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तैयार होंगे स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स, डीएनबी कोर्स होगा शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Wed, 17 May 2017 02:29 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स कराने की अनुमति के लिए प्रपोजल तैयार किया गया है। इसे लेकर जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक अपनी टीम के साथ लखनऊ जाने वाले हैं। यह कोर्स शुरू होने पर शहर में ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार होंगे।
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डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है। यह एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसन) के समकक्ष होता है। इस कोर्स को शुरू करने की अनुमति नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) देता है। यह कोर्स एमबीबीएस अथवा डीजीओ पास करने वाले मेडिकल के विद्यार्थी कर सकते हैं। इसकी मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर पढ़ाई होगी। इस कोर्स को करने के दौरान डॉक्टर्स हॉस्पिटल परिसर में ही रहते हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि उनकी कोशिश है कि जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में तब्दील हो जाए। इसकी शुरुआत डीएनबी कोर्स से करने की है। शासन से इसके लिए अनुमति मांगी गई है। यह कोर्स शुरू होने के बाद अन्य कोर्स भी यहां शुरू कराए जा सकते हैं। इसके लिए फैकल्टी की जरूरत पड़ेगी। इसका पूरा प्रपोजल तैयार कर लिया गया है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञों समेत सभी डॉक्टरों की संख्या, मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता, समेत अन्य तमाम सुविधाओं को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार कर वह डीजी हेल्थ के पास जा रहे हैं। अनुमति मिलने पर विशेषज्ञों की टीम यहां आकर निरीक्षण करेगी। इसके बाद कोर्स शुरू हो पाएगा।
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ई-लाइब्रेरी के लिए प्राचार्य को लिखा गया पत्र
प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि कोर्स शुरू होने के बाद यहां लाइब्रेरी की भी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए पूरा सेटअप तैयार करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में ई-लाइब्रेरी है। ई-लाइब्रेरी शुरू कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा गया है।
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यह होगा फायदा
- स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी पूरी होगी
- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा
- रेजिडेंशियल कोर्स होने से डॉक्टर्स ऑन कॉल मरीज के पास पहुंच सकेंगे
- पैथोलॉजी, बच्चा वार्ड और इमरजेंसी वार्ड में इलाज का दबाव कम होगा
- ओपीडी में रोजाना औसतन तीन हजार मरीजों को समय पर इलाज देने की सुविधा