UP: राज्यसभा में मेरठ के हो जाएंगे तीन सदस्य, पांच साल बाद राजनीति की मुख्यधारा में वापसी करेंगे लक्ष्मीकांत वाजपेयी
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि राज्यसभा पहुंचने के बाद छह माह के भीतर मेरठ समेत देश की सभी छावनियों के सिविल क्षेत्रों को नगर निगमों में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। अन्य सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
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पांच साल बाद राजनीति की मुख्यधारा में डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की वापसी होगी। भाजपा ने 2017 के बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को बड़ी जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है, यानी अब वह राज्यसभा सदस्य बनेंगे। इनके निर्वाचन के बाद राज्यसभा में मेरठ के तीन सदस्य होंगे। इससे मेरठ के विकास और जनहित के मुद्दों पर राज्यसभा में मजबूती से चर्चा हो सकेगी।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी 2012 से 2016 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा को सबसे अधिक सीटें मिली थीं। उस समय कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी इन्हें किसी बड़े पद पर बैठाकर जीत का उपहार देगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भाजपा ने अब इन्हें राज्यसभा सदस्य बनाने का निर्णय लेकर बड़ा कदम उठाया है।
इनका राजनीतिक सफर 1977 में जनता युवा मोर्चा मेरठ महानगर के अध्यक्ष पद से शुरू हुआ। 1980 से 1989 तक भाजपा मेरठ के महामंत्री रहे। उत्तर प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष भी रहे। इन्होंने भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए पार्टी को उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक लोकसभा सीटें दिलवाईं। भाजपा को 71 और दो सीटें इनके सहयोगी दल अपना दल को मिली थीं। 1989 में मेरठ शहर से पहली बार विधायक चुने गए। 1996, 2002 और 2012 में भी विधान सभा पहुंचे। भाजपा विधान मंडल दल के मुख्य सचेतक रहे।
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कई समितियों के सदस्य भी रहे। साल 2000 से 2001 तक विधान पुस्तकालय समिति के कार्यवाहक सभापति रहे। 2002 से 2003 तक दुग्ध विकास राज्य मंत्री मंत्री भी रहे। साल 2012 से 2016 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहे। 2021 में भाजपा की ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए।
सभी छावनियों के सिविल क्षेत्रों को निगम में कराया जाएगा शामिल : लक्ष्मीकांत
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि राज्यसभा पहुंचने के बाद छह माह के भीतर मेरठ समेत देश की सभी छावनियों के सिविल क्षेत्रों को नगर निगमों में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। अब से पहले भी रक्षामंत्रालय में इस समस्या को उठाया जा चुका है। इस समय समस्त छावनियों के सिविल इलाकों में रह रही जनता अंग्रेजी कानून से परेशान है। विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ को वह सब कुछ दिलाने का प्रयास करुंगा जो अब तक नहीं मिल पाया है। मेरठ छावनी ही नहीं बल्कि देश की सभी छावनी आर्थिक संकट से जूझ रही हैं।
मेरठ का प्रतिनिधित्व होगा और मजबूत
डॉ. वाजपेयी को राज्यसभा का टिकट मिल गया है। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मेरठ से तीन राज्यसभा सदस्य हो जाएंगे। पहले ही कांता कर्दम और विजयपाल तोमर के रूप में दो राज्यसभा सदस्य हैं। प्रदेश सरकार में दो राज्यमंत्री भी मेरठ से हैं। ऐसे में प्रदेश में मेरठ के प्रतिनिधित्व को अब और भी मजबूती मिलेगी। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक, ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज और जिलाध्यक्ष विमल शर्मा आदि ने डॉ. वाजपेयी को बधाई दी है।