यूपी: हत्या का वो केस, जो गूंजा था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 16 माह बाद सच आया सामने
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सांप को रस्सी और रस्सी को सांप बनाने वाली पुलिस ने हत्या जैसे संगीन मामले को भी हादसे में तब्दील कर दिया था। आरोपी और पुलिस की नजरों में एक महिला की मौत का राज हमेशा के लिए दफन हो चुका था। लेकिन समय ऐसा बदला कि हत्या के इस केस की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। जिसके बाद गृह मंत्रालय को दखल देना पड़ा। एसपी देहात ने सादी वर्दी में मौके पर पहुंचकर जांच की तो मामला सही निकला और हत्यारोपी पति को जेल जाना पड़ा।
यह था मामला
घटना खरखौदा थाना क्षेत्र के पीपलीखेड़ा गांव की थी। एक मई 2016 को गांव निवासी मुकेश की पत्नी गीता की मौत हो गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पड़ोस के लोगों ने बताया कि महिला को उसके पति ने पीटकर मार दिया। बच्चों को देखते हुए मायके और ससुराल पक्ष ने यह कहा था कि महिला छत से गिरी है।
पड़ताल के लिए पहुंचे एसपी देहात
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसपी देहात राजेश कुमार सुबह छह बजे ही सादे कपड़ों में पीपलीखेड़ा जा पहुंचे। अपने को एक जांच अधिकारी बताते कहा कि गीता की मौत के बारे में बताएं। जिसमें पड़ोस के लोगों ने बताया कि मुकेश अपनी पत्नी गीता पर शक करता था कि उसके पड़ोस के युवक से संबंध थे। रात में मुकेश ने गीता को पहले छत पर पीटा और उसके बाद कमरे में गिराकर डंडे बरसाए। वह बेहोश होकर मर गई। अस्पताल में भी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। पड़ोस की महिला, युवती समेत दस लोगों के बयान रिकॉर्ड किए गए और फिर पूछताछ की। लेकिन मुकेश और उसके परिजन गुमराह करने लगे। पुलिस का शक बढ़ गया। अगले दिन फिर फोरेंसिक टीम के साथ जांच की तो मुकेश को हिरासत में ले लिया गया। उसने बताया कि पत्नी की उसने ही हत्या की थी। तीन दिन की जांच पड़ताल के बाद 16 सितंबर 2017 को पुलिस की तरफ से हत्या का केस दर्ज हुआ और आरोपी मुकेश पत्नी की हत्या के आरोप में जेल गया था। पुलिस के अनुसार पत्नी की हत्या के बाद मुकेश ने प्रेम विवाह कर लिया था।
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16 माह बाद सच आया सामने
अगस्त 2017 में न्यूयॉर्क टाइम्स की महिला रिपोर्टर शोध करने के लिए खरखौदा के पीपलीखेड़ा गांव पहुंची थी। इस दौरान इस गांव के कुछ लोगों ने रिपोर्टर से बताया था कि ‘इस गांव की गीता की उसके पति ने हत्या कर दी थी, जिसे बाद में हादसा बता दिया गया था। यहीं से गीता की मौत की दबी हुई कहानी बाहर आनी शुरू हो गई। 19 अगस्त-2017 के न्यूयार्क टाइम्स के अंक में ‘हाऊ टू गैट अवे विद मर्डर इन स्मॉल-टाउन इंडिया’ शीर्षक से एक कॉलम छपा तो लखनऊ के अलावा गृह मंत्रालय भी हरकत में आ गया।
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