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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP: 356 people died in accidents in 11 months and now road safety campaign has started in Meerut

356 लोगों की मौत: 11 महीने में हादसों ने तोड़ा रिकॉर्ड, चौंकाने वाली है पूरी रिपोर्ट, आज से अभियान शुरू

Fri, 15 Dec 2023 02:46 PM IST
कपिल kapil सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, मेरठ
सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 15 Dec 2023 02:46 PM IST
सार

Meerut News : मेरठ जिले में बीते तीन साल में एक हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सबसे ज्यादा 356 लोगों की मौत इस साल जनवरी से लेकर नवंबर के महीने तक हुई है।

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UP: 356 people died in accidents in 11 months and now road safety campaign has started in Meerut
सड़क हादसा। सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सड़क हादसों को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा। शासन के निर्देश पर 15 से 31 दिसंबर तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जाएगा। यह अभियान हर साल चलाया जाता है। आंकड़ों पर गौर करें तो पता चल जाएगा कि इन अभियानों का असर जमीन पर कितना होता है।

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मेरठ जिले में बीते तीन साल में एक हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सबसे ज्यादा 356 लोगों की मौत इस साल जनवरी से लेकर नवंबर के महीने तक हुई है। इन 11 महीनों में हादसों की संख्या भी सबसे अधिक 854 रही। पिछले साल 2022 में जनवरी से दिसंबर तक यानी 12 महीनों में 850 हादसे हुए थे और 319 लोगों की मौत हुई थी। 2021 में हादसों की संख्या 710 थी और हादसों में मरने वालों की संख्या 327 थी। 2021 का एक बड़ा हिस्सा कोविड लॉकडाउन में गुजरा था।

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क्या कहते हैं पूरे प्रदेश के आंकड़े
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 2022 में सड़क हादसों की संख्या 36875 थी। इन हादसों में 24109 लोगों की जान गई थी। वहीं, 2021 में हादसों की संख्या 33711 थी जिसमें 21792 लोगों की जान गई थी।

डीजीपी की ओर से जारी किए गए हैं निर्देश
उत्तर प्रदेश के डीजीपी विजय कुमार की ओर से जिलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ठंड के मौसम में घने कोहरे और कम दृश्यता होने के कारण हादसे होते हैं। हादसों की संख्या और हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी लाए जाने के लिए सभी जिलों में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा आयोजित किए जाएं। वाहन चालकों और आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।

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पत्र के मुताबिक, सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सोशल मीडिया के जरिये आम जनमानस को जागरूक किया जाएगा। बस, ट्रक, ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी चालकों को उनके यूनियन के पदाधिकारियों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। कवायद ट्रैक्टर ट्रॉलियों के पीछे रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, बैक लाइट और फाग लाइट लगवाने की भी होगी।

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अभियान के दौरान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने, ड्रंक एंड ड्राइविंग, ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, दोपहिया पर हेलमेट व मोबाइल फोन लगाने, चारपहिया पर सीटबेल्ट लगाने व गलत दिशा में वाहन चलाना, वाहनों पर मॉडीफाइड साइलेन्सर, हूटर सायरन, प्रेशर हॉर्न व काली फिल्म का प्रयोग करने के संबंध में शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा।

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