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महत्वपूर्ण पटल पर नहीं रहेंगे दागी लिपिक, नगर आयुक्त ने दिए निर्देश
Thu, 05 Jun 2025 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:37 AM IST
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सहारनपुर। नगर आयुक्त शिपू गिरि ने महत्वपूर्ण पटल पर तैनात दागी लिपिकों को हटाने का निर्णय लिया है। इसके बाद से लिपिकों में खलबली है। इंतजार यह है कि इस दायरे में कौन लिपिक आएंगे। जिनकी करतूर जगजाहिर है उनमें खलबली है। इनमें से कुछ ने अभी से राजनीतिक जुगत लगानी शुरू कर दी है।
माना जाता है कि नगर निगम में बाबू राज है, क्योंकि अधिकारी बदलते रहते हैं, लेकिन लिपिकों का स्थानांतरण नहीं होता है। ऐसे में उनकी जड़े इतनी गहरी हो चुकी हैं, कि किसी भी नए अधिकारी के लिए उन्हें हटाना तो दूर की बात हिलाना भी मुश्किल रहता है।
कुछ लिपिकों द्वारा नगर निगम की संपत्तियों की दुरुपयोग करने और अन्य प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। नगर आयुक्त शिपू गिरि के संज्ञान में आया है कि कुछ लिपिकों द्वारा पूर्व में महत्वपूर्ण पटल पर रहते हुए पद का दुरुपयोग करते हुए अनियमितताएं की गई हैं।
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पूर्व के अधिकारी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी करके गए हैं, लेकिन आज भी वह महत्वपूर्ण पटल पर विराजमान हैं। नगर आयुक्त का मानना है कि ऐसे कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्धता की श्रेणी में होने के कारण किसी भी महत्वपूर्ण पटल पर इनकी तैनाती कार्य एवं अनुशासनिक हित में सही नही है।
ऐसी स्थिति में उन्होंने दागी छवि है तथा जिनकी सेवानिवृत्ति में दो या उससे कम वर्ष रह रहे हैं। उन्हें तत्काल महत्वपूर्ण पदों से हटाया जाएगा।
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तीन साल से अधिक समय से जमे हैं लिपिक
एक ही पटल पर लंबे समय तक बने रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। यही वजह है कि सरकार ने एक पटल पर रहने का अधिकतम समय तीन वर्ष किया हुआ है, लेकिन नगर निगम में कई ऐसे लिपिक हैं, जो एक पटल पर चार से पांच साल से जमे हुए हैं। क्या नगर आयुक्त इनके पटलों में परिवर्तन करेंगे यह बड़ा सवाल है।
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माना जाता है कि नगर निगम में बाबू राज है, क्योंकि अधिकारी बदलते रहते हैं, लेकिन लिपिकों का स्थानांतरण नहीं होता है। ऐसे में उनकी जड़े इतनी गहरी हो चुकी हैं, कि किसी भी नए अधिकारी के लिए उन्हें हटाना तो दूर की बात हिलाना भी मुश्किल रहता है।
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कुछ लिपिकों द्वारा नगर निगम की संपत्तियों की दुरुपयोग करने और अन्य प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। नगर आयुक्त शिपू गिरि के संज्ञान में आया है कि कुछ लिपिकों द्वारा पूर्व में महत्वपूर्ण पटल पर रहते हुए पद का दुरुपयोग करते हुए अनियमितताएं की गई हैं।
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पूर्व के अधिकारी उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी करके गए हैं, लेकिन आज भी वह महत्वपूर्ण पटल पर विराजमान हैं। नगर आयुक्त का मानना है कि ऐसे कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्धता की श्रेणी में होने के कारण किसी भी महत्वपूर्ण पटल पर इनकी तैनाती कार्य एवं अनुशासनिक हित में सही नही है।
ऐसी स्थिति में उन्होंने दागी छवि है तथा जिनकी सेवानिवृत्ति में दो या उससे कम वर्ष रह रहे हैं। उन्हें तत्काल महत्वपूर्ण पदों से हटाया जाएगा।
तीन साल से अधिक समय से जमे हैं लिपिक
एक ही पटल पर लंबे समय तक बने रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। यही वजह है कि सरकार ने एक पटल पर रहने का अधिकतम समय तीन वर्ष किया हुआ है, लेकिन नगर निगम में कई ऐसे लिपिक हैं, जो एक पटल पर चार से पांच साल से जमे हुए हैं। क्या नगर आयुक्त इनके पटलों में परिवर्तन करेंगे यह बड़ा सवाल है।