फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP Farmer in Up cross the river by playing with danger every day in Baghpat

जोखिम में जान: विकास के दावे फेल, यहां हर रोज खतरे से खेलकर नदी पार करते हैं बच्चे और किसान

Sat, 16 Mar 2019 12:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 16 Mar 2019 12:27 PM IST
विज्ञापन
UP Farmer in Up cross the river by playing with danger every day in Baghpat
जान जोखिम में डालकर नदी पार करते स्कूली बच्चे

आजादी के 72 साल बीत गए। गांव चमकाने के खूब दावे हुए। लखनऊ और दिल्ली में सरकारें बदलीं। लेकिन यहां ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। जरा-जरा सी बात पर जान का जोखिम है।

विज्ञापन


ऐसा ही यूपी के बागपत जिले का एक गांव रहतना भी है। यहां के लोग बल्लियों के सहारे कृष्णा नदी को पार कर खेतों तक जाते हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं। लेकिन इसकी सुध कोई नहीं ले रहा है: -
विज्ञापन


यहां काठा गांव में हुआ हादसा लोग अभी भूले नहीं है। तब यमुना नदी में नाव समाने के कारण 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 31 लोगों को किसी तरह ग्रामीणों ने बचा लिया था। यमुना पर पुल तो क्या बनता, सिस्टम ने रहतना गांव में कृष्णा नदी पर एक पुलिया तक नहीं बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रहतना गांव में बल्लियों को पार कर लोग खेतों में जाते हुए आज भी देखे जा सकते हैं। असल में गांव के आधे से अधिक किसानों का रकबा कृष्णा नदी के दूसरी तरफ है। खेतों पर जाने के लिए एक पुलिया तीन किमी दूर बरनावा और दूसरी करीब ढाई किमी दूर रंछाड़ में है। 

UP Farmer in Up cross the river by playing with danger every day in Baghpat
जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण

हर किसी से लगाई गुहार पर नहीं निकला कोई हल
यह रास्ता कई लोगों के लिए काल बन चुका हैं। नदी में गिरकर कई घायल हुए और कई ऐसे हैं, जिन्होंने बिस्तर पकड़ लिया। स्कूलों के छात्र-छात्राएं इन्हीं बल्लियों से बिनौली तक जाते हैं। इस मामले में प्रधान भारतवीर कहते हैं कि हर प्लेटफार्म पर यह समस्या रखी गई है। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। गांव के सामने एक छोटी पुलिया का निर्माण होना चाहिए, जिससे ग्रामीणों को सहूलियत हो सके।

समस्याएं यहां भी कम नहीं
कंडेरा, झूंडपुर, खपराना, अशरफाबाद थल सहित करीब 12 गांव ऐसे हैं, जहां हिंडन और कृष्णा नदी पर पुल नहीं है और ग्रामीण आए दिन मौत का सामना कर नदी पार करते हैं। हालांकि कंडेरा में पिछले दिनों पुल का शिलान्यास किया गया। यहां ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द पुल का निर्माण होना चाहिए।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed