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रंगदारी मांगने वाले बदमाशों ने कोर्ट में किया समर्पण
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रोहटा। गांव रोहटा में किराना व्यापारी से रंगदारी मांगने और गोलीबारी की घटना में शामिल बदमाशों ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपी कोर्ट पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का इंतजार ही करती रह गई।
गांव रोहटा निवासी योगेंद्र पुत्र गिरी प्रसाद बिंदल की बस स्टैंड के पास किराना की दुकान है। करीब 15 दिन पूर्व से दो बदमाश लगातार उसकी दुकान पर आकर हथियारों के बल पर रंगदारी की मांग कर रहे थे। व्यापारी ने जब इस संबंध में पुलिस से शिकायत की तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब आरोपियों ने व्यापारी के घर पर फायरिंग कर दी। भय और असुरक्षा के चलते व्यापारी को अपना व्यापार बंद कर परिवार सहित गांव छोड़कर जाना पड़ा। पुलिस की इस उदासीनता की खबर जब उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
घटना के बाद पीड़ित व्यापारी के बहनोई जोगेंद्र गिरी निवासी माधवपुरम की तहरीर पर गांव के ही जितेंद्र और धर्मेंद्र के खिलाफ का मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई धीमी रही, जिसका फायदा उठाकर आरोपी बदमाशों ने दो दिन पूर्व कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की बात कह रही है। व्यापारी को सुरक्षा देने में विफलता और आरोपियों को पकड़ने में असफलता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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गांव रोहटा निवासी योगेंद्र पुत्र गिरी प्रसाद बिंदल की बस स्टैंड के पास किराना की दुकान है। करीब 15 दिन पूर्व से दो बदमाश लगातार उसकी दुकान पर आकर हथियारों के बल पर रंगदारी की मांग कर रहे थे। व्यापारी ने जब इस संबंध में पुलिस से शिकायत की तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब आरोपियों ने व्यापारी के घर पर फायरिंग कर दी। भय और असुरक्षा के चलते व्यापारी को अपना व्यापार बंद कर परिवार सहित गांव छोड़कर जाना पड़ा। पुलिस की इस उदासीनता की खबर जब उच्चाधिकारियों तक पहुंची, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
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घटना के बाद पीड़ित व्यापारी के बहनोई जोगेंद्र गिरी निवासी माधवपुरम की तहरीर पर गांव के ही जितेंद्र और धर्मेंद्र के खिलाफ का मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई धीमी रही, जिसका फायदा उठाकर आरोपी बदमाशों ने दो दिन पूर्व कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की बात कह रही है। व्यापारी को सुरक्षा देने में विफलता और आरोपियों को पकड़ने में असफलता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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