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थानों में लावारिस पड़े 1225 लाइसेंसी हथियार, पुलिस फ्री में कर रही पहरेदारी

Thu, 03 May 2018 11:59 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, गजेंद्र चौधरी, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, गजेंद्र चौधरी, मेरठ Updated Thu, 03 May 2018 11:59 AM IST
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There are 1225 licensed arms in Meerut police stations
थानों में लावारिस पड़े 1225 लाइसेंसी हथियार - फोटो : अमर उजाला

मेरठ जिले के 1225 शस्त्र लाइसेंस धारक अब अपने हथियार का भार नहीं उठा पा रहे हैं। चुनाव के समय या विदेश जाने के दौरान थानों में जमा कराए गए इन हथियारों को सालों से कोई लेने नहीं आया। मालखाने में यह लावारिस से पड़े हैं। पुलिस ने लाइसेंस धारकों की तलाश कराई तो कई विदेश में मिले तो कई का पता ही नहीं चला। आजकल थानों में यह हाल है कि कोई हथियार जमा कराने पहुंच जाए तो पुलिस दूर से ही हाथ जोड़ लेती है। 

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साकेत, डिफेंस कॉलोनी, शास्त्रीनगर समेत शहर की एक दर्जन पॉश कॉलोनी में रहने वाले लोग विदेश जाने से पहले थाने में अपने लाइसेंसी हथियार जमा करा गए। लेकिन आज तक उसे लेने नहीं आए। इसके चलते सिविल लाइन, लालकुर्ती, गंगानगर और सदर बाजार थाने का मालखाना इन लाइसेंसी हथियारों से भरा पड़ा है। कई लोगों के पास तो दो-दो लाइसेंसी हथियार हैं।  
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दुनाली बंदूक सबसे ज्यादा
पुलिस का कहना है कि थानों में पिस्टल, रिवाल्वर, राइफल से ज्यादा दुनाली बंदूकें जमा हैं। कई लोग थाने में रखी बंदूक को बेचना चाहते हैं। पुलिस ने बताया कि थाने में लाइसेंसी हथियार रखते समय कई लोग बोलकर गए थे कि अगर वह नहीं आएं तो उनकी बंदूक बेच देना। जो भी पैसा मिले उसे ऑनलाइन उनके खाते में डाल देना। 
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अगर थाने से कोई अपना लाइसेंसी हथियार लेने नहीं आता तो पुलिस उनको कलक्ट्रेट स्थित नजारत में जमा करेगी। नजारत में जुर्माना भरने के बाद हथियार मिल पाएगा। अब यह प्रक्रिया कराई जाएगी। हवाई फायरिंग करने वालों के लाइसेंस भी थाने में जमा हैं। -मंजिल सैनी दहल, एसएसपी

थानों में पुलिस फ्री में कर रही पहरेदारी

There are 1225 licensed arms in Meerut police stations
फाइल फोटो

थानों में रखे इन हथियारों की पुलिस मुफ्त में पहरेदारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, लाइसेंसी शस्त्र थानों में रखने के लिए कोई किराया नहीं लिया जाता। थानों में शस्त्र जमा कराने का यह भी एक बड़ा कारण है। थानों के हेड मोहर्रिर ने कई बार पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। 

हथियार रखवा दो मंत्री जी
अब तो ये हालत हैं कि पुलिस थानों में लाइसेंसी हथियार रखवाने के लिए लोग मंत्रीजी तक की सिफारिश लेकर आ रहे हैं। मालखाने में जगह न होने का हवाला देने पर लोग प्रशासनिक अधिकारी से परमीशन लेकर अपने हथियार दूसरे राज्यों में ले जाते हैं। इसके लिए उनको अलग से फीस देनी पड़ती है। सिविल लाइन, लालकुर्ती और सदर बाजार में ऐसे कई मामले रोजाना आते हैं। 

चुनाव में हालत खराब
लोकसभा, विधानसभा, निकाय चुनाव, प्रधानी चुनाव में जिले की पुलिस 23 हजार लाइसेंसी हथियार थाने में जमा कराती हैं। ताकि कोई इसका दुरुपयोग न करे। पुलिस का मानना है कि चुनाव के दौरान ही लाइसेंसी हथियार थाने में जमा होते है। लोग इसका फायदा उठाते हैं।

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