फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   sugar mill earned but not make payment

योगीराज में आये किसानों के बुरे दिन, मिल से नहीं मिल रहा भुगतान 

Tue, 18 Apr 2017 11:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 18 Apr 2017 11:00 AM IST
विज्ञापन
sugar mill earned but not make payment
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बढ़े चीनी उत्पादन और मार्केट में अच्छे रेट के बावजूद शुगर इंडस्ट्री किसानों का गन्ना मूल्य बकाया भुगतान करने को तैयार नहीं हैं। सरकार की अल्टीमेटम तिथि नजदीक होने का भी असर मिलों पर नहीं दिख रहा है। कुछ मिलों को छोड़कर मंडल की शुगर मिलें 14 दिन के अंदर भुगतान के आदेश का पालन कर रही हैं। भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसानों की नजर अब सरकार की कार्रवाई पर टिकी है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि अगर दी गई तिथि तक किसानों का भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन


भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में वर्तमान गन्ना पेराई सत्र का भुगतान गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर और पिछले बकाये का संपूर्ण भुगतान 3 महीने में कराने का एलान किया था। सीएम आदित्यनाथ योगी ने शुगर इंडस्ट्री को 23 अप्रैल तक भुगतान करने का समय दिया है। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि भुगतान नहीं करने वाली मिलों को इसके बाद बख्शा नहीं जाएगा। दागी मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। गन्ना विकास एवं चीन उद्योग मंत्री सुरेश राणा भी लगातार मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। 
विज्ञापन


महाराष्ट्र को पीछे छोड़ा
वर्तमान पेराई सत्र शुगर इंडस्ट्री के लिए मुफीद रहा है। मार्केट में चीनी का बेहतर रेट है और इस बार गन्ने से चीनी की रिकवरी भी पिछले साल के मुकाबले औसतन करीब एक फीसदी ज्यादा आ रही है। मंडल की चीनी मिलों ने पिछले साल के मुकाबले करीब 25 लाख क्विंटल ज्यादा चीनी का उत्पादन किया है। जिसका मूल्य करीब 800 करोड़ से ज्यादा है। प्रदेश में भी चीनी का उत्पादन देश के बाकी हिस्सों से ज्यादा हुआ है। इस बार प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इन्होंने नही किया भुगतान
मंडल में मेरठ जनपद की मवाना, नंगलामल और किनौनी के अलावा गाजियाबाद जनपद की मोदीनगर, हापुड़ जनपद की सिंभावली और बृजनाथपुर व बागपत जिले की मलकपुर शुगर मिल किसानों का भुगतान करने में फिसड्डी चल रही हैं। जबकि इनके मुकाबले निजी क्षेत्र की दौराला, सकौती, अनामिका, साबितगढ़ और चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर मिल ने 14 दिन पूर्व का भुगतान 100 फीसदी कर रखा है।

बोलते आंकड़े 
गत वर्ष मंडल में चीनी का उत्पादन             करीब 100 लाख क्विंटल
औसत रिकवरी                                   करीब 9.90 फीसदी 
गन्ना पेराई                                        करीब 972 लाख क्विंटल
देय गन्ना मूल्य                                   करीब 2800 करोड़ 
वर्तमान पेराई सत्र में चीनी उत्पादन             करीब 125 लाख क्विंटल
औसत रिकवरी                                   करीब 10.85 फीसदी 
गन्ना पेराई                                        करीब 1200 लाख क्विंटल
देय गन्ना मूल्य                                   करीब 3700 करोड़   


ये हैं दागी मिलों का हाल 
मिल                       देय मूल्य के सापेक्ष भुगतान (फीसदी में)
मवाना                                54
नंगलामल                            55
किनौनी                              31
मोदीनगर                             26
मलकपुर                            1.87
सिंभावली                           39
बृजनाथपुर                          38

मंडल की मिलों का कुल देय भुगतान        करीब 3700 करोड़ 
अब तक किया भुगतान                      करीब 2550 करोड़ 
अवशेष बकाया भुगतान                     करीब 1150 करोड़ 

सरकार ने मिलों को 23 अप्रैल तक बकाया भुगतान करने को कहा है। उन्होंने सभी को इस बारे में नोटिस भेज दिए हैं। लगातार मामले की मॉनीटरिंग की जा रही है। अगर मिलें भुगतान नहीं करेंगी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed