{"_id":"67ec49effe27464c6203f3bd","slug":"the-new-township-will-provide-shelter-to-four-lakh-people-meerut-news-c-14-1-mrt1050-821826-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: नई टाउनशिप देगी चार लाख लोगों को आशियाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: नई टाउनशिप देगी चार लाख लोगों को आशियाना
विज्ञापन
मेरठ। अपना शहर वेस्ट यूपी के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की ओर से प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप दिल्ली रोड पर विकसित की जाएगी। इसके लिए 105 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है और मई से प्लॉटिंग की तैयारी है। शासन 809 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर चुका है। इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे और बिजली बंबा बाईपास के बीच में दस गांवों की जमीन पर आवास एवं विकास परिषद की ओर से भी टाउनशिप की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। इसके लिए अब किसानों से सहमति बनाई जा रही है।
परतापुर से मोदीपुरम तक दिल्ली रोड होते हुए रैपिड का कॉरिडोर है। इसके दोनों छोर पर और मुख्य मार्गों के आसपास निजी विकासकर्ताओं की ओर से भी कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इसके चलते एनसीआर के रियल एस्टेट हब के रूप में भी शहर को देखा जा रहा है। इन आवासीय योजनाओं से करीब चार लाख लोगों को आशियाना मिलेगा।
मेडा की ओर से छज्जुपुर, इकला, कायस्थ गांवड़ी व मोहिउद्दीनपुर के चार गांव की 294.6813 हेक्टेयर में प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप का निर्माण होना है। इस टाउनशिप के तहत पहले फेज में छज्जूपुर में 30.09 हेक्टेयर और मोहिउद्दीनपुर में 111.79 हेक्टेयर जमीन पर काम होगा। इन दोनों गांवों की कुल 112 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर 1007.34 करोड़ रुपये का खर्च किए जाएंगे। मेडा की प्लानिंग के मुताबिक आईटी जोन में भी 50 हजार दफ्तर खोले जाएंगे। इनमें एक लाख 66 हजार कर्मचारी काम करेंगे। ऐसे में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करेंगे। इसके साथ ही 41575 आवास बनाए जाएंगे जो एक लाख 85 हजार लोगों की घर की जरूरत पूरी करेंगे।
विज्ञापन
आवास एवं विकास परिषद की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे और बिजली बंबा बाईपास के पास 600 हेक्टेयर में नई टाउनशिप ला रहा है। चंदसारा, जुर्रानपुर, शाकरपुर, बाजौट, जाहिदपुर, ततीना सानी, सलेमपुर, गगोल, नरहैड़ा व ढिकौली के दस गांव की जमीन में प्रस्तावित टाउनशिप में 30 हजार आवास बनेंगे। इसमें सवा लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। शासन की मंजूरी के बाद अब किसानों से वार्ता कर सहमति ली जा रही है। इन दोनों टाउनशिप से करीब तीन लाख से अधिक लोगों आवासीय जरूरत पूरी होगी। इसके अलावा मवाना रोड, एनएच 58, गढ़ रोड पर भी निजी विकासकर्ताओं के जरिए कई कालोनियां विकसित की जा रही है। आर्किटेक्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल का कहना है कि रैपिड से लगातार संपत्तियों के दाम बढ़ रहे हैं।
-- --
-- वर्जन --
दिल्ली रोड पर प्रस्तावित प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली होगा। इस नई टाउनशिप के लिए 750 करोड़ के नए प्रस्ताव के सापेक्ष 409 करोड़ रुपये भी जारी हो गए हैं। अभी तक 809 करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। इस टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग के ही अधिकांश प्लॉट होंगे, जिनमें दस फीसदी दुर्बल आय वर्ग और अल्प आय वर्ग के लिए आरक्षित होंगे। -अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा।
विज्ञापन
परतापुर से मोदीपुरम तक दिल्ली रोड होते हुए रैपिड का कॉरिडोर है। इसके दोनों छोर पर और मुख्य मार्गों के आसपास निजी विकासकर्ताओं की ओर से भी कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इसके चलते एनसीआर के रियल एस्टेट हब के रूप में भी शहर को देखा जा रहा है। इन आवासीय योजनाओं से करीब चार लाख लोगों को आशियाना मिलेगा।
विज्ञापन
मेडा की ओर से छज्जुपुर, इकला, कायस्थ गांवड़ी व मोहिउद्दीनपुर के चार गांव की 294.6813 हेक्टेयर में प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप का निर्माण होना है। इस टाउनशिप के तहत पहले फेज में छज्जूपुर में 30.09 हेक्टेयर और मोहिउद्दीनपुर में 111.79 हेक्टेयर जमीन पर काम होगा। इन दोनों गांवों की कुल 112 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण पर 1007.34 करोड़ रुपये का खर्च किए जाएंगे। मेडा की प्लानिंग के मुताबिक आईटी जोन में भी 50 हजार दफ्तर खोले जाएंगे। इनमें एक लाख 66 हजार कर्मचारी काम करेंगे। ऐसे में तीन लाख से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करेंगे। इसके साथ ही 41575 आवास बनाए जाएंगे जो एक लाख 85 हजार लोगों की घर की जरूरत पूरी करेंगे।
विज्ञापन
आवास एवं विकास परिषद की ओर से गंगा एक्सप्रेसवे और बिजली बंबा बाईपास के पास 600 हेक्टेयर में नई टाउनशिप ला रहा है। चंदसारा, जुर्रानपुर, शाकरपुर, बाजौट, जाहिदपुर, ततीना सानी, सलेमपुर, गगोल, नरहैड़ा व ढिकौली के दस गांव की जमीन में प्रस्तावित टाउनशिप में 30 हजार आवास बनेंगे। इसमें सवा लाख से अधिक लोग रह सकेंगे। शासन की मंजूरी के बाद अब किसानों से वार्ता कर सहमति ली जा रही है। इन दोनों टाउनशिप से करीब तीन लाख से अधिक लोगों आवासीय जरूरत पूरी होगी। इसके अलावा मवाना रोड, एनएच 58, गढ़ रोड पर भी निजी विकासकर्ताओं के जरिए कई कालोनियां विकसित की जा रही है। आर्किटेक्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अंकित अग्रवाल का कहना है कि रैपिड से लगातार संपत्तियों के दाम बढ़ रहे हैं।
दिल्ली रोड पर प्रस्तावित प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली होगा। इस नई टाउनशिप के लिए 750 करोड़ के नए प्रस्ताव के सापेक्ष 409 करोड़ रुपये भी जारी हो गए हैं। अभी तक 809 करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। इस टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग के ही अधिकांश प्लॉट होंगे, जिनमें दस फीसदी दुर्बल आय वर्ग और अल्प आय वर्ग के लिए आरक्षित होंगे। -अभिषेक पांडेय, उपाध्यक्ष मेडा।