सहारनपुर: लक्ष्य 35000, लाभ मिला महज 541 को, तीन माह गुजरे अब तक नहीं बना कार्ड
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना विभागों की लेटलतीफी की शिकार हो गई है। रेहड़ी और ठेली पर सामान बेचने वालों की मदद के लिए इस योजना को शुरू किया गया था। रियायती दर पर दस हजार रुपये का ऋण दिया जाना था। सहारनपुर जिले में 2200 लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन इनमें से महज 541 को ही योजना का लाभ दिया गया है।
कोरोना काल में शुरू की गई इस योजना में सहारनपुर के 35000 रेहड़ी-पटरी, ठेले, खोमचों वालों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके सापेक्ष महज 6200 लोगों का ही पंजीकरण अभी तक हो सका है। इनमें भी 2200 लोगों ने आवेदन किया है। 541 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 1659 आवेदन लंबित पड़े हैं। ऐसे में इस योजना की दयनीय स्थिति का अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है।
तीन माह हो गए, कार्ड नहीं बना
कोर्ट रोड पर चाय की रेहड़ी लगाने वाले शिवाजीनगर निवासी दिनेश कुमार, दीवानी कचहरी के निकट फल की रेहड़ी लगाने वाले मोइन खान, बेहट निवासी मोहसिन और गांव कोरी माजरा निवासी रिंकू ने बताया कि उन्होंने जून में ही आवेदन कर दिया था, लेकिन आज तक योजना का लाभ नहीं मिला है।
वेंडरों के कार्ड भी नगर निगम की ओर से जारी नहीं किए गए। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर थक चुुके हैं। लॉकडाउन के दौरान उनके रोजगार पर सीधा असर पड़ा। आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन
अफसरों की लापरवाही से कोई लाभ नहीं मिला
इस मामले में लीड बैंक मैनेजर राजेश चौधरी और नगर निगम के उपनगरायुक्त दिनेश कुमार यादव ने बताया कि 541 लोगों के खातों में धनराशि पहुंच गई है। बचे हुए पात्रों को जल्द ही योजना का लाभ दिलाया जाएगा।