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हाजीपुर में हत्याकांड के खुलासे को लेकर दो पक्ष भिड़े
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हाजीपुर में हत्याकांड के खुलासे को लेकर दो पक्ष भिड़े
खरखौदा। क्षेत्र के गांव हाजीपुर में दो माह पहले आमीन हत्याकांड का पुलिस ने दो दिन पहले खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आमीन की बहन ने अपने प्रेमी से हत्या कराई थी। पुलिस ने आरोपी मोहसिना व उसके प्रेमी सारिक को जेल भेज दिया था। इसी खुलासे को लेकर सारिक पक्ष व पूर्व प्रधान पक्ष में पथराव हो गया। मामले में पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्जकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गांव हाजीपुर में आमीन (22) पुत्र बख्शी 23 मार्च को घर से लापता हो गया था। एक सप्ताह बाद गांव के बाहर ईदगाह के पास उसका शव मिला था। मृतक पक्ष ने रंजिश दिखाते हुए डासना के चार लोगों को नामजद किया था। पुलिस दो माह तक पूर्व प्रधान पक्ष के भतीजे को आरोपी मानती रही। उससे कई बार पूछताछ भी की। लेकिन मामले का खुलासा नहीं हो सका। बाद में पुलिस ने सीडीआर के आधार पर मृतक की बहन मोहसिना व गांव निवासी उसके प्रेमी सारिक पुत्र हाजी यूसुफ को आरोपी बना दिया। दो दिन पहले सीओ किठौर ने मामले का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को पूर्व प्रधान पक्ष व सारिक पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से पथराव, लाठी-डंडे और फायरिंग हुई। इसमें दो लोग घायल हुए। किसी भी पक्ष ने मामला दर्ज नहीं कराया। सारिक पक्ष का आरोप है कि पूर्व प्रधान पक्ष ने पुलिस से साठगांठ कर भतीजे को हत्याकांड के खुलासे से बचा लिया। सारिक को जेल भिजवा दिया। इस मामले में पुलिस ने अपनी ओर से बलवा, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आबिद पुत्र जलालुद्दीन, उस्मान पुत्र युसूफ, सलमान पुत्र युसूफ को गिरफ्तार किया है।
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खरखौदा। क्षेत्र के गांव हाजीपुर में दो माह पहले आमीन हत्याकांड का पुलिस ने दो दिन पहले खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आमीन की बहन ने अपने प्रेमी से हत्या कराई थी। पुलिस ने आरोपी मोहसिना व उसके प्रेमी सारिक को जेल भेज दिया था। इसी खुलासे को लेकर सारिक पक्ष व पूर्व प्रधान पक्ष में पथराव हो गया। मामले में पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्जकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गांव हाजीपुर में आमीन (22) पुत्र बख्शी 23 मार्च को घर से लापता हो गया था। एक सप्ताह बाद गांव के बाहर ईदगाह के पास उसका शव मिला था। मृतक पक्ष ने रंजिश दिखाते हुए डासना के चार लोगों को नामजद किया था। पुलिस दो माह तक पूर्व प्रधान पक्ष के भतीजे को आरोपी मानती रही। उससे कई बार पूछताछ भी की। लेकिन मामले का खुलासा नहीं हो सका। बाद में पुलिस ने सीडीआर के आधार पर मृतक की बहन मोहसिना व गांव निवासी उसके प्रेमी सारिक पुत्र हाजी यूसुफ को आरोपी बना दिया। दो दिन पहले सीओ किठौर ने मामले का खुलासा किया।
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पुलिस के अनुसार, सोमवार को पूर्व प्रधान पक्ष व सारिक पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से पथराव, लाठी-डंडे और फायरिंग हुई। इसमें दो लोग घायल हुए। किसी भी पक्ष ने मामला दर्ज नहीं कराया। सारिक पक्ष का आरोप है कि पूर्व प्रधान पक्ष ने पुलिस से साठगांठ कर भतीजे को हत्याकांड के खुलासे से बचा लिया। सारिक को जेल भिजवा दिया। इस मामले में पुलिस ने अपनी ओर से बलवा, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आबिद पुत्र जलालुद्दीन, उस्मान पुत्र युसूफ, सलमान पुत्र युसूफ को गिरफ्तार किया है।
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