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UP News: मेरठ में बड़ी साइबर ठगी... तीन लोगों को लगा दिया 56 लाख का चूना, ठगी का तरीका अनोखा
Thu, 10 Oct 2024 11:02 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 10 Oct 2024 11:02 PM IST
सार
इन मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत कर रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने जरूरी पूछताछ करने के बाद अपनी जांच शुरू कर दी है।
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cyber crime
विस्तार
साइबर अपराधियों ने वृद्धा को घर बैठे पैसे कमाने का झांसा देकर 46.27 लाख रुपये ठग लिए। फल व्यापारी को सस्ते सामान का लालच देकर खाते से 3.36 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं, मोबाइल हैक कर एक व्यक्ति के खाते से 6.70 लाख रुपये की ठगी की गई। इस तरह तीनों से 56.33 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। इन मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत कर रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है।
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शुरू में मामूली धनराशि देकर जाल में फंसाया
रेलवे रोड देवपुरी निवासी रेनू लता के व्हाट्सएप पर 11 अगस्त को घर बैठे पैसे कमाने का मेसेज आया था। इसके लिए उन्हें मोबाइल में एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। रेनू लता ने एप डाउनलोड कर उनके बताए अनुसार काम किया। पहले दिन किए गए काम के बदले उन्हें 1147 रुपये लाभ के दिए गए। साइबर ठगों ने उनसे टेलिग्राम पर पर बातचीत की और अगले दिन उनसे 10500 रुपये जमा कराकर काम कराया। उन्हें 4752 रुपये का लाभ मिला। 13 अगस्त को 30000 रुपये जमा कराए गए। लाभ के रुपये एप पर दर्शाए गए, लेकिन उन्हें नहीं मिले। इसके बाद रोजाना पैसा जमा कराते हुए उनसे काम कराते रहे। लाभ दिखाते रहे, लेकिन खाते में कोई पैसा नहीं आया। अब साइबर ठग उनसे 13,02,774 रुपये मांगने लगे। उनसे कहा गया कि यह रकम जमा करने पर ही सारा पैसा मिलेगा। इसके बाद रेनू को ठगी का पता चला। पीड़िता के मुताबिक उनसे विभिन्न खातों में 30 बार में 46.27 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं।
रेलवे रोड देवपुरी निवासी रेनू लता के व्हाट्सएप पर 11 अगस्त को घर बैठे पैसे कमाने का मेसेज आया था। इसके लिए उन्हें मोबाइल में एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। रेनू लता ने एप डाउनलोड कर उनके बताए अनुसार काम किया। पहले दिन किए गए काम के बदले उन्हें 1147 रुपये लाभ के दिए गए। साइबर ठगों ने उनसे टेलिग्राम पर पर बातचीत की और अगले दिन उनसे 10500 रुपये जमा कराकर काम कराया। उन्हें 4752 रुपये का लाभ मिला। 13 अगस्त को 30000 रुपये जमा कराए गए। लाभ के रुपये एप पर दर्शाए गए, लेकिन उन्हें नहीं मिले। इसके बाद रोजाना पैसा जमा कराते हुए उनसे काम कराते रहे। लाभ दिखाते रहे, लेकिन खाते में कोई पैसा नहीं आया। अब साइबर ठग उनसे 13,02,774 रुपये मांगने लगे। उनसे कहा गया कि यह रकम जमा करने पर ही सारा पैसा मिलेगा। इसके बाद रेनू को ठगी का पता चला। पीड़िता के मुताबिक उनसे विभिन्न खातों में 30 बार में 46.27 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं।
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पुलिस ने रकम वापस कराई, बैंक ने फिर ठगों तक पहुंचाई
ऐरा गार्डन नूरनगर निवासी मोहम्मद सलीम फल व्यापारी हैं। कुछ दिन पूर्व फेसबुक पर उन्हें डीमार्ट का एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें महंगा घरेलू सामान सिर्फ 595 रुपये में खरीदने का ऑफर था। उन्होंने लिंक पर क्लिक किया। इसमें कैश ऑन डिलिवरी का विकल्प नहीं था। भुगतान करने के लिए डेबिट कार्ड की डिटेल मांगी गई थी।
उन्होंने डिटेल भरकर भुगतान कर दिया। इसके बाद उनके खाते से 14 बार में 3.36 लाख रुपये निकल गए। उन्होंने संबंधित बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद अगले दिन साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। उनके खाते से निकाली गई रकम वापस आ गई। बैंक ने जांच पूरी होने तक तीन माह के लिए यह रकम फ्रीज कर दी।
जांच पूरी होने पर बैंक ने ओटीपी के जरिए खाते से रुपये निकलने की रिपोर्ट दी और पूरी रकम ठगों को वापस करा दी। मोहम्मद सलीम का कहना है कि इस मामले में किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत हो सकती है। वह अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
ऐरा गार्डन नूरनगर निवासी मोहम्मद सलीम फल व्यापारी हैं। कुछ दिन पूर्व फेसबुक पर उन्हें डीमार्ट का एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें महंगा घरेलू सामान सिर्फ 595 रुपये में खरीदने का ऑफर था। उन्होंने लिंक पर क्लिक किया। इसमें कैश ऑन डिलिवरी का विकल्प नहीं था। भुगतान करने के लिए डेबिट कार्ड की डिटेल मांगी गई थी।
उन्होंने डिटेल भरकर भुगतान कर दिया। इसके बाद उनके खाते से 14 बार में 3.36 लाख रुपये निकल गए। उन्होंने संबंधित बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद अगले दिन साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। उनके खाते से निकाली गई रकम वापस आ गई। बैंक ने जांच पूरी होने तक तीन माह के लिए यह रकम फ्रीज कर दी।
जांच पूरी होने पर बैंक ने ओटीपी के जरिए खाते से रुपये निकलने की रिपोर्ट दी और पूरी रकम ठगों को वापस करा दी। मोहम्मद सलीम का कहना है कि इस मामले में किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत हो सकती है। वह अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
फोन किया हैक और दो बैंक खाते कर दिए खाली
जानी थाना क्षेत्र की गॉडविन ग्रीनवुड कॉलोनी निवासी सतीश कुमार यादव के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई थी। उन्होंने कॉल रिसीव की तो साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उनके एक बैंक खाते से 2.50 लाख रुपये और दूसरे बैंक खाते से 4.20 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद उनके बैंक खाते और मोबाइल नंबर भी बंद हो गया।
जानी थाना क्षेत्र की गॉडविन ग्रीनवुड कॉलोनी निवासी सतीश कुमार यादव के मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई थी। उन्होंने कॉल रिसीव की तो साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उनके एक बैंक खाते से 2.50 लाख रुपये और दूसरे बैंक खाते से 4.20 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद उनके बैंक खाते और मोबाइल नंबर भी बंद हो गया।