यूपी: जिला पूर्ति निरीक्षक को 20 हजार की रिश्वत लेते दबोचा
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मेरठ में जिला पूर्ति कार्यालय में 20 हजार की रिश्वत लेते जिला पूर्ति निरीक्षक को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। निरीक्षक और उसके नौकर के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एंट्री करप्शन के इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह ने बताया कि परतापुर के गावड़ी गांव में रोशनी के नाम से सस्ते गल्ले की दुकान है। मोहिउद्दीनपुर गांव के सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त चल रही है। जिसका कोटा भी रोशनी कई महीनों से बांट रही थी। रोशनी ने एसडीएम ऑफिस में मोहिउद्दीनपुर की दुकान हटाने का प्रार्थनापत्र लगाया था, जो जांच के लिए जिला पूर्ति निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा के पास पहुंचा था।
आरोप है कि धर्मेंद्र ने दुकान हटाने की इस एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रोशनी के बेटे लोकेश कुमार ने रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी। रोशनी ने निरीक्षक धर्मेंद्र वर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत दी, तभी एंटी करप्शन टीम ने निरीक्षक को दबोच लिया।
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पैसे नौकर को सौंपे
धर्मेंद्र वर्मा ने रिश्वत का पैसा लेने के लिए ऑफिस में शिवशक्ति नगर ब्रह्मपुरी निवासी मयंक शर्मा को नौकरी पर रखा था। बृहस्पतिवार को भी निरीक्षक ने रिश्वत का पैसा लेते ही नौकर को सौंपा था। टीम ने मयंक को भी पकड़ लिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन के मुताबिक धर्मेंद्र वर्मा मूल निवासी रायपुर का है। उसका रिश्तेदार भाजपा विधायक बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र की सिफारिश में किसी नेता का फोन नहीं आया।
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