद सीसीएसयू वैदिक गणित में एमएससी शुरू करने वाला देश का पहला विवि बन जाएगा।
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प्रो. सिंह ने बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली और बुंदेलखंड विवि झांसी के संयुक्त तत्वावधान में यह सेमिनार हुआ। इसमें डॉ. कैलाश विश्वकर्मा, डॉ. श्रीराम, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. इंद्राणी, डॉ. आशीष अरोड़ा, डॉ. संजय देशपांडेय, डॉ. अनुराधा गुप्ता, डाॅ. कोमल असरानी, शैफाली, दीपक वशिष्ठ, अनिल ठाकुर, डॉ. सोनिया गुप्ता के अलावा कई राज्यों के आदिवासी गणित विद्वान शामिल हुए। इस दौरान विद्वानों ने कहा वैदिक गणित के साथ जैन, बौद्ध और आदिवासियों की गणना पद्धति को शामिल कर भारतीय गणित विषय बनाना चाहिए।

 अब कोई भी भारतीय गणित में परास्नातक कर सकेगा
प्रो. शिवराज सिंह ने बताया कि अब ऐसा नहीं होगा कि गणित से इंटर अथवा स्नातक करने वाला ही वैदिक गणित में परास्नातक करेगा। तय हुआ है कि किसी भी स्ट्रीम का विद्यार्थी वैदिक गणित में परास्नातक कर सकेगा। दूसरी स्ट्रीम से आने वाले विद्यार्थी के लिए सामान्य पाठ्यक्रम होगा और गणित से आने वाले विद्यार्थी के लिए एडवांस पाठ्यक्रम होगा।

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