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Meerut News: कई जगह विलुप्त मिली बूढ़ी गंगा की प्राचीन धारा
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बुढी गंगा का भौतिकी सत्यापन करती राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम स्रोत विभाग
- तीन जिलों में किया गया भौतिक सत्यापन, महानिदेशक को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
- एनजीटी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम ने किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक के निर्देश पर बुधवार को नई दिल्ली से पहुंची टीम ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और हापुड़ जनपद में प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा का भौतिक सत्यापन किया। टीम ने विभिन्न स्थानों पर मौके पर पहुंचकर प्राचीन नदी की स्थिति का जायजा लिया। सर्वे के दौरान कई स्थानों पर बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले तो कहीं उसका प्रवाह पूरी तरह विलुप्त मिला। टीम ने नदी के उद्गम स्थल, उसके प्रवाह क्षेत्र और इससे जुड़ने वाले जल स्रोतों की भी पड़ताल की।
दिल्ली से आई राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम में कीर्ति, समर्थ और दिगंबर और जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे तुषार गुप्ता शामिल रहे। टीम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के साथ मुजफ्फरनगर जनपद क्षेत्र के गांव देवल के समीप बूढ़ी गंगा की प्राचीन धारा का मौके पर निरीक्षण किया। इसके बाद टीम मेरठ जनपद के हस्तिनापुर क्षेत्र में पहुंची और यहां नदी के पुराने प्रवाह मार्ग का सर्वे किया। जहां पर प्राचीन नदी की धारा को राजस्व अभिलेखों में देखा गया। मेरठ में निरीक्षण के बाद टीम हापुड़ जनपद पहुंची। तीनों जिलों में अलग-अलग स्थानों पर नदी की मौजूदा स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया।
सर्वे के दौरान टीम ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा कहां से शुरू होती थी और किन-किन क्षेत्रों से होकर गुजरती थी। साथ ही उन स्थानों का भी निरीक्षण किया गया, जहां नदी की धारा विलुप्त हो चुकी है। बूढ़ी गंगा से जुड़ने वाले जल स्रोतों की स्थिति को भी सर्वे में शामिल किया गया। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध स्थिति के आधार पर आवश्यक जानकारियां जुटाईं, ताकि नदी के वास्तविक प्रवाह मार्ग और वर्तमान दशा का आकलन किया जा सके। सर्वे का उद्देश्य प्राचीन बूढ़ी गंगा की वास्तविक स्थिति और उसके पुराने प्रवाह मार्ग का आकलन करना है।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अधिकारी कीर्ति ने बताया कि तीनों जनपदों में बूढ़ी गंगा की प्राचीन धारा का भौतिक सत्यापन किया गया है। सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक को भेजी जाएगी।
बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्वे के दौरान कई स्थानों पर बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले, जबकि कुछ स्थानों पर नदी की धारा विलुप्त मिली। मौके पर मिली स्थिति और जुटाई गई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।
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- एनजीटी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम ने किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक के निर्देश पर बुधवार को नई दिल्ली से पहुंची टीम ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और हापुड़ जनपद में प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा का भौतिक सत्यापन किया। टीम ने विभिन्न स्थानों पर मौके पर पहुंचकर प्राचीन नदी की स्थिति का जायजा लिया। सर्वे के दौरान कई स्थानों पर बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले तो कहीं उसका प्रवाह पूरी तरह विलुप्त मिला। टीम ने नदी के उद्गम स्थल, उसके प्रवाह क्षेत्र और इससे जुड़ने वाले जल स्रोतों की भी पड़ताल की।
दिल्ली से आई राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम में कीर्ति, समर्थ और दिगंबर और जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे तुषार गुप्ता शामिल रहे। टीम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के साथ मुजफ्फरनगर जनपद क्षेत्र के गांव देवल के समीप बूढ़ी गंगा की प्राचीन धारा का मौके पर निरीक्षण किया। इसके बाद टीम मेरठ जनपद के हस्तिनापुर क्षेत्र में पहुंची और यहां नदी के पुराने प्रवाह मार्ग का सर्वे किया। जहां पर प्राचीन नदी की धारा को राजस्व अभिलेखों में देखा गया। मेरठ में निरीक्षण के बाद टीम हापुड़ जनपद पहुंची। तीनों जिलों में अलग-अलग स्थानों पर नदी की मौजूदा स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया।
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सर्वे के दौरान टीम ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि प्राचीन बूढ़ी गंगा की धारा कहां से शुरू होती थी और किन-किन क्षेत्रों से होकर गुजरती थी। साथ ही उन स्थानों का भी निरीक्षण किया गया, जहां नदी की धारा विलुप्त हो चुकी है। बूढ़ी गंगा से जुड़ने वाले जल स्रोतों की स्थिति को भी सर्वे में शामिल किया गया। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध स्थिति के आधार पर आवश्यक जानकारियां जुटाईं, ताकि नदी के वास्तविक प्रवाह मार्ग और वर्तमान दशा का आकलन किया जा सके। सर्वे का उद्देश्य प्राचीन बूढ़ी गंगा की वास्तविक स्थिति और उसके पुराने प्रवाह मार्ग का आकलन करना है।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अधिकारी कीर्ति ने बताया कि तीनों जनपदों में बूढ़ी गंगा की प्राचीन धारा का भौतिक सत्यापन किया गया है। सर्वे के आधार पर तैयार रिपोर्ट राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक को भेजी जाएगी।
बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्वे के दौरान कई स्थानों पर बूढ़ी गंगा की धारा के अवशेष मिले, जबकि कुछ स्थानों पर नदी की धारा विलुप्त मिली। मौके पर मिली स्थिति और जुटाई गई जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

बुढी गंगा का भौतिकी सत्यापन करती राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम स्रोत विभाग

बुढी गंगा का भौतिकी सत्यापन करती राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की टीम स्रोत विभाग