यूपी: 12 साल में तारीख पर तारीख... नहीं हुई गवाही, टूटी इंसाफ की आस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यहां इंसाफ नहीं, तारीख ज्यादा मिलती हैं। पीड़ित परिवार न्याय की आस में कोर्ट जाता है। लेकिन पुलिस का सिस्टम इतना ढीला है कि कोर्ट की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाती।
सरधना के हाजी एजाज की हत्या में ऐसा देखने को मिला। इस घटना को 12 साल बीत चुके हैं। लेकिन नतीजा शून्य है। 25 गवाहों में से सिर्फ एक युवक की गवाही हुई है। पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की आस टूट चुकी है। दो आरोपियों की मौत हो गई। गवाहों को पेश कराया जाए, इसको लेकर कई बार कोर्ट पुलिस को आदेश कर चुकी है। वारंट जारी हो चुके हैं, बावजूद गवाही नहीं हो पा रही।
यह था मामला
सरधना के पीर जादगान मोहल्ला निवासी अब्दुल रसीद ने 27 जून 2006 को सरूरपुर थाने में अपनी भाई हाजी एजाज की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि बाड़म गांव के पास बंबे पर एजाज की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में आरोपी अहसान, मुंसाद निवासी वसी कलां शाहपुर, रामू निवासी करनावल, राहुल और रविंद्र निवासी मुजफ्फरनगर हत्यारोपी बनाए गए। 12 अक्तूबर 2006 को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
पुलिस नहीं कर सकी पेश
अधिवक्ता के मुताबिक आरोपी मुंसाद, राहुल के खिलाफ यह मामला विचाराधीन है। दोनों आरोपी अनुपस्थित रहते हैं, जिसके चलते मामले में गवाही पूरी नही हो पा रही है। हालांकि न्यायालय द्वारा काफी सख्त रुख गवाही को लेकर अख्तियार किया हुआ है। मुकदमे में गवाह इब्राहिम की गवाही के लिए 11 जून 2018 की तिथि नियत है।
पढ़ें : यूपी: हत्या का वो केस, जो गूंजा था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 16 माह बाद सच आया सामने
एक गवाह, दो आरोपियों की मौत
यह मामला न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-14 में विचाराधीन है। वादी हाजी इस्लाम की गवाही पूरी हो चुकी है। जबकि चश्मदीद गवाह इब्राहिम की गवाही चल रही है। वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता केके पाहवा ने बताया कि इस घटना के चश्मदीद गवाह हाजी हनीफ तथा दो आरोपियों रविंद्र, रामू की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में एक आरोपी अहसान फरार चल रहा है।
यह बने थे 25 गवाह
इस घटना में 25 गवाह बने है। जिसमें वादी हाजी इस्लाम, चश्मदीद गवाह के रूप में इब्राहिम, सलीमुद्दीन, मौ. रमजान उर्फ मुन्ना, मौ0 हनीफ के नाम शामिल है। पंचायतनामा गवाह के रूप में हाजी अहसान कुरैशी, वकील, आबिद, हाजी, समद का नाम शामिल है। एफआईआर लेखक मौ. आसिफ के अलावा सरनाम सिंह, कांस्टेबल दिनेश शर्मा, कांस्टेबल इकराम, कांस्टेबल ब्रहमपाल सिंह, कांस्टेबल शौराज सिंह, कांस्टेबल लोकेन्द्र सिंह, कांस्टेबल बेगम बानो, एसआई कमल सिंह, डॉ. सतीश कुमार, कांस्टेबल उदयवीर सिंह, आईओ चंद्रकिरन यादव, राजेंद्र सिंह व शिनाख्त के रूप में राम अवतार के नाम गवाह सूची के अंदर शामिल हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/