फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Students started crying due to DM's scolding in Muzaffarnagar of Uttar Pradesh

डीएम की डांट से फूट-फूटकर रोए छात्र-छात्राएं, लोगों में भारी आक्रोश, जानें- क्या है मामला

Fri, 30 Aug 2019 01:47 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 30 Aug 2019 01:47 AM IST
विज्ञापन
Students started crying due to DM's scolding in Muzaffarnagar of Uttar Pradesh
डीएम की डांट से रोने लगे छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला

भाकियू नेताओं के साथ स्कूली वाहनों की समस्या को लेकर पहुंचे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को डीएम ऑफिस में जमकर डांट पिलाई गई। डीएम और अधीनस्थ अफसरों ने उन्हें इस तरह के सवालों से भयभीत किया कि ऑफिस से बाहर निकलते ही छात्र-छात्राएं फूट-फूटकर रो पड़े। छात्र-छात्राओं को सरकारी नौकरी नहीं लगने और जेल भेजने तक की धमकी दी गई। इससे बाहर खड़े लोगों में भारी आक्रोश पनप गया। 

विज्ञापन


डीएम सेल्वा कुमारी जे और उनके स्टाफ के अधिकारी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को इतना डरा दिया कि बच्चे अपने आंसू नहीं रोक सके। डीएम ने भाकियू नेताओं को ऑफिस से बाहर निकलवाकर 22 छात्र-छात्राओं और उनके कुछ अभिभावकों को अंदर ले लिया। यहां इन छात्र-छात्राओं से अफसरों ने इस तरह सवालों की झड़ी लगा दी कि जैसे वे कोई अपराध करके आए हों। पूछा गया, स्कूल टाइम में डीएम के ऑफिस में आने का मतलब समझते हो। तुम्हारे स्कूलों के टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी। मुकदमे दर्ज होंगे तो पूरी जिंदगी नौकरी नहीं मिलेगी। पूरा जीवन खराब हो जाएगा। परिवार के लोगों पर भी कार्रवाई होगी। जो दो-चार अभिभावक साथ थे उनको इतना डराया कि वह कुछ बोल ही नहीं पाए। डीएम, एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला प्रोबेशन अधिकारी ने इतने सवाल पूछ लिए कि बच्चे भयभीत हो गए। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: पैरों में बेड़ियां बांधकर अनिश्चिकालीन धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता, डीएम को बनाया बंधक, तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं कहा गया कि बयान दर्ज हो रहे हैं, तुम्हारे नामों की सूची तैयार होगी। अफसरों को लगा कि कुछ ज्यादा ही सख्ती से बच्चों से पूछताछ हो गई हैं तो उन्हें समझाया। बाद में बच्चों को फल भी खिलाए गए। दो घंटे बाद जब बच्चे बाहर निकले तो उनका डर बाहर निकल आया और वह फूट-फूटकर रोए। बाहर लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया कि उनका कुछ नहीं होगा। डीएम से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई तो कोई जवाब नहीं मिला।

एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि स्कूल टाइम में बच्चे ऑफिस नहीं आ सकते। उनसे कुछ सवाल पूछे गए। उन्होंने खुद, सिटी मजिस्ट्रेट और जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बच्चों के बयान दर्ज किए हैं। जब सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार और जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन से बयानों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इंकार कर दिया। बोले की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने बयान लिए हैं। 

यह भी पढ़ें: मामूली विवाद को लेकर भिड़े दो बिरादरी के लोग, जमकर पथराव और फायरिंग, कई लोग घायल

वहीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अध्यक्ष कमलेश वर्मा से बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह पांच मिनट के लिए डीएम ऑफिस गई थीं। बच्चों के बयान का कोई औचित्य नहीं था। सामान्य बात की और चले आए। हम किसी भी तरह से बच्चों को प्रताड़ित नहीं कर सकते। हमारे सामने अफसरों ने भी बच्चों से कोई सवाल नहीं पूछा। उनके साथ कमेटी के सदस्य राजीव कुमार बंसल भी थे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed