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Meerut News: ड्रैगन फ्रूट के साथ स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों को बनाएगी मालामाल

Fri, 26 Dec 2025 02:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 02:42 AM IST
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Strawberry cultivation along with dragon fruit will make farmers rich
मोदीपुरम- ड्रैगन फ्रूट के साथ स्ट्रॉबेरी की खेती की जानकारी देते डॉ. अरविंद।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागवानी किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय ने एक क्रांतिकारी पहल की है। विश्वविद्यालय के फल विज्ञान विभाग में ड्रैगन फ्रूट के साथ स्ट्रॉबेरी की अंतः फसल प्रणाली (एक फसल के साथ अंदर दूसरी फसल लगाना) पर सफल प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक से किसान एक ही खेत में दो फलों की खेतीकर साल भर उत्पादन और मुनाफा ले सकेंगे।
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फल वैज्ञानिक डॉ. गोविंद विश्वकर्मा के अनुसार विश्वविद्यालय में ड्रैगन फ्रूट की 17 विभिन्न प्रजातियों का रोपण किया गया है। नवाचार यह है कि साथ ही ड्रैगन फ्रूट की पंक्तियों के बीच में स्ट्रॉबेरी को अंतः फसल के रूप में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट एक बार लगाने पर 15-20 साल तक फल देता है। यह कम पानी (50 सेमी वार्षिक वर्षा) और सामान्य तापमान 20-30 डिग्री सेल्सियस में भी फलता-फूलता है। वहीं स्ट्रॉबेरी ड्रैगन फ्रूट के बीच खाली पड़े बेड पर उगाया जाता है जिससे जमीन का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित होता है। इस प्रणाली को अपनाने के लिए वैज्ञानिक विधि से रोपण आवश्यक है।
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ऐसे करें तैयारी

फसल को सीमेंट के खंभों के सहारे 4मी.x3मी की दूरी पर लगाया जाता है। प्रत्येक खंभे पर चार पौधे लगाए जाते हैं। इस प्रकार प्रति एकड़ लगभग 330 खंभे व 1320 पौधे लगाए जाते हैं। ड्रैगन फ्रूट की पंक्तियों के बीच खली स्थान में 80 सेमी चौड़े व 15 सेमी ऊंचे बेड तैयार कर उन पर स्ट्रॉबेरी के पौधे 30 सेमीx45 सेमी की दूरी पर रोपित किए जाते हैं। ड्रैगन फ्रूट में मई माह से फूल आना शुरू हो जाता है व 40 दिन बाद फल परिपक्व हो जाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके फलों की तुड़ाई दिसंबर तक चलती रहती है। वहीं, स्ट्रॉबेरी की रोपाई अक्तूबर में की जाती है जिसमें दिसंबर से फूल आना शुरू हो जाता है और जनवरी से ही फल परिपक्व होना शुरू हो जाते है। मई तक फलों की तुड़ाई होती रहती है।
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कर सकते हैं 10 लाख तक की वार्षिक आय
विशेषज्ञों के अनुसार यह मॉडल आर्थिक रूप से बेहद मजबूत है। ड्रैगन फ्रूट एक एकड़ में स्थापना लागत 5-6 लाख रुपये है। तीन साल बाद इससे सालाना 6-7 लाख रुपये की आय होने लगती है। वहीं स्ट्रॉबेरी की खेती में प्रति एकड़ 2.5-3 लाख रुपये की लागत आती है, जिससे 5.5-6 लाख रुपये तक की आय संभव है। दोनों फसलों के मेल से किसान एक एकड़ भूमि से प्रति वर्ष 8 से 10 लाख तक की कमाई कर सकते हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जलवायु इन दोनों फसलों के लिए अनुकूल है। नई विधि अपनाकर किसान न केवल अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं बल्कि साल भर आर्थिक रूप से सशक्त रह सकते हैं। — डॉ. केके सिंह, कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय

अभी तक सब्जियों में सहफसली खेती की जाती थी लेकिन फलों में अंत: फसल प्रणाली विधि अपनाकर वर्षभर खेती की जा सकती है। जल्द बागवानी करने वाले किसानों के बीच पहुंचकर इस विधि के बारे में उन्हें जागरूक किया जाएगा। -डॉ. अरविंद कुमार, विभागाध्यक्ष, फल विज्ञान विभाग कृषि विवि




रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है ड्रैगन फ्रूट

ड्रैगन फ्रूट एक सुपर फल है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जलवायु में इसकी खेती की अपार संभावना हैं। यह फल पोषण से भरपूर होता है। इसके सेवन से मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, कोलेस्ट्रॉल, पाचन संबंधी समस्या, गठिया, डेंगू, अस्थमा, हड्डी व त्वचा रोगों में लाभ मिलता है साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। ड्रैगन फ्रूट से जैम, जेली, आइसक्रीम, जूस, वाइन, फेस पैक आदि उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
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