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कंप्यूटर विभाग को मजबूत नहीं कर पा रहा विवि

Fri, 23 Apr 2021 02:40 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Apr 2021 02:40 AM IST
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University is not able to strengthen computer department
कंप्यूटर विभाग को मजबूत नहीं कर पा रहा विवि
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मेरठ। सीसीएसयू में शिक्षक-कर्मचारियों की नियुक्ति पर तो ध्यान दिया जाता रहा है लेकिन कंप्यूटर विभाग को आज तक मजबूत नहीं किया गया है। हर साल विवि एडमिशन और फॉर्म आदि भरवाने पर बाहर की कंपनी को सवा करोड़ रुपये के बिल का भुगतान करता है लेकिन अपने प्रोग्रामर आज तक नहीं रखे जा सके हैं। अगर विवि अपने कंप्यूटर विभाग को ही मजबूत करे तो हर साल करोड़ों रुपये बचाए जा सकते हैं।
सीसीएसयू में एडमिशन और फॉर्म आदि भरवाने का का जिम्मा सीसीएसयू ने निजी कंपनियों को दे रखा है। विवि कंपनी को प्रति छात्र के एडमिशन की एवज में करीब 37 रुपये का भुगतान करती है। फॉर्म आदि भरवाने की राशि निर्धारित है। हर साल विवि की तरफ से कंपनी को सवा करोड़ रुपये के करीब भुगतान किया जाता है। ये भी तब है जबकि विवि के पास कंप्यूटर का पूरा विभाग है लेकिन यहां पर गिनती का स्टाफ ही शुरू से काम कर रहा है। अगर विवि अपने कंप्यूटर विभाग को मजबूत करे तो हर साल करोड़ों रुपये बच सकते हैं। इसके साथ ही विवि का अपना डाटा बैंक मजबूत रहेगा। साल 2015 में एक कंपनी विवि का डाटा भी ले जा चुकी है, जिसके चलते बड़ी परेशानी उठानी पड़ी थी। कुछ दिन पहले विवि प्रशासन ने प्रोग्रामर की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया भी शुरू कराई लेकिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए कम सैलरी निर्धारित किए जाने पर गिनती के ही आवेदन आए।
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आने वाले समय में होगी मुश्किल
सहारनपुर विवि शुरू होने के बाद सीसीएसयू से तीन जिले बाहर चले जाएंगे। इनमें शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर शामिल हैं। गौतमबुद्घनगर राज्य विवि को भी मान्यता की शक्ति मिल चुकी है। ऐसे में कभी भी गौतमबुद्घनगर और बुलंदशहर जिला भी सीसीएसयू से हट सकता है। जिससे विवि की आय में कमी आएगी। विवि में खर्चे पहले से ही बढ़ते जा रहे हैं। कई सेल्फ फाइनेंस विभाग घाटे में चल रहे हैं। कुलपति प्रो. एनके तनेजा इसको लेकर कह भी चुके हैं कि विवि के अतिरिक्त खर्चों को कम किया जाए।
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