सरकारी सुविधाओं के अभाव के बावजूद खिलाड़ियों ने निजी कोचों की मदद से अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय फलक पर खुद का रास्ता तैयार किया है। शूटिंग, बैडमिंटन, तीरंदाजी से लेकर एथलेटिक और बैडमिंटन में खिलाड़ियों ने प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
मेरठ: स्टेडियम में न कोच न सुविधाएं, अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमक बिखेर रहे मेरठ के खिलाड़ी
खिलाड़ी एशियन गेम्स जैसी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं तक में निजी कोचों के सहारे क्वालिफाए कर रहे हैं। ज्यादातर खिलाडीयों ने अपने दम पर सफलता हासिल की है। सरकार के द्वारा कोई मदद नही मिल रही है। स्टेडियम में 12 से ज्यादा खेलों पर सिर्फ चार ही स्थाई कोच हैं।
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एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ में बनाई जगह
सरधना के बहादरपुर गांव निवासी भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी ने गांव की चकरोड पर अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में जिले का नाम रोशन किया। किसान परिवार में जन्मी अन्नू ने 2022 टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने के बाद इस साल होने वाले एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह पक्की कर ली है। निजी कोच के सहारे उन्होंने गन्ने से भी अभ्यास किया।
एथलीट पारुल चौधरी एशियन गेम्स में दिखाएंगी प्रतिभा
दौराला क्षेत्र के गांव इकलौता निवासी एथलीट पारुल चौधरी ने एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। उन्होंने निजी कोच गौरव त्यागी से प्राथमिक प्रशिक्षण लिया और अपनी उड़ान तय की।
रसोइया के बेटे नीरज एशियन गेम्स तक पहुंचे
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में मेस में रसोइया रहे अक्षयलाल के तीरंदाज बेटे नीरज चौहान ने एशियन गेम्स में जगह पक्की कर ली है। स्टेडियम में पिछले पांच साल से तीरंदाजी के कोच नहीं है। आईटीबी में कार्यरत नीरज चीन में होने वाले एशियन गेम्स में प्रतिभाग करेंगे।
ओलंपिक तक पहुंचे मनु अत्री
सूरजकुंड रोड निवासी शटलर मनु अत्री को कभी कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तैनात कोच ने नकार दिया था, जिसके बाद पिता राजाराम अत्री ने बेटे को अंतरराष्ट्रीय शटलर बनाने की ठान ली। निजी कोच और निजी एकेडमी में अभ्यास कर वह ओलंपिक तक पहुंचे।
बिना कोच स्टेडियम में पसीना बहा रहे तीरंदाज
इंचौली क्षेत्र के खरदौनी गांव निवासी राष्ट्रीय तीरंदाज दानिश चौहान पिछले दो सालों से स्टेडियम में पसीना बहा रहे हैं। सुबह दस बजे स्टेडियम में बिना कोच के अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं।
स्टेडियम में 170 से अधिक खिलाड़ी
स्टेडियम में एथलेटिक खेल में सौ से ज्यादा खिलाड़ी हैं। तीरंदाजी, शूटिंग, कुश्ती, बाक्सिंग, क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल सहित अन्य खेलों में 70 से ज्यादा खिलाड़ी हैं। स्टेडियम में शूटिंग, हॉकी व एथलेटिक के अस्थाई कोचों का अनुबंध समाप्त हो गया है।
इन खेलों के नहीं कोच
वालीबॉल, जूडो, शूटिंग, एथलेटिक, बैडमिंटन, कबड्डी, हॉकी, तीरंदाजी, फुटबॉल, हैंडबॉल, टेबिल-टेनिस, जिम्नास्टिक।