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सोनू कश्यप हत्याकांड : यूपी गेट पर मंत्री को रोका, सकौती में हाईवे पर लगाया जाम
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मेरठ..कंवलजीत..सोनू कश्यप के परिजनों को मुआवजा देने की मांग व हत्यारो को फांसी की मांग को लेकर
सरधना क्षेत्र के ज्वालागढ़ में हुए सोनू कश्यप उर्फ रोहित हत्याकांड के मामले में बुधवार को निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा। प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद को गाजियाबाद में यूपी गेट पर रोकने की सूचना पर कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने हाईवे-58 पर सकौती नगली गेट पर जाम लगा दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब भाजपा नेता और कार्यकर्ता परिजनों से मिलने जा सकते हैं तो फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है। जाम के कारण करीब 25 मिनट तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मुजफ्फरनगर जा रहे थे। उन्हें गाजियाबाद में यूपी गेट पर ही रोक लिया गया। वहां पर जमकर हंगामा हुआ लेकिन आने नहीं दिया गया। कार्यकर्ताओं को इसका पता चला तो सकौती नगली गेट के नजदीक हाईवे-58 पर पहुंच गए और हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर दौराला पुलिस मौके पर पहुंची और उनसे बातचीत की। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और जाम खोल दिया। इस दौरान प्रदीप कश्यप, श्याम कश्यप, महिपाल कश्यप, मनोज, राजीव, शिवम, पुष्पेंद्र सहित कई निषाद पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल का कहना है कि कुछ कार्यकर्ता हाईवे पर आकर जाम लगा रहे थे। उन्हें समझाकर हटा दिया गया। कानून व्यवस्था खराब करने के लिए किसी को अनुमति नहीं है।
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राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से घटनास्थल का रुख कर रहा है : नरेंद्र कश्यप
राज्यमंत्री ने एक लाख रुपये की मदद देकर सोनू के रिश्तेदारों को दी सांत्वना
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के गांव रार्धना अक्खेपुर के पास हुई रोहित उर्फ सोनू कश्यप की हत्या के मामले में बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री (दिव्यांगजन) एवं ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप हाईवे पर स्थित दादरी गांव में उसके ज्वालागढ़ निवासी रिश्तेदारों से मिले। सोनू हत्याकांड और मेरठ में हुई महिला की हत्या के मामले में विपक्ष की सक्रियता पर मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल माहौल गर्म करने और राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से घटनास्थल का रुख कर रहा है। वह न तो परिवारों के प्रति संवेदनाएं दिखा रहा है और न ही किसी प्रकार की मदद करने की पहल कर रहा है।
पुलिस प्रशासन ज्वालागढ़ से सोनू की मौसी मदनवती, मौसा सोमपाल, मौसा के भाई इंद्रपाल व अन्य को लेकर एनएच-58 स्थित गांव दादरी के पास होटल में लेकर पहुंचा और उनकी मंत्री नरेंद्र कश्यप से मुलाकात कराई। मंत्री ने उसके रिश्तेदारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया और मृतक के परिजनों को निजी तौर पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष और गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि आरोपी कानून से नहीं बच पाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।आश्वासन दिया कि सरकारी स्तर से मिलने वाली सभी सुविधाएं और सहायता भी परिवार को दिलवाई जाएंगी।
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पुलिस की रोक के बावजूद सोनू के घर पहुंचे सांसद मलिक
- गली में पुलिस ने सपा के प्रतिनिधिमंडल को रोकने का प्रयास किया
फोटो समेत
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला किला में सोनू कश्यप उर्फ रोनू के घर जा रहे सपा सांसद हरेंद्र मलिक कोे पुलिस ने घर के पास ही रोकना चाहा। पुलिस से बातचीत के बाद सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। सांसद ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई में वह पीड़ित परिवार के साथ है। हर स्तर पर परिवार की मदद की जाएगी। अजीब विडंबना है कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है।
बुधवार को सांसद अपने समर्थकों के साथ मृतक के परिवार से मिलने के लिए निकले। उन्हें शहर कोतवाली पुलिस ने रास्ते में रोकने का प्रयास किया लेकिन सांसद का काफिला नहीं रूका। घर में परिवार की बेटी मिली। सांसद ने कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस जीप में बैठाकर मेरठ ले गई थी। सांसद ने कहा कि उनकी यह बात समझ नहीं आ रही है कि पुलिस परिजनों से मिलने से क्यों रोक रही है। पीड़ितों को न्याय की आवश्यकता है। गरीब परिवार है। ऐसा कर गिरती कानून व्यवस्था से बचने व न्याय को दबाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। पीडीए पर जो अत्याचार हो रहे हैं वह निंदनीय है। इस मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। पुलिस को दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है। डीएम उमेश मिश्रा व एसएसपी संजय कुमार वर्मा दोपहर में मृतक सोनू कश्यप के घर पहुुंचे। वहां पर मृतक का भाई व नाबालिग भतीजी मिली। उसे अधिकारियों ने सांत्वना दी। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में मेरठ पुलिस कार्रवाई कर रही है। एक आरोपी नाबालिग आरोपी पकड़ा गया है। मेरठ एसएसपी से वार्ता कर उन्होंने समन्वय बनाया है।
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सांसद चंद्रशेखर और पूर्व मंत्री बालियान को भी रोका
आसपा अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर भी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें भी रास्ते में रोक लिया था। परिजनों से मिलने नहीं दिया था। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ के ज्वालागढ़ गए। उनका कहना है कि पुलिस ने परिवार से नहीं मिलने दिया। इसके बाद दादरी में मुलाकात की गई। दादरी से वह अपनी गाड़ी में सोनू की मां और बहन को लेकर शहर के किला मोहल्ला पहुंचे। पुलिस ने बालियान को गली के बाहर ही रोक लिया और घर में नहीं जाने दिया। बालियान का कहना है कि हर स्तर पर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का काम किया जाएगा।
नेताओं और सामाजिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ़ में बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कश्यप समाज के लोग पहुंचे। उन्होंने मृतक रोहित उर्फ सोनू कश्यप की मौसी मदनवती समेत परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान परिजनों ने घटना को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। रिश्तेदारों का कहना था कि वारदात से पहले सोनू ने सलावा में चार युवकों के साथ चाउमीन खाई थी। पैसे भी सोनू ने ही दिए थे। आरोप लगाया गया कि घटना में अन्य युवक भी शामिल हैं लेकिन पुलिस ने मामले में लीपापोती कर केवल एक नाबालिग को ही जेल भेज दिया। विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
बुधवार को ज्वालागढ़ पहुंचे कश्यप निषाद संगठन के प्रदेश महासचिव प्रदीप कश्यप, कृष्णपाल कश्यप, भाजपा पिछड़ा मोर्चा सिवालखास-पांचली खुर्द कार्यकारिणी सदस्य राकेश कश्यप सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने परिजनों से बात की।
जनप्रतिनिधियों व मीडिया पर लगी रोक
कपसाड़ में हुए सुनीता हत्याकांड और रूबी अपहरण के बाद पुलिस ने गांव में जनप्रतिनिधियों और मीडिया की आवाजाही पर रोक लगाई थी। इसी तरह ज्वालागढ़ में भी पीड़ित परिवार के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर लगभग सौ मीटर पहले पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। सीओ आशुतोष कुमार दिनभर गांव में डटे रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
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हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीएम के नाम ज्ञापन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। सपा के पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। जिसमें सोनू कश्यप के अन्य हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बताया कि जिस टेंपो में सोनू कश्यप बैठा था उसके चालक को रोहित के पास पैसों की जानकारी हो गई। इस कारण टेंपो चालक की नीयत में खोट आ गया और लालचवश अपने साथियों को बुलाकर रोहित की हत्या कर शव जला दिया। इस घटना से कश्यप समाज में आक्रोश है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मुजफ्फरनगर जा रहे थे। उन्हें गाजियाबाद में यूपी गेट पर ही रोक लिया गया। वहां पर जमकर हंगामा हुआ लेकिन आने नहीं दिया गया। कार्यकर्ताओं को इसका पता चला तो सकौती नगली गेट के नजदीक हाईवे-58 पर पहुंच गए और हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर दौराला पुलिस मौके पर पहुंची और उनसे बातचीत की। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और जाम खोल दिया। इस दौरान प्रदीप कश्यप, श्याम कश्यप, महिपाल कश्यप, मनोज, राजीव, शिवम, पुष्पेंद्र सहित कई निषाद पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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राज्यमंत्री ने एक लाख रुपये की मदद देकर सोनू के रिश्तेदारों को दी सांत्वना
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के गांव रार्धना अक्खेपुर के पास हुई रोहित उर्फ सोनू कश्यप की हत्या के मामले में बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री (दिव्यांगजन) एवं ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप हाईवे पर स्थित दादरी गांव में उसके ज्वालागढ़ निवासी रिश्तेदारों से मिले। सोनू हत्याकांड और मेरठ में हुई महिला की हत्या के मामले में विपक्ष की सक्रियता पर मंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल माहौल गर्म करने और राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से घटनास्थल का रुख कर रहा है। वह न तो परिवारों के प्रति संवेदनाएं दिखा रहा है और न ही किसी प्रकार की मदद करने की पहल कर रहा है।
पुलिस प्रशासन ज्वालागढ़ से सोनू की मौसी मदनवती, मौसा सोमपाल, मौसा के भाई इंद्रपाल व अन्य को लेकर एनएच-58 स्थित गांव दादरी के पास होटल में लेकर पहुंचा और उनकी मंत्री नरेंद्र कश्यप से मुलाकात कराई। मंत्री ने उसके रिश्तेदारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया और मृतक के परिजनों को निजी तौर पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष और गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। कहा कि आरोपी कानून से नहीं बच पाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।आश्वासन दिया कि सरकारी स्तर से मिलने वाली सभी सुविधाएं और सहायता भी परिवार को दिलवाई जाएंगी।
पुलिस की रोक के बावजूद सोनू के घर पहुंचे सांसद मलिक
- गली में पुलिस ने सपा के प्रतिनिधिमंडल को रोकने का प्रयास किया
फोटो समेत
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला किला में सोनू कश्यप उर्फ रोनू के घर जा रहे सपा सांसद हरेंद्र मलिक कोे पुलिस ने घर के पास ही रोकना चाहा। पुलिस से बातचीत के बाद सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। सांसद ने कहा कि इंसाफ की लड़ाई में वह पीड़ित परिवार के साथ है। हर स्तर पर परिवार की मदद की जाएगी। अजीब विडंबना है कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है।
बुधवार को सांसद अपने समर्थकों के साथ मृतक के परिवार से मिलने के लिए निकले। उन्हें शहर कोतवाली पुलिस ने रास्ते में रोकने का प्रयास किया लेकिन सांसद का काफिला नहीं रूका। घर में परिवार की बेटी मिली। सांसद ने कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस जीप में बैठाकर मेरठ ले गई थी। सांसद ने कहा कि उनकी यह बात समझ नहीं आ रही है कि पुलिस परिजनों से मिलने से क्यों रोक रही है। पीड़ितों को न्याय की आवश्यकता है। गरीब परिवार है। ऐसा कर गिरती कानून व्यवस्था से बचने व न्याय को दबाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। पीडीए पर जो अत्याचार हो रहे हैं वह निंदनीय है। इस मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। पुलिस को दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है। डीएम उमेश मिश्रा व एसएसपी संजय कुमार वर्मा दोपहर में मृतक सोनू कश्यप के घर पहुुंचे। वहां पर मृतक का भाई व नाबालिग भतीजी मिली। उसे अधिकारियों ने सांत्वना दी। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में मेरठ पुलिस कार्रवाई कर रही है। एक आरोपी नाबालिग आरोपी पकड़ा गया है। मेरठ एसएसपी से वार्ता कर उन्होंने समन्वय बनाया है।
सांसद चंद्रशेखर और पूर्व मंत्री बालियान को भी रोका
आसपा अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर भी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें भी रास्ते में रोक लिया था। परिजनों से मिलने नहीं दिया था। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ के ज्वालागढ़ गए। उनका कहना है कि पुलिस ने परिवार से नहीं मिलने दिया। इसके बाद दादरी में मुलाकात की गई। दादरी से वह अपनी गाड़ी में सोनू की मां और बहन को लेकर शहर के किला मोहल्ला पहुंचे। पुलिस ने बालियान को गली के बाहर ही रोक लिया और घर में नहीं जाने दिया। बालियान का कहना है कि हर स्तर पर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का काम किया जाएगा।
नेताओं और सामाजिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ़ में बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कश्यप समाज के लोग पहुंचे। उन्होंने मृतक रोहित उर्फ सोनू कश्यप की मौसी मदनवती समेत परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान परिजनों ने घटना को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। रिश्तेदारों का कहना था कि वारदात से पहले सोनू ने सलावा में चार युवकों के साथ चाउमीन खाई थी। पैसे भी सोनू ने ही दिए थे। आरोप लगाया गया कि घटना में अन्य युवक भी शामिल हैं लेकिन पुलिस ने मामले में लीपापोती कर केवल एक नाबालिग को ही जेल भेज दिया। विभिन्न दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
बुधवार को ज्वालागढ़ पहुंचे कश्यप निषाद संगठन के प्रदेश महासचिव प्रदीप कश्यप, कृष्णपाल कश्यप, भाजपा पिछड़ा मोर्चा सिवालखास-पांचली खुर्द कार्यकारिणी सदस्य राकेश कश्यप सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने परिजनों से बात की।
जनप्रतिनिधियों व मीडिया पर लगी रोक
कपसाड़ में हुए सुनीता हत्याकांड और रूबी अपहरण के बाद पुलिस ने गांव में जनप्रतिनिधियों और मीडिया की आवाजाही पर रोक लगाई थी। इसी तरह ज्वालागढ़ में भी पीड़ित परिवार के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर लगभग सौ मीटर पहले पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। सीओ आशुतोष कुमार दिनभर गांव में डटे रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीएम के नाम ज्ञापन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। सपा के पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम संतोष कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। जिसमें सोनू कश्यप के अन्य हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बताया कि जिस टेंपो में सोनू कश्यप बैठा था उसके चालक को रोहित के पास पैसों की जानकारी हो गई। इस कारण टेंपो चालक की नीयत में खोट आ गया और लालचवश अपने साथियों को बुलाकर रोहित की हत्या कर शव जला दिया। इस घटना से कश्यप समाज में आक्रोश है।