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Meerut News: निजी कॉलेजों के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा, पुलिस से झड़प के बाद कई नेता हिरासत में
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मेरठ..कंवलजीत..यूनिवर्सटी में प्रदर्शन करने के लिए मेरठ कॉलेज में एकत्र हुए छात्रों को रोकती पु
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) से संबद्ध निजी कॉलेजों में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और शैक्षणिक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मंगलवार को छात्रों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। छात्र नेता विजित तालियान के नेतृत्व में निकाली गई रैली के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
छात्रों ने मेरठ कॉलेज से विश्वविद्यालय परिसर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना बनाई थी। जैसे ही रैली कमिश्नरी चौराहे के पास पहुंची पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि वे केवल अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने जा रहे थे लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के कारण स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और छात्रों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई जिसके बाद पुलिस विजित तालियान सहित कई छात्रों को जबरन पकड़कर पुलिस लाइन ले गई।
निजी कॉलेजों पर गंभीर आरोप
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि क्षेत्र के निजी कॉलेज मात्र दो-चार कमरों में बिना योग्य शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवेश के बाद छात्रों से प्रैक्टिकल फीस, इंटर्नशिप लेटर और फैकल्टी बदलने के नाम पर हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। विश्वविद्यालय द्वारा जांच समितियां तो बनाई जाती हैं, लेकिन आज तक किसी भी रसूखदार कॉलेज पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने दावा किया कि आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने सोमवार रात से ही छात्र नेताओं को पकड़कर लोहियानगर और मेडिकल थाने में बैठा लिया था।
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कुलपति को भेजे ज्ञापन में प्रमुख मांगें
निजी कॉलेजों के बुनियादी ढांचे और मानकों की व्यापक जांच हो।
अवैध शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विश्वविद्यालय स्तर पर शिकायतों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी हो।
मेधावी छात्रों और खेल प्रतिभाओं को फीस में विशेष राहत दी जाए।
विश्वविद्यालय के छात्रावासों और मेस टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
प्रदर्शन से पहले ही दिग्गज छात्र नेता हाउस अरेस्ट
इसी आंदोलन के क्रम में, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएसयूआई (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय महासचिव रोहित राणा और सीसीएसयू के निवर्तमान अध्यक्ष विजय राणा को उनके अछरोंडा गांव स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया। परतापुर पुलिस की इस कार्रवाई से छात्र संगठनों में भारी रोष है।
विजय राणा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन ने निजी कॉलेजों को मनमानी की खुली छूट दे रखी है। उन्होंने कहा प्रैक्टिकल के नाम पर छात्रों को लूटा जा रहा है और जब हम आवाज उठाते हैं तो हमें नजरबंद कर दिया जाता है।
वहीं रोहित राणा ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार देते हुए चेतावनी दी कि पुलिस उन्हें घर में तो रोक सकती है लेकिन उनके इरादों को नहीं। उन्होंने कहा, शिक्षा अब सेवा के बजाय व्यापार बन चुकी है, जहां पढ़ाई नहीं बल्कि खरीद-फरोख्त चल रही है। इसके खिलाफ जल्द ही एक और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। फिलहाल, विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन कानून-व्यवस्था का हवाला दे रहा है जबकि छात्र संगठन आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।
शांतिभंग में काटा है चालान
सिविल लाइन पुलिस ने कुछ छात्रों को प्रदर्शन करने से रोका जिसके बाद छात्रों ने हंगामा कर दिया। इस हंगामे के चलते पुलिस ने शांतिभंग की धारा के तहत छात्रों का चालान काटा है। - नवीना शुक्ला, सीओ कैंट
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छात्रों ने मेरठ कॉलेज से विश्वविद्यालय परिसर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना बनाई थी। जैसे ही रैली कमिश्नरी चौराहे के पास पहुंची पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि वे केवल अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने जा रहे थे लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के कारण स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और छात्रों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई जिसके बाद पुलिस विजित तालियान सहित कई छात्रों को जबरन पकड़कर पुलिस लाइन ले गई।
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निजी कॉलेजों पर गंभीर आरोप
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि क्षेत्र के निजी कॉलेज मात्र दो-चार कमरों में बिना योग्य शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवेश के बाद छात्रों से प्रैक्टिकल फीस, इंटर्नशिप लेटर और फैकल्टी बदलने के नाम पर हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। विश्वविद्यालय द्वारा जांच समितियां तो बनाई जाती हैं, लेकिन आज तक किसी भी रसूखदार कॉलेज पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने दावा किया कि आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने सोमवार रात से ही छात्र नेताओं को पकड़कर लोहियानगर और मेडिकल थाने में बैठा लिया था।
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कुलपति को भेजे ज्ञापन में प्रमुख मांगें
निजी कॉलेजों के बुनियादी ढांचे और मानकों की व्यापक जांच हो।
अवैध शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विश्वविद्यालय स्तर पर शिकायतों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी हो।
मेधावी छात्रों और खेल प्रतिभाओं को फीस में विशेष राहत दी जाए।
विश्वविद्यालय के छात्रावासों और मेस टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
प्रदर्शन से पहले ही दिग्गज छात्र नेता हाउस अरेस्ट
इसी आंदोलन के क्रम में, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएसयूआई (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय महासचिव रोहित राणा और सीसीएसयू के निवर्तमान अध्यक्ष विजय राणा को उनके अछरोंडा गांव स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया। परतापुर पुलिस की इस कार्रवाई से छात्र संगठनों में भारी रोष है।
विजय राणा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन ने निजी कॉलेजों को मनमानी की खुली छूट दे रखी है। उन्होंने कहा प्रैक्टिकल के नाम पर छात्रों को लूटा जा रहा है और जब हम आवाज उठाते हैं तो हमें नजरबंद कर दिया जाता है।
वहीं रोहित राणा ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार देते हुए चेतावनी दी कि पुलिस उन्हें घर में तो रोक सकती है लेकिन उनके इरादों को नहीं। उन्होंने कहा, शिक्षा अब सेवा के बजाय व्यापार बन चुकी है, जहां पढ़ाई नहीं बल्कि खरीद-फरोख्त चल रही है। इसके खिलाफ जल्द ही एक और बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। फिलहाल, विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन कानून-व्यवस्था का हवाला दे रहा है जबकि छात्र संगठन आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।
शांतिभंग में काटा है चालान
सिविल लाइन पुलिस ने कुछ छात्रों को प्रदर्शन करने से रोका जिसके बाद छात्रों ने हंगामा कर दिया। इस हंगामे के चलते पुलिस ने शांतिभंग की धारा के तहत छात्रों का चालान काटा है। - नवीना शुक्ला, सीओ कैंट