यूपी: शहर की सबसे पॉश रोड, फिर भी झुग्गियों से घिरा विवि, नैक में कैसे बनेगा अव्वल?
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मेरठ शहर की सबसे पॉश विवि रोड। जहां से रोजाना मंडल के बड़े अफसर निकलते हैं। जनप्रतिनिधि आते-जाते हैं। यहीं पर बना है नौ जिलों में उच्च शिक्षा का उजियारा करने वाला चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय। यहां हर साल राज्यपाल दीक्षांत समारोह में आते हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी आते रहे हैं। छात्र-छात्राएं जब यहां एडमिशन लेने की सोचते हैं तो वह कैंपस में भी जाकर देखते हैं। सबकुछ शानदार है। लेकिन बाहर का नजारा बहुत खराब। दूर तक झुग्गियों की कतार दिखती है। विवि के पत्र लिखने के बाद भी नगर निगम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
किसी भी शैक्षणिक संस्थान के आसपास का माहौल उसके लिए बहुत मायने रखता है। नैक टीम भी जब ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण करती है तो इस बात को नंबर देने में शामिल किया जाता है। लेकिन 70 फीसदी हरियाली और स्वच्छता में बेहतर होने के बावजूद सीसीएसयू कैंपस आजकल मानो अतिक्रमण का अड्डा बन गया है। यहां पर सड़क किनारे 30 से ज्यादा झुग्गियां बना ली गई हैं। पक्के मकानों की तरह निर्माण हो रहा है। विवि प्रशासन की तरफ से नगर निगम और प्रशासनिक अफसरों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन आज तक यहां से अतिक्रमण नहीं हट सका है।
ए ग्रेड पाने की कोशिश
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सभी विवि की ग्रेडिंग को लेकर नाराजगी जता चुकी हैं। सीसीएसयू की बात करें तो फिलहाल यह बी ग्रेड है। विवि को ए ग्रेड दिलाने के लिए हर संभव कार्य किया जा रहा है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा लगातार पढ़ाई के अलावा दूसरी सुविधाओं को लेकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कोरोना महामारी की वजह से नैक अभी बंद है। जल्द ही विवि नैक टीम से अनुमति मिलने के बाद निरीक्षण कराएगा।
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कई बार लिखा है पत्र
रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि इस बारे में नगर आयुक्त को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्र भेजे गए हैं, लेकिन आज तक अतिक्रमण नहीं हटा है।
हरा-भरा है कैंपस
विवि बेहद सुंदर कैंपस की सूची में आता है। हर बिल्डिंग सुव्यवस्थित है। 70 फीसदी कैंपस में हरियाली है। 15 हजार के करीब पेड़ हैं। कैंपस में सौर ऊर्जा संयंत्र लगा है। 42 रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट हैं। कूड़ा निस्तारण के प्लांट लगाया गया है। किसी भी विवि की नैक में अच्छी ग्रेडिंग पाने के लिए पढ़ाई के साथ ये सब चीजें भी बड़े मायने रखती हैं। इसके बाद कैंपस के बाहर का माहौल भी देखा जाता है। कैंपस के बाहर ग्रीन पटरी जोन की अच्छी संख्या है। कुछ साल पहले तक यहां पर कैंपस के दूसरे गेट से कृष्णा प्लाजा के आगे तक कुछ झुग्गियां बना ली गईं थी। इनको किसी ने नहीं हटवाया तो देखादेखी अब छात्र समस्या निवारण केंद्र के आगे तक भी झुग्गियां बन गई हैं।
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