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राष्ट्र निर्माण पर सही से नहीं हुआ काम - पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सुभाष चंद्र प्रेक्षागार में भविष्य का भारत संगोष्ठी में मौजूद
- फोटो : MODIPURAM
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मेरठ।
जिस इतिहास को पढ़कर हम बड़े हुए, जिस संविधान की दुहाई दी जाती है। उसी संविधान के साथ कई बार जघन्य अपराध हुए। लेकिन उनके बारे में देश में कभी चर्चा नहीं हुई। आजादी के बाद दस सालों में राष्ट्र निर्माण के लिए सही तरह से काम नहीं किया गया। उस वक्त न कोई विचारधारा थी न किसी से वोट लेने थे। देश अगले सौ सालों में कैसा हो, इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा। यह बात सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में जाने माने वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कही।
भविष्य का भारत विषय पर हुई संगोष्ठी में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमारे यहां सत्ता पर बैठने के बाद उसको बचाने की प्रवृति शुरू से ही पैदा हो गई। हमारा राज्य कैसे मजबूत बना रहे। कैसे हम सत्ता में बने रहें। इसको लेकर ही हमारे यहां पर चीजें तय की गईं। छोटी-छोटी घटनाओं ने देश को ग्रस्त करके रखा। जो सत्ता में रहे उन्होंने तमाम ऐसे लोगों को यूनिवर्सिटी और दूसरे संस्थानों में बिठा दिया, जिन्होंने काम कम किया, डराया ज्यादा। बीच बीच में हालात बिगड़े तो देश के मूल निवासियों को अपने सनातन का ध्यान आया तो नए नए स्लोगन दिए जाने लगे। जो वास्तविकता में थे ही नहीं। आज लोग राष्ट्रवाद पर सुनना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि 70 साल में हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां ये समझ नहीं आता कि हमने 2014 तय करने में इतनी देर क्यों की। मेरी कोई विचारधारा नहीं है। मेरी कोई पार्टी या संगठन नहीं है। मुझे लगता है कि देश में 70 साल बाद ऐसी भूख पैदा हुई है, जो सच सुनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप आज के दौर में कुछ लिख सकते हैं तो लिखने की बहुत जगह है। लिख नहीं सकते तो बोलिए। बोल नहीं सकते तो चिल्लाइए अगर ये नहीं कर सकते हैं तो चिल्लाने वाले के साथ खड़े हो जाइए।
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1947 के बाद की पीढ़ी को झूठ और मक्कारी की घुट्टी पढ़ाई गई। कहा कि मेरी सनातन के ऊपर स्टडी ये कहती है कि इस ब्रह्मांड की जबसे उत्पत्ति हुई होगी और जब तक यह रहेगा तब तक एक ही धर्म था सनातन धर्म। धर्म एक है मजहब बहुत सारे हैं। धर्म और मजहब अलग-अलग हैं। 70 साल से देश चल रहा था। दुनिया में सरकारों का काम देश चलाना होता है। विकास करना होता है, लेकिन हम यह पहली बार देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने को लेकर सुन-सुनकर थक गए, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ। कुछ लोगों को लगता है कि कुछ अनुच्छेद हटे हैं, लेकिन ये समझने की जरूरत है कि जम्मू-कश्मीर से सिर्फ दो अनुच्छेद नहीं हटे हैं, बल्कि ऐसा हो गया कि पाकिस्तान उसको आज तक भी नहीं पचा पा रहा है।
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हर साल बढ़ रही 1.60 करोड़ आबादी : मनु गौड़
सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता बोले, 2050 तक होगी देश की स्थिति भयावह
मेरठ। वर्तमान में देश में हर साल 2.40 करोड़ बच्चे पैदा हो रहे हैं और हर साल 80 लाख लोग मरते हैं। ऐसे में हर साल 1.60 करोड़ आबादी बढ़ रही है। देश में 35 वर्ष की आयु से कम युवाओं की संख्या 90 करोड़ है। अगर 2050 तक एक ही बच्चा परिवार में पैदा हो तो भी 90 करोड़ आबादी बढ़ जाएगी। 2050 तक भारत की जनसंख्या का अंदाजा आप लगा सकते हैं। ये बड़ी भयावह स्थिति होगी। संगोष्ठी में यह बात सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनु गौड़ ने कही। उन्होंने कहा कि जब तक हम देश के भविष्य को नहीं समझेेंगे तब तक हम भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते हैं। आज हर साल 15 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरते हैं। दिल्ली गैस चेंबर बन गई है। यहां पर पेड़ जितनी आक्सीजन देते हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग यहां पर कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं। ऐसे में जब शरीर ही स्वस्थ नहीं रहेगा तो मस्तिष्क कैसे स्वस्थ रह पाएगा। उन्होंने बताया कि सन् 1952 में सरकार ने फैमिली प्लानिंग कार्यक्रम की शुरुआत की। लेकिन इमरजेंसी के बाद हर कोई इस मुद्दे की बजाय अपनी राजनीति बचाने में लग गया। हमने पड़ोसी देश चीन से भी सबक नहीं लिया। चीन 1978 में सिंगल चाइल्ड पॉलिसी लेकर आया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि भारत में आबादी पर नियंत्रण हो। मनु गौड़ ने कहा कि इस देश में जहां भगवान राम को इतनी देरी से न्याय मिलता है, ऐसे में भविष्य का भारत अच्छा नहीं होगा। वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंस ने भी कहा कि अगर जीवन बचाना है तो नए ग्रह की खोज करनी होगी। जिस हिसाब से आबादी बढ़ रही है, उस आधार पर अगली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल नहीं है।
जोड़ - सीसीएसयू संगोष्ठी
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इन्होंने किया शुभारंभ
विधि अध्ययन संस्थान सीसीएसयू और सिंसियर के संयुक्त तत्वाधान में संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनु गौड़, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल और संगोष्ठी निदेशक डॉ. योगेंद्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विमल शर्मा और संजय गुप्ता रहे। संचालन दीपक शर्मा ने किया।
ये भी रहे शामिल
संगोष्ठी से पूर्व नीता गुप्ता ने ओजपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। यहां संघ के विभाग संचालक जतन स्वरूप शर्मा, अरुण जिंदल, पीयूष शास्त्री, डॉ. सुशील शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, अशोक सुधाकर, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, डॉ. धनपाल सिंह, मनोज शास्त्री आदि लोग मौजूद रहे।
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जिस इतिहास को पढ़कर हम बड़े हुए, जिस संविधान की दुहाई दी जाती है। उसी संविधान के साथ कई बार जघन्य अपराध हुए। लेकिन उनके बारे में देश में कभी चर्चा नहीं हुई। आजादी के बाद दस सालों में राष्ट्र निर्माण के लिए सही तरह से काम नहीं किया गया। उस वक्त न कोई विचारधारा थी न किसी से वोट लेने थे। देश अगले सौ सालों में कैसा हो, इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा। यह बात सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में जाने माने वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कही।
भविष्य का भारत विषय पर हुई संगोष्ठी में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमारे यहां सत्ता पर बैठने के बाद उसको बचाने की प्रवृति शुरू से ही पैदा हो गई। हमारा राज्य कैसे मजबूत बना रहे। कैसे हम सत्ता में बने रहें। इसको लेकर ही हमारे यहां पर चीजें तय की गईं। छोटी-छोटी घटनाओं ने देश को ग्रस्त करके रखा। जो सत्ता में रहे उन्होंने तमाम ऐसे लोगों को यूनिवर्सिटी और दूसरे संस्थानों में बिठा दिया, जिन्होंने काम कम किया, डराया ज्यादा। बीच बीच में हालात बिगड़े तो देश के मूल निवासियों को अपने सनातन का ध्यान आया तो नए नए स्लोगन दिए जाने लगे। जो वास्तविकता में थे ही नहीं। आज लोग राष्ट्रवाद पर सुनना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि 70 साल में हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां ये समझ नहीं आता कि हमने 2014 तय करने में इतनी देर क्यों की। मेरी कोई विचारधारा नहीं है। मेरी कोई पार्टी या संगठन नहीं है। मुझे लगता है कि देश में 70 साल बाद ऐसी भूख पैदा हुई है, जो सच सुनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप आज के दौर में कुछ लिख सकते हैं तो लिखने की बहुत जगह है। लिख नहीं सकते तो बोलिए। बोल नहीं सकते तो चिल्लाइए अगर ये नहीं कर सकते हैं तो चिल्लाने वाले के साथ खड़े हो जाइए।
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1947 के बाद की पीढ़ी को झूठ और मक्कारी की घुट्टी पढ़ाई गई। कहा कि मेरी सनातन के ऊपर स्टडी ये कहती है कि इस ब्रह्मांड की जबसे उत्पत्ति हुई होगी और जब तक यह रहेगा तब तक एक ही धर्म था सनातन धर्म। धर्म एक है मजहब बहुत सारे हैं। धर्म और मजहब अलग-अलग हैं। 70 साल से देश चल रहा था। दुनिया में सरकारों का काम देश चलाना होता है। विकास करना होता है, लेकिन हम यह पहली बार देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने को लेकर सुन-सुनकर थक गए, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ। कुछ लोगों को लगता है कि कुछ अनुच्छेद हटे हैं, लेकिन ये समझने की जरूरत है कि जम्मू-कश्मीर से सिर्फ दो अनुच्छेद नहीं हटे हैं, बल्कि ऐसा हो गया कि पाकिस्तान उसको आज तक भी नहीं पचा पा रहा है।
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हर साल बढ़ रही 1.60 करोड़ आबादी : मनु गौड़
सुप्रीमकोर्ट के अधिवक्ता बोले, 2050 तक होगी देश की स्थिति भयावह
मेरठ। वर्तमान में देश में हर साल 2.40 करोड़ बच्चे पैदा हो रहे हैं और हर साल 80 लाख लोग मरते हैं। ऐसे में हर साल 1.60 करोड़ आबादी बढ़ रही है। देश में 35 वर्ष की आयु से कम युवाओं की संख्या 90 करोड़ है। अगर 2050 तक एक ही बच्चा परिवार में पैदा हो तो भी 90 करोड़ आबादी बढ़ जाएगी। 2050 तक भारत की जनसंख्या का अंदाजा आप लगा सकते हैं। ये बड़ी भयावह स्थिति होगी। संगोष्ठी में यह बात सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनु गौड़ ने कही। उन्होंने कहा कि जब तक हम देश के भविष्य को नहीं समझेेंगे तब तक हम भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते हैं। आज हर साल 15 लाख लोग वायु प्रदूषण से मरते हैं। दिल्ली गैस चेंबर बन गई है। यहां पर पेड़ जितनी आक्सीजन देते हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग यहां पर कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं। ऐसे में जब शरीर ही स्वस्थ नहीं रहेगा तो मस्तिष्क कैसे स्वस्थ रह पाएगा। उन्होंने बताया कि सन् 1952 में सरकार ने फैमिली प्लानिंग कार्यक्रम की शुरुआत की। लेकिन इमरजेंसी के बाद हर कोई इस मुद्दे की बजाय अपनी राजनीति बचाने में लग गया। हमने पड़ोसी देश चीन से भी सबक नहीं लिया। चीन 1978 में सिंगल चाइल्ड पॉलिसी लेकर आया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि भारत में आबादी पर नियंत्रण हो। मनु गौड़ ने कहा कि इस देश में जहां भगवान राम को इतनी देरी से न्याय मिलता है, ऐसे में भविष्य का भारत अच्छा नहीं होगा। वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंस ने भी कहा कि अगर जीवन बचाना है तो नए ग्रह की खोज करनी होगी। जिस हिसाब से आबादी बढ़ रही है, उस आधार पर अगली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल नहीं है।
जोड़ - सीसीएसयू संगोष्ठी
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इन्होंने किया शुभारंभ
विधि अध्ययन संस्थान सीसीएसयू और सिंसियर के संयुक्त तत्वाधान में संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनु गौड़, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल और संगोष्ठी निदेशक डॉ. योगेंद्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विमल शर्मा और संजय गुप्ता रहे। संचालन दीपक शर्मा ने किया।
ये भी रहे शामिल
संगोष्ठी से पूर्व नीता गुप्ता ने ओजपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। यहां संघ के विभाग संचालक जतन स्वरूप शर्मा, अरुण जिंदल, पीयूष शास्त्री, डॉ. सुशील शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल, अशोक सुधाकर, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, डॉ. धनपाल सिंह, मनोज शास्त्री आदि लोग मौजूद रहे।