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Meerut News: 661/6 भूखंड के आवंटी के बेटे ने मांगा कब्जा
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मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के भूखण्ड संख्या 661/6 के मामले में नया मोड़ आ गया है। आवास विकास के भूखंड के मूल आवंटी के बेटे ने अब भूखंड पर कब्जा दिलाए जाने की मांग कर दी। यह मामला आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त के कार्यालय पहुंच गया है। आवास विकास परिषद से भूखण्ड संख्या 661/6 के मूल आवंटी वीर सिंह बैसला रहे हैं।
वीर सिंह के पुत्र दुष्यन्त कुमार ने उप आवास आयुक्त से कहा है कि आवास विकास परिषद के भूखण्ड संख्या 661/6 का आवंटन पिता वीर सिंह के नाम हुआ था परन्तु 2013-14 में हमारे पिता ने विनोद अरोड़ा को पॉवर ऑफ एटॉरनी की थी। इसका दुरुपयोग करके विनोद अरोड़ा ने आवासीय भूखण्ड पर व्यवसायिक काम्पलेक्स का निर्माण कर दिया था। निर्माण रोकने पहुंचे आवास विकास परिषद के अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया गया था। इस कारण परिषद द्वारा 22 अगस्त 2013 को आवंटन निरस्त कर दिया था। उसके बावजूद भी काम्पलेक्स बनाकर खड़ा कर दिया गया। अब न्यायालय के आदेश पर 25 अक्तूबर को ध्वस्त कर दिया गया।
इनका कहना है कि काम्पलेक्स का मलबा भी बेच दिया गया है। वर्तमान में भूखण्ड खाली है परन्तु परिषद द्वारा जारी आवंटन निरस्त आदेश परिषद के अधीन है। ध्वस्त हुई दुकानों की एवज में बतौर मुआवजा नगर निगम नवीन कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन काम्पलेक्स में दुकानें आवंटित किए जाने की घोषणा की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में भूखंड की खाली पड़ी जमीन पर हमें कब्जा दिलाया जाना चाहिए।
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वीर सिंह के पुत्र दुष्यन्त कुमार ने उप आवास आयुक्त से कहा है कि आवास विकास परिषद के भूखण्ड संख्या 661/6 का आवंटन पिता वीर सिंह के नाम हुआ था परन्तु 2013-14 में हमारे पिता ने विनोद अरोड़ा को पॉवर ऑफ एटॉरनी की थी। इसका दुरुपयोग करके विनोद अरोड़ा ने आवासीय भूखण्ड पर व्यवसायिक काम्पलेक्स का निर्माण कर दिया था। निर्माण रोकने पहुंचे आवास विकास परिषद के अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया गया था। इस कारण परिषद द्वारा 22 अगस्त 2013 को आवंटन निरस्त कर दिया था। उसके बावजूद भी काम्पलेक्स बनाकर खड़ा कर दिया गया। अब न्यायालय के आदेश पर 25 अक्तूबर को ध्वस्त कर दिया गया।
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इनका कहना है कि काम्पलेक्स का मलबा भी बेच दिया गया है। वर्तमान में भूखण्ड खाली है परन्तु परिषद द्वारा जारी आवंटन निरस्त आदेश परिषद के अधीन है। ध्वस्त हुई दुकानों की एवज में बतौर मुआवजा नगर निगम नवीन कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन काम्पलेक्स में दुकानें आवंटित किए जाने की घोषणा की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में भूखंड की खाली पड़ी जमीन पर हमें कब्जा दिलाया जाना चाहिए।
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