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दो साल बाद भी फाइलों में कैद है नगर निगम का मॉडल स्कूल
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दो साल बाद भी फाइलों में कैद है नगर निगम का मॉडल स्कूल
मेरठ। नगर निगम का सरदार पटेल इंटर कॉलेज शहर के मॉडल स्कूलों में से एक होगा। बहुमंजिला इमारत वाला यह स्कूल आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। शहरवासियों को यह सपना नगर निगम ने वर्ष 2017 में दिखाया था। उस दौरान स्कूल के लिए इमारत का सर्वे कर डिजाइन भी तैयार किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी नगर निगम अफसर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ चुके, ऐसे मॉडल स्कूल का यह प्लान फाइलों में ही कैद हो कर रह गया।
1945 में हुआ था कॉलेज का निर्माण
शारदा रोड स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज का निर्माण वर्ष 1945 में किया गया था। स्कूल की बिल्डिंग अब जर्जर हो चुकी है। कई कक्षाओं की जर्जर हालत को देखते हुए उनमें ताला लगा हुआ है। इनके आसपास अध्यापकों और विद्यार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। यह बात खुद नगर निगम अधिकारी मान चुके हैं कि स्कूल का भवन कभी भी गिर सकता है। इसी जर्जर भवन में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन नगर निगम अफसरों को उनकी जरा भी फिक्र नहीं।
पूर्व विधायक और महापौर ने शासन को भेजा था प्रस्ताव
पूर्व शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने उप्र की पूर्व सरकार को कॉलेज की जर्जर इमारत के स्थान पर नए भवन बनाने के लिए धनराशि जारी करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इतने गंभीर मुद्दे पर भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया था। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने सरदार पटेल इंटर कॉलेज की भूमि पर चार मंजिला इमारत बनाने के लिए रूपरेखा तैयार करते हुए इसका एस्टीमेट तैयार किया था। मई 2018 में नगर निगम ने आर्किटेक्ट का चयन कर डीपीआर बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद अफसरों ने इस प्रोजेक्ट की सुध भी नहीं ली, जिसके कारण विद्यार्थी अभी भी जर्जर भवन में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
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इन विशेषताओं से लैस होगा स्कूल
चार मंजिला भवन
लिफ्ट की सुविधा
इंटरनेशनल स्तर के शौचालय
आधुनिक कम्प्यूटर लैब
सौर ऊर्जा से होगा संचालित
वाहन पार्किंग की भी होगी सुविधा
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगेगा।
ड्राइंग भी नगर निगम को मिल चुकी
पूर्व में बिल्डिंग का सर्वे हो चुका है, आर्किटेक्ट ने ड्राइंग भी नगर निगम को सौंप दी है। इस विषय पर चर्चा हुई थी, इस पर काम कराया जाएगा।
- यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम।
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मेरठ। नगर निगम का सरदार पटेल इंटर कॉलेज शहर के मॉडल स्कूलों में से एक होगा। बहुमंजिला इमारत वाला यह स्कूल आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। शहरवासियों को यह सपना नगर निगम ने वर्ष 2017 में दिखाया था। उस दौरान स्कूल के लिए इमारत का सर्वे कर डिजाइन भी तैयार किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी नगर निगम अफसर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ चुके, ऐसे मॉडल स्कूल का यह प्लान फाइलों में ही कैद हो कर रह गया।
1945 में हुआ था कॉलेज का निर्माण
शारदा रोड स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज का निर्माण वर्ष 1945 में किया गया था। स्कूल की बिल्डिंग अब जर्जर हो चुकी है। कई कक्षाओं की जर्जर हालत को देखते हुए उनमें ताला लगा हुआ है। इनके आसपास अध्यापकों और विद्यार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। यह बात खुद नगर निगम अधिकारी मान चुके हैं कि स्कूल का भवन कभी भी गिर सकता है। इसी जर्जर भवन में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन नगर निगम अफसरों को उनकी जरा भी फिक्र नहीं।
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पूर्व विधायक और महापौर ने शासन को भेजा था प्रस्ताव
पूर्व शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने उप्र की पूर्व सरकार को कॉलेज की जर्जर इमारत के स्थान पर नए भवन बनाने के लिए धनराशि जारी करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इतने गंभीर मुद्दे पर भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया था। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने सरदार पटेल इंटर कॉलेज की भूमि पर चार मंजिला इमारत बनाने के लिए रूपरेखा तैयार करते हुए इसका एस्टीमेट तैयार किया था। मई 2018 में नगर निगम ने आर्किटेक्ट का चयन कर डीपीआर बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद अफसरों ने इस प्रोजेक्ट की सुध भी नहीं ली, जिसके कारण विद्यार्थी अभी भी जर्जर भवन में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
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इन विशेषताओं से लैस होगा स्कूल
चार मंजिला भवन
लिफ्ट की सुविधा
इंटरनेशनल स्तर के शौचालय
आधुनिक कम्प्यूटर लैब
सौर ऊर्जा से होगा संचालित
वाहन पार्किंग की भी होगी सुविधा
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगेगा।
ड्राइंग भी नगर निगम को मिल चुकी
पूर्व में बिल्डिंग का सर्वे हो चुका है, आर्किटेक्ट ने ड्राइंग भी नगर निगम को सौंप दी है। इस विषय पर चर्चा हुई थी, इस पर काम कराया जाएगा।
- यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम।