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जरायम से सियासत के सफर में चर्चित नाम रहा ‘बद्दो’

Fri, 27 Oct 2017 02:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 27 Oct 2017 02:16 PM IST
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The famous name for the journey of politics from 'Jariyam' is 'Baddo'
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मेरठ में अधिवक्ता रविंद्र सिंह मर्डर केस में दोष सिद्ध हुए बदन सिंह बद्दो का नाम जरायम से सियासत के सफर में काफी चर्चित रहा। पुलिस के अनुसार बद्दो पर हत्या, जानलेवा हमला और रंगदारी मांगने के 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें थाना टीपी नगर पर बद्दो की हिस्ट्रीशीट भी खुली है।

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थानाध्यक्ष टीपी नगर ब्रजेश शर्मा के अनुसार मोहल्ला बेरीपुरा निवासी बदन सिंह बद्दो के खिलाफ सन 1988 में हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। शराब, प्रॉपर्टी, केबल व्यवसाय से लेकर कई राजनैतिक दलों से निकटता में बद्दो का नाम चर्चा में रहा। इस दौरान बद्दो का नाम कई आपराधिक गैंगों से जुड़ने के अलावा कई व्यापारियों को धमकाकर वसूली करने के आरोप भी लगे। गुंडा एक्ट लगी तो जिला बदर की कार्रवाई भी हुई। 
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संजय गुर्जर की हत्या में आया नाम
बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में बदन सिंह बद्दो का संपत्ति विवाद के चलते नाम सामने आया था। यूपी पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया। जबकि दिल्ली पुलिस से भी 50 हजार का इनाम था। केबिल कंपनी के मैनेजर पवित्र मैत्रेय की हत्या में भूपेंद्र बाफर के साथ बद्दो का नाम भी सामने आया। बसपा नेताओं के दबाव बनाने पर बद्दो लंबे समय तक गायब रहा। अगस्त 2012 में एसटीएफ ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लालकुर्ती थाना पुलिस को सौंपा था। उस दौरान बद्दो ने एक पुलिस अफसर पर झूठे केस दर्ज कराने का आरोप लगाते कहा था उसने कोई हत्या या अपराध नहीं किया।

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दीवान ग्रुप के मालिक से मांगी थी रंगदारी

The famous name for the journey of politics from 'Jariyam' is 'Baddo'
बद्दो को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बद्दो ने दीवान ग्रुप के मालिक राजेश दीवान से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था। समाजवादी पार्टी के एक बडे़ नेता ने बद्दो और राजेश दीवान के बीच समझौता कराया था। पुलिस ने भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं थी। जबकि बद्दो पर इस दौरान रंगदारी के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके अलावा सपा सरकार में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भी बद्दो की भूमिका रही थी।

बद्दो पर हमला भी हुआ 
बद्दो पर करीब तीन साल पहले हमला भी हुआ था। जिसमें एक सिपाही के सिर में गोली लगी थी। तीन दिन पूर्व बद्दो के साथियों ने एसएसपी से सुरक्षा के मद्देनजर सिक्योरिटी मांगी थी। एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि बद्दो के पुराने मुकदमों की भी जानकारी की  जा रही है। पुलिस उसका रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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