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फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए मेरठ-गाजियाबाद समेत कई शहरों में लाखों की ठगी, दो गिरफ्तार

Mon, 11 Nov 2019 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 11 Nov 2019 01:27 AM IST
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Two arrested for cheating crores by opening fake finance company
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सांकेतिक
लोन देने वाली फर्जी पारस फाइनेंस कंपनी खोलकर हजारों लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। फाइल चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर आवेदकों के लाखों रुपये डकार लिए गए। आरोपियों ने गाजियाबाद में ऑफिस बनाया हुआ था। मेरठ में एक युवक के पकड़े जाने पर अन्य आरोपी किराये का ऑफिस खाली करके फरार हो गए।
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कंकरखेड़ा निवासी सतीश, शास्त्रीनगर निवासी अनुज और निवासी प्रमोद ने एसएसपी ऑफिस पर शिकायत की थी कि गाजियाबाद की एक बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने विज्ञापन निकाला था। आधार कार्ड और 10 वीं-12वीं की मार्कशीट के आधार पर पर्सनल लोन, बिजनस लोन, एजुकेशन लोन व होम लोन देने के बारे में जानकारी दी गई थी।
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साथ ही लोन एजेंट बनकर मोटी कमाई करने का ऑफर भी दिया गया था। इसके बाद उन्होंने पर्चे पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो तन्मय मिश्रा नाम के कंपनी के सलाहकार ने उनसे व्हाट्स एप पर शैक्षिक प्रमाणपत्र मंगवाकर 24 मई को उन्हें ज्वाइनिंग लेटर भेज दिया।
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लेटर में लिखा था कि उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये वेतन और प्रत्येक केस पर 2 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। उन्हें हर महीने लोन के 10 से 15 केस कंपनी में भेजने को कहा गया था। तन्मय ने फोन करके उन्हें बताया कि वह 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन दिलवाने के लिए लोगों से 6-6 हजार रुपये फाइल चार्ज लेकर कंपनी के खाते में डलवाए।

20 युवकों ने 43 हजार रुपये तक जमा करा दिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने मेरठ के अलावा बिजनौर, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद व अन्य जिलों में जाकर लोगों से लोन के नाम पर करोड़ों की ठगी कर ली। आरोपी ने लोगों से 6 हजार से लेकर 70 हजार तक रुपए हड़प लिए। लेकिन पुलिस ने मामला गाजियाबाद का बता दिया था।

ऑफिस में बाउंसरों ने दी धमकी
पीड़ित युवकों का आरोप है कि 25 जून को कंपनी के खाते में जाकर जमा करवा दिया। इसके बाद उनसे कहा गया कि 5 लोगों से कम केस होने पर किसी का भी लोन स्वीकृत नहीं होगा। कुछ दिन बाद उन्होंने 2-3 लोगों की प्रोसेसिंग फीस और बंधन बैंक के खाते मे जमा करवा दी।

पैसा खातों में नहीं आया तो उन्होंने 8 जुलाई को तन्मय को फोन किया। इस तरह उनसे रुपये मांगे जाते रहे। ऑफिस में फर्जी फाइनेंस कंपनी के लोगों ने बाउंसरों से धमकी दी। बाद में पुलिस से शिकायत कर जुलाई में फिर से गाजियाबाद स्थित कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कंपनी का एमडी और सलाहकार जुलाई को ही ऑफिस खाली करके भाग गए हैं।

पुलिस बुलवाकर पकड़वाया
पीड़ित युवकों ने आरोपी को बुलवाया, जिस पर आरोपी भैसाली बस अड्डे पर पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद सदर बाजार पुलिस ने आरोपी सर्वेश मिश्रा को पकड़ लिया। पीड़ित महिला सुषमा ने आरोपी के खिलाफ थाना सदर बाजार में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि सर्वेश और एक अन्य को पकड़ा गया है जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपी 200 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। यह गिरोह छह से सात माह में अपना ऑफिस बदल देता है।

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