उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोतीगंज स्थित जन्नत निशां कोठी पर बखेड़ा हो गया। यहां देहलीगेट थाने के दो दरोगाओं की लोगों ने जमकर पिटाई कर दी और उन्हें बंधक बनाने का प्रयास किया गया। इसके बाद घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दोनों दरोगा छेड़छाड़ के मुकदमे के संबंध में नामजद आरोपियों को नोटिस देने और विवेचना के लिए आए थे। इसी दौरान महिलाओं ने हमला कर हंगामा कर दिया। पुलिस की पिटाई की जानकारी मिलने पर देहलीगेट और सदर बाजार पुलिस पहुंची। इस मामले में पुलिस ने दो महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
यूपी: मेरठ में दो दरोगाओं को जमकर पीटा, बंधक बनाने का प्रयास, भागकर बचाई जान, देखिए तस्वीरें
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वहीं अब एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पुराने मुकदमों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते ही देहलीगेट पुलिस ने पीड़ित महिला के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए। इसमें महिला ने चार लोगों के नाम और बताए। मंगलवार दोपहर देहलीगेट थाने के दो दरोगा मोहसिन और बीर पाल सिंह चारों लोगों को 41(ए) का नोटिस देने के लिए कोठी पर पहुंच गए। आरोप है कि कोठी पर केयरटेकर और वहां सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस पर हमला कर दिया। दोनों दरोगा को महिलाओं और कोठी पर मौजूद लोगों ने पीटा।
बताया गया कि दरोगा बीर पाल सिंह के हाथ में एक महिला ने दांत से काट लिया। दरोगाओं की पिटाई का पता लगते ही देहलीगेट और सदर बाजार थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने दोनों दरोगा को पीटने के आरोपी अदनान व उसके बेटे के अलावा दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के खिलाफ काफी देर तक हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया।
पुलिस से होती रही हाथापाई, जान बचाकर भागे दरोगा
बताया गया है कि दोनों दरोगाओं को कोठी पर बंधक बनाने का प्रयास किया गया। इससे पहले काफी देर तक पुलिस और लोगों के बीच हाथापाई होती रही। हालात बेकाबू होने पर दोनों दरोगाओं को जान बचाकर भागना पड़ा। दरोगा जैसे-तैसे कर सड़क पर बाहर आए। तब जाकर उन्होंने एक युवक को पकड़ा। सड़क पर भी पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। वहीं इस हमले के पीछे साजिश भी बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से पकड़े चारों लोगों को पुलिस से अभद्रता, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की धारा में केस दर्ज कर लिया है।
थानेदार और सीओ को नहीं दी जानकारी
दोनों दरोगा आरोपियों को नोटिस देने गए। इसकी जानकारी उन्होंने थानेदार या फिर सीओ को भी नहीं दी। जन्नत निशां पर पहले भी पुलिस के साथ बदसलूकी हुई है। यह मामला हाईप्रोफाइल बताया गया है। इसके बावजूद पुलिस ने ऐसी लापरवाही क्यों की। आरोपियों को नोटिस देना था तो थाने से पुलिस फोर्स क्यों नहीं ले गए। एक ही बाइक पर बैठकर दोनों दरोगा क्यों गए। इसको लेकर भी सवाल जवाब किए जा रहे हैं। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने इस पूरे प्रकरण की जांच करने की बात कही है।