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यूपी: मेरठ के इस गांव का बुरा हाल, दो फीट तक भरा पानी, जलभराव से होकर गुजरी बुजुर्ग महिला की शवयात्रा

Tue, 29 Sep 2026 07:56 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Tue, 29 Sep 2026 07:56 PM IST
सार

बस्तौरा गांव में श्मशान घाट न होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए 10 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर जाना पड़ता है। मंगलवार को बुजुर्ग अतरी की मौत हो गई। बड़ी मुश्किल से घुटनों तक पानी में से होकर शवयात्रा को निकाला गया। 

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UP: Dire situation in this Meerut village; water levels have reached two feet
जलभराव से होकर गुजरते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के बस्तौरा नारंग गांव में अव्यवस्था की स्थिति मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला की शव यात्रा के दौरान सामने आई। गंगा के बढ़े जलस्तर और लगातार बारिश के कारण खादर क्षेत्र के इस गांव के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है। इस कारण 80 वर्षीय अतरी पत्नी रघुवर की शव यात्रा को ग्रामीणों को दो से तीन फीट पानी के बीच से निकालना पड़ा। मृतका का अंतिम संस्कार करीब 10 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर में किया गया। इस घटना ने गांव में बुनियादी सुविधाओं और जलभराव की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, अतरी की मंगलवार को मृत्यु हो गई। गांव के चारों ओर गंगा का पानी भरा होने के कारण परिजनों के सामने अंतिम संस्कार की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। गांव में अपना श्मशान घाट भी नहीं है। गंगा किनारे अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था और गांव से बाहर निकलने वाले संपर्क मार्ग भी जलमग्न थे। ऐसे में ग्रामीणों को शव को पानी के बीच से लेकर हस्तिनापुर जाना पड़ा। 
 
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शव यात्रा में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते में कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी भरा था। ग्रामीण शव को लेकर पानी के बीच से आगे बढ़ते रहे, जबकि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को भी जलभराव के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ी। बरसात के चलते गांव के आसपास के रास्तों और जंगलों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
 
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हर साल टूटता है रास्ता, ग्रामीण झेलते हैं परेशानी
शव यात्रा में शामिल रोहन वर्मा, राजपाल, डॉ. राजू, परमानंद, अमरचंद, विजयपाल, ऋषिपाल, भूपेंद्र, शराफत, जमील, जावेद और सतपाल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर है। हर साल बारिश और बाढ़ के दौरान सड़क टूटने से गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि खादर क्षेत्र के लोग लंबे समय से बांध निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों की मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन से सामान्य सड़क बनाने के बजाय संपर्क मार्ग को ऊंचा उठाकर मजबूत सीसी सड़क का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बाढ़ और बारिश के दौरान भी आवागमन सुचारु रह सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की भी मांग की है। ग्राम पंचायत के मनोज कुमार ने बताया कि गांव की सड़कों को सीसी रोड बनवाने के लिए कई बार अधिकारियों को लिखा गया है, परंतु अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

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