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छात्रों ने कुलपति पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला पर छात्रों ने वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों के नियमों की अवहेलना के आरोप लगाए हैं। यह आरोप विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और अधिवक्ता आदेश प्रधान ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रेसवार्ता में लगाए हैं।
छात्रों ने बताया कि उन्होंने भ्रष्टाचार के साक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजे हैं। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई, ईडी, सीएजी और लोकायुक्त से कराए जाने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय में बिना नक्शा स्वीकृति कराए दो भवनों का अवैध निर्माण किया गया, जिस पर 14.54 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।मरम्मत और अनुरक्षण पर 116.31 करोड़ रुपये (2022-23) व 153.11 करोड़ रुपये (2023-24) खर्च दिखाया गया, जिसकी वैधता स्पष्ट नहीं। 39 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और सात लाख प्रायोगिक पुस्तिकाएं बिना आवश्यकता के खरीदी गईं, जिस पर 4.88 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुलपति पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी संपत्ति अर्जित करने और मेरठ विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से अवैध निर्माण कराने के भी आरोप लगाए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो. मुकेश शर्मा का कहना है कि द्वेषपूर्ण मानसिकता से प्रेरित व्यक्ति ऐसी आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं।विश्वविद्यालय में सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, नियमों के अनुरूप किए जाते हैं। विश्वविद्यालय ने कुलपति के कार्यकाल में निरंतर प्रगति की है।
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छात्रों ने बताया कि उन्होंने भ्रष्टाचार के साक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजे हैं। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई, ईडी, सीएजी और लोकायुक्त से कराए जाने की मांग की है। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय में बिना नक्शा स्वीकृति कराए दो भवनों का अवैध निर्माण किया गया, जिस पर 14.54 करोड़ रुपये का व्यय हुआ।मरम्मत और अनुरक्षण पर 116.31 करोड़ रुपये (2022-23) व 153.11 करोड़ रुपये (2023-24) खर्च दिखाया गया, जिसकी वैधता स्पष्ट नहीं। 39 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और सात लाख प्रायोगिक पुस्तिकाएं बिना आवश्यकता के खरीदी गईं, जिस पर 4.88 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुलपति पर सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी संपत्ति अर्जित करने और मेरठ विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से अवैध निर्माण कराने के भी आरोप लगाए गए हैं।
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विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो. मुकेश शर्मा का कहना है कि द्वेषपूर्ण मानसिकता से प्रेरित व्यक्ति ऐसी आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं।विश्वविद्यालय में सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, नियमों के अनुरूप किए जाते हैं। विश्वविद्यालय ने कुलपति के कार्यकाल में निरंतर प्रगति की है।
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