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Meerut News: एक करोड़ के गहने ले जाने वाले की पहचान नहीं, पंकज और कृष्णा तलाश तेज

Wed, 25 Feb 2026 02:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:53 AM IST
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The identity of the person who took away jewellery worth Rs 1 crore is not known, search for Pankaj and Krishna intensifies.
मेरठ। आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ के गहने ले जाने वाले शख्स की पुलिस अब तक पहचान नहीं कर पाई है। हालांकि पुलिस उसकी पहचान के प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस वारदात में पंकज भारद्वाज और पंकज तिवारी शामिल रहे हैं। इसके अलावा इनके गिरोह के सदस्यों के वारदात में शामिल होने की आशंका है। पुलिस ने आरोपियों के संबंध में कुछ ठोस सुराग मिल गए हैं। पुलिस की टीमों ने आरोपियों की घेराबंदी तेज कर दी है।
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इस वारदात के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की और न ही इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी हुई है। हालांकि अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यह पुष्टि कर दी है कि वारदात को वाराणसी व अन्य शहरों में ठगी कर चुके गिरोह ने अंजाम दिया है। वारदात का सूत्रधार पंकज भारद्वाज है। उसी ने तन्मय को कॉल कर एक करोड़ के गहने खरीदने के लिए कहा था। उसी ने गहने पसंद कराने व खरीदने के लिए अपना भतीजा बताकर एक शख्स को रघुनंदन ज्वेलर्स पर भेजा था। कथित भतीजे की फुटेज पुलिस ने कब्जे में ली हुई। इसके बावजूद उसकी पहचान नहीं हो पाई है।
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गहने ले जाने वाले का नहीं मिला आपराधिक रिकॉर्ड
विभिन्न थानों की पुलिस और यक्ष एप की मदद से एक करोड़ के गहने ले जाने वाले शख्स की जानकारी जुटाई गई है। लेकिन उसका न तो सुराग लगा है और न ही उसका कोई आपराधिक इतिहास मिला है। इसके अलावा इस गिरोह ने रघुनंदन ज्वेलर्स पर मौजूद लोगों को झांसा दिया है। इससेे पुलिस को आशंका हो रही है कि कहीं गहने ले जाने वाले शख्स को भी ठग गिरोह कोई झांसा देकर तो नहीं भेजा।
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क्राइम ब्रांच, स्वाॅट, सर्विलांस आदि टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी व खुलासे के प्रयास में जुटी हैं। गहने ले जाने वाले काे आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।



ऐसे हुई थी वारदात

18 फरवरी को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के संचालक तन्मय अग्रवाल को कृष्णा नाम के शख्स ने दिल्ली का आभूषण कारोबारी बताकर कॉल किया। कृष्णा ने तन्मय को एक करोड़ के आभूषणों का ऑर्डर दिया गया। कृष्णा नामक व्यक्ति ने अपने कथित भतीजे को भेजकर गहने पसंद कराए। इसी दौरान वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे। प्रवीण शर्मा ने अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये मंगाकर तन्मय को दिए। जैसे ही कथित भतीजा गहने लेकर निकला तो दोनों कारोबारियों के बीच विवाद शुरू हो गया। तन्मय का कहना था कि उसने गहनों के बदले रुपये लिए जबकि प्रवीण शर्मा का कहना है कि उन्हें बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। वह अपने परिचित पुष्पेंद्र के कहने अपनी फर्म के खाते में रुपये जमा करने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर आया था।



पीड़ित भी हो सकता है एक करोड़ के गहने ले जाने वाला शख्स
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