ये घटनाएं कहीं मेरठ में बवाल न करा दें, पुलिस कर रही लापरवाही
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मेरठ में पुलिस अफसरों के लिए युवतियों के अपहरण के मामले इस समय किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं। घटना भी ऐसी, जिनमें अपहरण के आरोपी दूसरे समुदाय के हैं। न तो युवती बरामद हुई और न ही आरोपी गिरफ्तार हुए। भाजपा नेता और बजरंग दल के कार्यकर्ता लगातार थानों का घेराव कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस की लापरवाही बवाल न करा दें।
परीक्षितढ़ क्षेत्र की घटना को लेकर अब खुफिया विभाग की टीम भी अलर्ट है। इस मामले में भाजपा विधायक भी सामने आ चुके हैं। महापंचायत का ऐलान भी किया जा चुका है। लेकिन पुलिस अभी तक खाली हाथ है।
पुलिस बना रही समझौते का दबाव
खरखौदा निवासी एक युवती का दूसरे समुदाय के युवक ने चार दिन पहले अपहरण कर लिया। पुलिस ने युवती के परिजनों पर ही समझौते का दबाव बनाया। बाद में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी तो गिरफ्तार नहीं हुआ, पुलिस निर्दोष युवकों का थाने में उत्पीड़न कर रही है।
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दस दिन पहले अपहरण
शास्त्रीनगर से सटी एक कालोनी निवासी युवती को दस दिन पहले लिसाड़ीगेट निवासी दूसरे समुदाय का युवक अपहरण कर ले गया। आरोप है कि युवक ने युवती का धर्मपरिवर्तन कराकर उससे निकाह कर लिया। शनिवार रात को भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने में इंस्पेक्टर का घेराव कर नारेबाजी की। पुलिस को तीन दिन का समय दिया गया था।
एक माह से तनाव
परीक्षितगढ़ क्षेत्र के एक गांव निवासी नवविवाहिता का एक माह पहले हिस्ट्रीशीटर शहजाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण कर लिया था। पुलिस ने शहजाद के तीन साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं अपहरण में प्रयुक्त कार भी बरामद की थी। एक माह से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
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