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पुलिस गिरफ्त से जिपं सदस्य के परिवार को छुड़ाने की कोशिश

Sat, 19 Jun 2021 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 11:52 PM IST
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Trying to rescue the family of Zip member from police custody
बागपत के बड़ौत में बस स्टैंड बिनौली पर जाम लगाकर बैठे रालोद और सपा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते - फोटो : BARAUT
पुलिस गिरफ्त से जिपं सदस्य के परिवार को छुड़ाने की कोशिश
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रालोद और सपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी के विरोध में थाना घेरा, पुलिस कर्मियों से नोकझोंक
मेरठ-बड़ौत रोड पर लगाया जाम, धरने पर बैठे, एसडीएम-सीओ के आश्वासन पर शांत हुए
भाजपा नेता ने दर्ज कराई थी जिपं सदस्य और उसके तीन परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत/ बिनौली (बागपत)। वार्ड नंबर तीन से सपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य महबूब अलवी के दो बेटों आदिल व राजू और भाई मतलूब की गिरफ्तारी के विरोध में रालोद और सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बिनौली थाने का घेराव किया। कार्यकर्ताओं की पुलिस कर्मियों से नोंकझोंक भी हुई। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बड़ौत-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। मामला बढ़ने लगा तो पुलिस आरोपियों को बागपत ले जाने लगी। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने रास्ते में आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश की। पुलिसकर्मी किसी तरह चारों को लेकर वहां से निकले। उधर, एसडीएम व सीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर कार्यकर्ताओं को शांत किया।
भाजपा नेता सतीश वाल्मीकि पुत्र प्रेम सिंह ने शुक्रवार की शाम को बिनौली थाने में जिला पंचायत सदस्य महबूब अलवी, उसके भाई मतलूब, बेटे आदिल और राजू के खिलाफ घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर शनिवार की सुबह चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर आदिल, राजू और मतलूब को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी सूचना पर रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे विश्वास चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बिनौली थाने पहुंचे और पकड़े गए जिला पंचायत सदस्य महबूब अलवी के परिवार के लोगों के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने उन्हें आरोपियों को गिरफ्तार न करने की बात बताई। नेताओं को जानकारी मिली कि पुलिस ने चारों लोगों को बिनौली में ही एक अन्य जगह पर छिपा रखा है। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर रालोद के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप उज्ज्वल, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, अरुण तोमर, बॉबी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना, राजू तोमर, श्रीपाल धामा, गगन धामा, संजीव मान, मोहित मुखिया, उपेंद्र प्रधान, मनोज तोमर, कपिल आदि भी थाने पहुंच गए और पकड़े गए तीनों लोगाें को छोड़ने की जिद पर अड़ गए।
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मामला बढ़ता देख पुलिस दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आरोपियों को बागपत ले जाने लगी। इस पर रालोद और सपा नेताओं ने पुलिस की जीप के पीछे दौड़ लगा दी। कुछ ने अपने वाहनों से पुलिस का पीछा भी किया। रास्ते में पुलिस की गाड़ी पंक्चर हो गई। दूसरी गाड़ी मंगाई गई। आरोपियों को दूसरी गाड़ी में बैठाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी का पीछा कर रहे कुछ लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने आरोपियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने की कोशिश की। सख्ती दिखाते हुए पुलिस किसी तरह आरोपियों को वहां से लेकर निकली। इसके बाद पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए रालोद और सपा कार्यकर्ताओं ने बड़ौत-मेरठ मार्ग स्थित बिनौली बस स्टैंड जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम दुर्गेश मिश्र और सीओ आलोक कुमार मौके पहुंचे और जाम खोलने की अपील की, लेकिन कार्यकर्ता पहले हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की जिद पर अड़े रहे।
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इस पर दोनों अधिकारियों ने पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल बनाकर थाने में बैठकर वार्ता करने का भी प्रस्ताव दिया। मगर, नेताओं ने साफ कह दिया कि अधिकारी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर लें, लेकिन धरना खत्म नहीं होगा। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से बिनौली थाने में वार्ता की। इसमें धरना समाप्त करने पर सहमति बनी। रालोद जिलाध्यक्ष डॉ. जगपाल तेवतिया ने बताया कि उनका आंदोलन उस समय तक जारी रहेगा, जब तक पुलिस उन सभी लोगों को रिहा नहीं कर देती। जांच अधिकारी से मिलकर अपना पक्ष रखने पर फिलहाल सहमति बनी है। आगे की रणनीति जांच अधिकारी से मिलने के बाद बनाई जाएगी।
वीडियो हुआ वायरल, जांच भी शुरू
जिला पंचायत सदस्य महबूब अलवी के दो बेटों आदिल व राजू और भाई मतलूब को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने की कोशिश का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से लेकर इस मामले का कोई लेना देना नहीं है। पुलिस हिरासत से आरोपियों को छुड़ाने के प्रयास के मामले की जांच कर रही है, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जाम के कारण करना पड़ा रूट डायवर्ट
रालोद और सपा कार्यकर्ताओं के बड़ौत-मेरठ मार्ग पर जाम लगाने से वाहनों का आवागमन रुक गया। दोनों ओर लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकलवाया। इससे यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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