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Meerut News: पैरोल पर आए हिस्ट्रीशीटर संतराम का सड़ी-गली अवस्था में मिला शव
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हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव जलालपुर मकबूलपुर (चेतावाला) निवासी 50 वर्षीय संतराम पुत्र ओमप्रकाश का शव सोमवार को राजकीय पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्र स्थित दुधली-बस्तोरा मार्ग के पास पुराने सरकारी क्वार्टर में सड़ी-गली अवस्था में मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कुछ देर के लिए मवाना मार्ग पर जाम भी लगाया। वह एक साल पहले जेल से पैरोल पर आया था। वह हस्तिनापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था।
बताया गया कि संतराम 17 मई से लापता था। उसके पुत्र रोहिन ने 18 मई को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार सुबह पुराने सरकारी क्वार्टर में शव पड़े होने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सीओ मवाना पंकज लवानिया फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की।
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सीओ ने बताया कि शव कई दिन पुराना होने और भीषण गर्मी के कारण पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा था। शुरुआत में पुलिस शव को अज्ञात मान रही थी, लेकिन बाद में परिजनों ने गले में पहनी माला, पैर की चप्पल और पास में मिली हिसाब-किताब की डायरी के आधार पर शव की पहचान संतराम के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उधर, परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए थाने के बाहर मवाना मार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर जाम खुल सका। मृतक के बेटे ने कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देने की बात कही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तहरीर मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सीडीआर और बीटीएस जांच से खुल सकता है संतराम की मौत का राज
जलालपुर मकबूलपुर निवासी संतराम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बीटीएस लोकेशन के जरिए जांच आगे बढ़ाने की तैयारी में है। पुलिस मृतक के मोबाइल नंबर की अंतिम लोकेशन, संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डाटा खंगाल रही है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी जांच से संतराम के आखिरी समय में संपर्क में आए लोगों की जानकारी मिल सकती है। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इंसाफ की मांग को जुटे ग्रामीण
संतराम की संदिग्ध मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मृतक संतराम मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था और राजमिस्त्री के साथ बेलदार का काम करता था। परिवार में पत्नी अनीता, बेटे रोहिन, विपिन, अर्जुन और एक बेटी हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साल पहले पैरोल पर आया था बाहर
हस्तिनापुर। संतराम का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि संतराम हस्तिनापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ हत्या समेत 38 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के अनुसार वर्ष 2011 में जगबीर पुत्र दिलीप निवासी इस्लामाबाद छीलोरा, थाना भावनपुर की हत्या के मामले में अदालत ने उसे 13 सितंबर 2019 को सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह जेल चला गया था। सीओ ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व संतराम पैरोल पर जेल से बाहर आया था।

हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद

हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद

हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद

हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद

हत्या के खुलासे को लेकर थाने के बाहर बैठे परिजन स्रोत संवाद