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Meerut News: अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो पर कार्य कर रहा है प्रशासन
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किसान धरने पर
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खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण के अधिग्रहण के विरोध में किसान छतरी गांव के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। धरने के 15वें दिन किसानों ने प्रशासन पर अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो के तहत किसानों को बांटकर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया है।
किसान नेता मामचंद नागर ने कहा कि प्रशासन ने पहले चरण में सरकार को गुमराह करके बिजौली व खरखौदा की 200 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहण कर ली। अब प्रशासन द्वारा दूसरे चरण में 300 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने के लिए गांव छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा माजरा की कृषि भूमि सस्ते दाम में लेने की तैयारी कर रहा है।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो के तहत किसानों को बांटकर उनकी उनकी कृषि भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी में है। प्रशासन इसके अलावा भी आने वाले समय में अन्य किसानों की भी कृषि भूमि सस्ते दामों पर जबरन अधिग्रहण कर लेगा। शासन स्तर पर सरकार को बार-बार किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण में कोई विरोध न होना बताकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र का कोई भी किसान कृषि भूमि औद्योगिक गलियारे के लिए देने को तैयार नहीं है। बिजौली के प्रधान के पति प्रदीप त्यागी ने किसानों अपना समर्थन पत्र सौंपा।
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इस अवसर पर किसान गोपीचंद, अशोक प्रधान, सत्येंद्र, जयपाल, दयाचंद, कवित एडवोकेट, राजकुमार, जगबीर नेताजी, लीलू नागर, कर्मवीर पटवारी, अर्जुन त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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किसान नेता मामचंद नागर ने कहा कि प्रशासन ने पहले चरण में सरकार को गुमराह करके बिजौली व खरखौदा की 200 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहण कर ली। अब प्रशासन द्वारा दूसरे चरण में 300 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने के लिए गांव छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा माजरा की कृषि भूमि सस्ते दाम में लेने की तैयारी कर रहा है।
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किसानों का आरोप है कि प्रशासन अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो के तहत किसानों को बांटकर उनकी उनकी कृषि भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी में है। प्रशासन इसके अलावा भी आने वाले समय में अन्य किसानों की भी कृषि भूमि सस्ते दामों पर जबरन अधिग्रहण कर लेगा। शासन स्तर पर सरकार को बार-बार किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण में कोई विरोध न होना बताकर गुमराह किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र का कोई भी किसान कृषि भूमि औद्योगिक गलियारे के लिए देने को तैयार नहीं है। बिजौली के प्रधान के पति प्रदीप त्यागी ने किसानों अपना समर्थन पत्र सौंपा।
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इस अवसर पर किसान गोपीचंद, अशोक प्रधान, सत्येंद्र, जयपाल, दयाचंद, कवित एडवोकेट, राजकुमार, जगबीर नेताजी, लीलू नागर, कर्मवीर पटवारी, अर्जुन त्यागी सहित कई लोग मौजूद रहे।