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मातमी जुलूस बरामद, कर्बला के शहीदों को किया याद
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मंडावली के मिर्जापुर सैद में मातमी जुलूस निकालते शिया समाज के लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/मंडावली। जोगीरम्पुरी में मोहर्रम का जुलूस फिरोज ईरानी के घर से बरामद किया गया। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ निकाले गए जुलूस से माहौल गमगीन रहा।
मोहर्रम की छठी तारीख पर शिया समाज के लोगों ने जोगीरम्पुरी में अलम, ताबूत, जुल्जना के जुलूस बरामद किए। जुलूस से पहले हुई मजलिस में दीन और इस्लाम को बचाने वालों को नम आंखों से याद किया गया। मर्सिया और नोहा ख्वानी में बड़ी संख्या में सोगवारों ने भाग लिया। मर्सिया ख्वानी शफीक हुसैन, नवाब ईरानी, फरीद हुसैन, मोहर्रम अली की टीम ने की।
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना इकरार हैदर जैदी ने कहा कि चौदह सौ साल कर्बला इराक में हक बातिल से टकराया। इसमें नवासा-ए-हुसैन और साथियों को शहीद कर दिया गया। जालिम बादशाह यजीद के जुल्म और सितम को सहन करते हुए दीन और इस्लाम को बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानियां पेश कीं। कर्बला के दिल दहला देने वाले किससे सुनकर सोगवार सीनाजनी को मजबूर हुए।
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जुलूस में नोहा ख्वानी मोहर्रम अली, नवाब ईरानी, राहिब, सादिक, वाजिद रजा, साजिद रजा आदि ने की। जुलूस का नेतृत्व फिरोज अली ईरानी, सज्जाद अली ईरानी, तस्वीर हैदर, शेर अली ईरानी, गुलाम ईरानी, जाकिर आदि ने की।
उधर, मंडावली के गांव मिर्जापुर सैद उर्फ नयागांव में शिया समाज ने मातमी जुलूस निकाला। हाईवे से होता हुआ जुलूस शिया कब्रिस्तान पर जाकर समाप्त हुआ। मौलाना हसन रजा आजमगढ़ी ने मजलिस को खिताब किया। आयोजन में शकील जाफरी, नवाब हैदर, शादाब हैदर, हाजी अनवर हुसैन, एम जाफरी, शमशाद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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नजीबाबाद/मंडावली। जोगीरम्पुरी में मोहर्रम का जुलूस फिरोज ईरानी के घर से बरामद किया गया। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ निकाले गए जुलूस से माहौल गमगीन रहा।
मोहर्रम की छठी तारीख पर शिया समाज के लोगों ने जोगीरम्पुरी में अलम, ताबूत, जुल्जना के जुलूस बरामद किए। जुलूस से पहले हुई मजलिस में दीन और इस्लाम को बचाने वालों को नम आंखों से याद किया गया। मर्सिया और नोहा ख्वानी में बड़ी संख्या में सोगवारों ने भाग लिया। मर्सिया ख्वानी शफीक हुसैन, नवाब ईरानी, फरीद हुसैन, मोहर्रम अली की टीम ने की।
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मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना इकरार हैदर जैदी ने कहा कि चौदह सौ साल कर्बला इराक में हक बातिल से टकराया। इसमें नवासा-ए-हुसैन और साथियों को शहीद कर दिया गया। जालिम बादशाह यजीद के जुल्म और सितम को सहन करते हुए दीन और इस्लाम को बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कुर्बानियां पेश कीं। कर्बला के दिल दहला देने वाले किससे सुनकर सोगवार सीनाजनी को मजबूर हुए।
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जुलूस में नोहा ख्वानी मोहर्रम अली, नवाब ईरानी, राहिब, सादिक, वाजिद रजा, साजिद रजा आदि ने की। जुलूस का नेतृत्व फिरोज अली ईरानी, सज्जाद अली ईरानी, तस्वीर हैदर, शेर अली ईरानी, गुलाम ईरानी, जाकिर आदि ने की।
उधर, मंडावली के गांव मिर्जापुर सैद उर्फ नयागांव में शिया समाज ने मातमी जुलूस निकाला। हाईवे से होता हुआ जुलूस शिया कब्रिस्तान पर जाकर समाप्त हुआ। मौलाना हसन रजा आजमगढ़ी ने मजलिस को खिताब किया। आयोजन में शकील जाफरी, नवाब हैदर, शादाब हैदर, हाजी अनवर हुसैन, एम जाफरी, शमशाद हुसैन आदि मौजूद रहे।