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पीसीएस 2020 में  मेरठ के होनहारों ने दिखाया दम उदित को पांचवीं और सचिन को प्रदेश में 18वीं रैंक

Tue, 13 Apr 2021 12:50 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 13 Apr 2021 12:50 AM IST
सार

- पीसीएस 2020 में मेरठ के होनहारों ने दिखाया दम
- रिजल्ट के बाद परिजनों ने मिठाई बांटकर जताई खुशी

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Udit of Meerut is ranked fifth in the PCS 2020 and Sachin is ranked 18th in the state
सचिन और उदित, pcs result 2020 - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश लोक  सेवा आयोग ने पीसीएस 2020 के नतीजे घोषित कर दिए।  मेरठ शहर के उदित पंवार की प्रदेश में पांचवीं और सचिन की 18वीं रैंक मिली है। कामयाबी से खुशी का माहौल है।

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मूल रूप से सरधना के गोटका गांव एवं वर्तमान में रुड़की रोड स्थित विवेक विहार कॉलोनी में रह रहे उदित पंवार ने यूपी पीसीएस की परीक्षा में पांचवां स्थान प्राप्त किया। वह डिप्टी कलेक्टर बने हैं।
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उदित के पिता उपेंद्र कुमार प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं, माता अनीता गृहिणी हैं। उदित बताते हैं कि रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई की। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहे, लेकिन पढ़ाई को कभी नजर अंदाज नहीं किया। 
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वहीं, मूल रूप से माछरा के डेरियो रछोती गांव निवासी  सचिन कसाना ने यूपी में 18वीं रैंक हासिल की है । सचिन 2014 से बेसिक शिक्षा विभाग में अमरोहा में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। पिता अजब सिंह कसाना गन्ना विभाग में बागपत में हैं, माता शिमला कसाना गृहिणी हैं। सचिन ने बताया कि यूपी पीसीएस की पांच बार परीक्षा दी। तीन बार वह साक्षात्कार तक पहुंचे और इस बार उनका चयन हुआ।

नौकरी छोड़कर घर पर ही शुरू की तैयारी
उदित पंवार ने 12वीं वेस्ट एंड रोड स्थित दीवान पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी से मेकेनिकल में बीटेक किया। एक साल प्राइवेट जॉब करने के बाद वह कई साल से घर पर रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे थे।  

वह बताते हैं कि प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने के दौरान उनको महसूस हुआ कि सिविल सर्विसेज में जाकर जनहित में कार्य कर सकते हैं, इसलिए इस तरफ रुझान बढ़ा। उदित का कहना है कि नौकरी में रहकर वह आर्थित तौर पर कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई में सहयोग करना चाहते हैं।

कुछ कर गुजरने के संकल्प से मिली कामयाबी
डेरियो रछोती गांव निवासी  सचिन कसाना बताते हैं कि उन्होंने मेरठ की सिविल एकेडमी से कोचिंग ली। सफलता का श्रेय एकेडमी के डायरेक्टर इंजीनियर अभिषेक शर्मा को दिया। कामयाबी के लिए रोजाना 8 से 10 घंटे कोचिंग की।

वह कहते हैं कि शुरू से ही सकारात्मक सोच रही। लगातार कड़ी मेहनत करते रहे कभी हिम्मत नहीं हारी। सोशल मीडिया पर वह ज्यादा सक्त्रिस्य नहीं रहे। हाई स्कूल और इंटर राजकीय इंटर कॉलेज से किया, ग्रेजुएशन मेरठ कॉलेज और पीजी एनएएस कॉलेज से किया।

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