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शराब की दुकानों पर ध्वस्त हुई सोशल डिस्टेंसिंग
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शराब की दुकानों पर ध्वस्त हुई सोशल डिस्टेंसिंग
मवाना। थाने के समीप स्थित देसी शराब का ठेका सुबह में खुलते ही ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने ठेका बंद करा दिया। वहीं, गांव पिलौना में भी शराब के ठेके पर भीड़ रही।
मवाना नगर का अधिकांश हिस्सा सील है। जिस कारण पुलिस-प्रशासन ने फिलहाल ठेकों को खोलने से इनकार कर दिया था। जिसके चलते सोमवार को ठेके नहीं खोले गए थे। वहीं, मंगलवार सुबह जैसे ही थाने से कुछ दूर स्थित देसी शराब का ठेका खुला तो खरीददारों की लंबी कतार लग गई। लाइन में लगे लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा। ठेका खुलने की सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डंडे फटकारे और वहां से लोगों को दौड़ाया। इसके तुरंत बाद ही ठेका बंद करा दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी का कहना है कि शराब के ठेके फिलहाल नगर में खोलने की अनुमति नहीं है। गलतफहमी में ठेका खोल दिया था। जिसे सूचना मिलते ही तुरंत बंद करा दिया। वहीं, गांव पिलौना में खुले देसी शराब ठेके पर भी ग्राहकों की सुबह से ही लंबी लाइन लगी थी। हालांकि वहां लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। नगर में शराब के ठेके नहीं खुलने से शराब के शौकीन मायूस हैं तथा लॉकडाउन का उल्लंघन कर आसपास क्षेत्रों में खुले शराब के ठेकों पर खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
दूसरे दिन भी तार-तार हुई सोशल डिस्टेंसिंग
बहसूमा। कस्बा स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके पर 41 दिन के लंबे लॉकडाउन के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी शराब बिकी। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया। वहीं, देशी शराब के ठेके दूसरे दिन भी बंद रहे। हालांकि पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए पहुंची।
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पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी
दौराला। हाईवे पर दौराला थाने के सामने सोमवार देर शाम खुले अंग्रेजी के ठेके पर मंगलवार को भी जमकर भीड़ उमड़ी। शराब खरीदने के लिए पहुंचे लोग शराब लेने के चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए, जिस पर पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। वहीं आस पास क्षेत्र के लोग भी दौराला में शराब लेने पहुंच रहे है।
सोमवार देर शाम शराब के ठेके खुलने की सूचना पर लोग लाइन में लगकर शराब खरीदने पहुंचे थे। हालांकि ठेके खुलने से पहले आबकारी विभाग ने स्टॉक की जांच की और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए। मंगलवार सुबह से ही ठेके खुल गए। जिस पर दौराला व आस पास के क्षेत्रों के लोग शराब लेने पहुंचे। भीड़ एकत्रित होने से लाइन हाइवे तक पहुंच गई और लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी फटकारी और लोगों को लाइन में लगकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए। पुलिस ने ठेका संचालक को भी निर्देश दिए कि यदि कोई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करता तो उसे शराब न दी जाए। वहीं लावड़ में अंग्रेजी शराब का ठेका न खुलने से लोगों को मायूसी हाथ लगी। दरअसल ठेके पर स्टॉक न होने से ठेका नहीं खुल सका। वहीं दोपहर के समय में देशी शराब का ठेका खुलने के बाद लोगों ने लाइन में लगकर शराब की खरीदारी की। सीओ जितेंद्र सरगम का कहना है कि ठेका संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देश दिए गए है। यदि कोई व्यक्ति पालन नहीं करता तो उसे शराब न दी जाए।
पुलिस ने ठेकों पर व्यवस्था बनाने के लिए किया हस्तक्षेप
खरखौदा। शासन के आदेश के बाद अधिकतकर क्षेत्रों में सोंमवार को ही शराब के दुकान पर शराब की बिक्री शुरू हो गई थी। लेकिन खरखौदा क्षेत्र के कस्बा खरखौदा सहित कैली, धीरखेडा व फफूंडा में मंगलवार को शराब की दुकानें खुली। जहां कैली, फफूंडा व धीरखेडा में केवल देशी शराब के ठेकों पर ही शराब बिकी। यहां अग्रेजी शराब की दुकानों पर माल उपलब्ध नहीं था। केवल खरखौदा में ही अग्रेजी शराब की दुकान पर शराब की बिक्री हुई। जैसे ही शराब के दुकानें खुली द़ुकानों पर लंबी लंबी लाइने लग गई। जहां सोशल डिस्टेंस का भी खूब उलंघन हुआ। जहां बाद में शांति व्यवस्था बनाने व सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पडा। वहीं प्रत्येक शराब की दुकान पर आबकारी विभाग के कर्मचारी भी लगे रहे।
ठेकों पर लटके रहे ताले
माछरा/मुंडाली। क्षेत्र में शराब के ठेके खुले। कुछ ठेकों पर देशी शराब थी। अंग्रेजी शराब के ठेकों पर ताले लटके रहे। बताया गया कि शराब गोदाम से मिलने पर ही ठेके खुलेंगे।
क्षेत्र क माछरा, रछौती, मे देशी शराब के ठेको पर शराब की बिक्री होती रही वही दूसरी तरफ हसनपुर कलां, नंगलामल मिल, सिसौली, शफियाबाद लोटी में अंग्रेजी, देशी शराब के ठेकों पर शराब न होने के कारण ताले लटके रहे। अनेक लोग शराब की दुकान पर चक्कर लगाकर वापस बिना शराब लिये जाते रहे। उधर, आबकारी इंस्पेक्टर क्षेत्र मवाना अतुल त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को आज शराब गोदाम से ठेकेदारो को ही जायेगी तथा शराब भी थोडी मात्रा मे ही दी जायेगी क्योकि फैक्ट्री से शराब नही आ रही है जब थोक गोदाम पर आ जायेगी तक भरपूर मात्रा मे दी जायेगी यदि किसी ने शराब निर्धारित मूल्य से अधिक पर ब्लैक मे बेची जा रही है उसके विरूद्ध कठौर कार्यवाही की जाएगी।
ठेकों पर जमकर उड़ी लॉकडान की धज्जियां
जानीखुर्द। जानी खुर्द क्षेत्र में मंगलवार को भी सरकारी शराब की दुकानों पर लॉक डाउन की जमकर धज्जियां उड़ी। दुकानों पर ग्राहकों की लम्बी लाइनें लग रही। सोशल डिस्टैंस के नियम का कही भी पालन नहीं हुआ। वही आबकरी पुलिस की मौजूदगी में शराब को रेट से ज्यादा बेचा गया।
मंगलवार को भी जानी क्षेत्र में शराब के ठेकों के आगे ग्राहकों की लम्बी लम्बी कतारें लग रही। जानी खुर्द में भूपगढ़ी मार्ग पर स्थित देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान सुबह दस बजे से खुलने से पहले ही दुकानों के बाहर शराब के शौकिनों की लाईन लगनी शुरू हो गई थी। खुलने से पहले दुकानों के बाहर चूने से गोले बनाये गये। लेकिन दुकानों पर ब्रिकी शुरू होते ही ग्राहक बेकाबू होने लगे। ग्राहकों ने पहले शराब लेने के चक्कर में सोशल डिस्टैंस की धज्जियां उडा दी। दुकान खुलने के बाद आबकारी विभाग के दो पुलिस कर्मी दुकानों पर भीड की काबू करने के लिये पहुंच गये। लेकिन उनके सामने ही अंग्रेजी शराब की दुकान पर रेट से ज्यादा कीमत पर शराब की बोतल सैल्समेनों ने बिकनी शुरू कर दी। ग्राहक तुलसी, राहुल, सोनू आदि के अनुसार आबकारी विभाग के पुलिस कर्मियों से रेट से ज्यादा कीमत लेने की शिकायत की गई तो पुलिस कर्मी उलटा उन्हें डाटनें लगे। इसके बाद ग्राहकों ने इसकी शिकायत थाना पुलिस के साथ 100 नंबर पर की। इसके बाद जानी पुलिस ने पहुंचकर दुकान के सेल्समेनों का जमकर हडकाया। जानी थाना प्रभारी योगेन्द्राल सिंह के अनुसार वह मौखिक शिकायत पर मौके पर गये थे। अगर लिखित में शिकायत मिलेगी तो वह तहरीर के अधार पर आगे की कार्यवाही करेगें। भोला, टिमकिया आदि गावों में भी शराब की दुकानों पर ग्राहकों की लाइनें लगी रही।
देसी शराब की मांग रही कम
बौंद्रा। 42 दिन के लंबे लांकडाउन के बाद मगंलवार को देहात क्षेत्र मे स्थित देसी शराब के ठेके खुल गये लेकिन इन पर भीड नहीं जुट पाई क्योकि अंग्रेजी शराब पीने वाले अधिक होने के कारण देसी शराब कम डिमांड होने के चलते एक दो व्यक्ति आते और लेकर चले जाते जिससे ठेके पर भीड़ नहीं रही। क्षेत्र के गांव बौन्द्रा छुछाई व खादर क्षेत्र में स्थित देसी शराब की डिमांड कम रही । ठेके स्वामी पालू का कहना है कि अंग्रेजी शराब के अधिक शौकीन होने के चलते देशी शराब के ठेकों पर भीड नही रही ।
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मवाना। थाने के समीप स्थित देसी शराब का ठेका सुबह में खुलते ही ग्राहकों की लंबी कतार लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने ठेका बंद करा दिया। वहीं, गांव पिलौना में भी शराब के ठेके पर भीड़ रही।
मवाना नगर का अधिकांश हिस्सा सील है। जिस कारण पुलिस-प्रशासन ने फिलहाल ठेकों को खोलने से इनकार कर दिया था। जिसके चलते सोमवार को ठेके नहीं खोले गए थे। वहीं, मंगलवार सुबह जैसे ही थाने से कुछ दूर स्थित देसी शराब का ठेका खुला तो खरीददारों की लंबी कतार लग गई। लाइन में लगे लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा। ठेका खुलने की सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डंडे फटकारे और वहां से लोगों को दौड़ाया। इसके तुरंत बाद ही ठेका बंद करा दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी राजेंद्र त्यागी का कहना है कि शराब के ठेके फिलहाल नगर में खोलने की अनुमति नहीं है। गलतफहमी में ठेका खोल दिया था। जिसे सूचना मिलते ही तुरंत बंद करा दिया। वहीं, गांव पिलौना में खुले देसी शराब ठेके पर भी ग्राहकों की सुबह से ही लंबी लाइन लगी थी। हालांकि वहां लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया। नगर में शराब के ठेके नहीं खुलने से शराब के शौकीन मायूस हैं तथा लॉकडाउन का उल्लंघन कर आसपास क्षेत्रों में खुले शराब के ठेकों पर खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
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दूसरे दिन भी तार-तार हुई सोशल डिस्टेंसिंग
बहसूमा। कस्बा स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके पर 41 दिन के लंबे लॉकडाउन के बाद दूसरे दिन मंगलवार को भी शराब बिकी। यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा गया। वहीं, देशी शराब के ठेके दूसरे दिन भी बंद रहे। हालांकि पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए पहुंची।
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पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी
दौराला। हाईवे पर दौराला थाने के सामने सोमवार देर शाम खुले अंग्रेजी के ठेके पर मंगलवार को भी जमकर भीड़ उमड़ी। शराब खरीदने के लिए पहुंचे लोग शराब लेने के चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए, जिस पर पुलिस को लाठी फटकारनी पड़ी। वहीं आस पास क्षेत्र के लोग भी दौराला में शराब लेने पहुंच रहे है।
सोमवार देर शाम शराब के ठेके खुलने की सूचना पर लोग लाइन में लगकर शराब खरीदने पहुंचे थे। हालांकि ठेके खुलने से पहले आबकारी विभाग ने स्टॉक की जांच की और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए। मंगलवार सुबह से ही ठेके खुल गए। जिस पर दौराला व आस पास के क्षेत्रों के लोग शराब लेने पहुंचे। भीड़ एकत्रित होने से लाइन हाइवे तक पहुंच गई और लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी फटकारी और लोगों को लाइन में लगकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए। पुलिस ने ठेका संचालक को भी निर्देश दिए कि यदि कोई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करता तो उसे शराब न दी जाए। वहीं लावड़ में अंग्रेजी शराब का ठेका न खुलने से लोगों को मायूसी हाथ लगी। दरअसल ठेके पर स्टॉक न होने से ठेका नहीं खुल सका। वहीं दोपहर के समय में देशी शराब का ठेका खुलने के बाद लोगों ने लाइन में लगकर शराब की खरीदारी की। सीओ जितेंद्र सरगम का कहना है कि ठेका संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देश दिए गए है। यदि कोई व्यक्ति पालन नहीं करता तो उसे शराब न दी जाए।
पुलिस ने ठेकों पर व्यवस्था बनाने के लिए किया हस्तक्षेप
खरखौदा। शासन के आदेश के बाद अधिकतकर क्षेत्रों में सोंमवार को ही शराब के दुकान पर शराब की बिक्री शुरू हो गई थी। लेकिन खरखौदा क्षेत्र के कस्बा खरखौदा सहित कैली, धीरखेडा व फफूंडा में मंगलवार को शराब की दुकानें खुली। जहां कैली, फफूंडा व धीरखेडा में केवल देशी शराब के ठेकों पर ही शराब बिकी। यहां अग्रेजी शराब की दुकानों पर माल उपलब्ध नहीं था। केवल खरखौदा में ही अग्रेजी शराब की दुकान पर शराब की बिक्री हुई। जैसे ही शराब के दुकानें खुली द़ुकानों पर लंबी लंबी लाइने लग गई। जहां सोशल डिस्टेंस का भी खूब उलंघन हुआ। जहां बाद में शांति व्यवस्था बनाने व सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पडा। वहीं प्रत्येक शराब की दुकान पर आबकारी विभाग के कर्मचारी भी लगे रहे।
ठेकों पर लटके रहे ताले
माछरा/मुंडाली। क्षेत्र में शराब के ठेके खुले। कुछ ठेकों पर देशी शराब थी। अंग्रेजी शराब के ठेकों पर ताले लटके रहे। बताया गया कि शराब गोदाम से मिलने पर ही ठेके खुलेंगे।
क्षेत्र क माछरा, रछौती, मे देशी शराब के ठेको पर शराब की बिक्री होती रही वही दूसरी तरफ हसनपुर कलां, नंगलामल मिल, सिसौली, शफियाबाद लोटी में अंग्रेजी, देशी शराब के ठेकों पर शराब न होने के कारण ताले लटके रहे। अनेक लोग शराब की दुकान पर चक्कर लगाकर वापस बिना शराब लिये जाते रहे। उधर, आबकारी इंस्पेक्टर क्षेत्र मवाना अतुल त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को आज शराब गोदाम से ठेकेदारो को ही जायेगी तथा शराब भी थोडी मात्रा मे ही दी जायेगी क्योकि फैक्ट्री से शराब नही आ रही है जब थोक गोदाम पर आ जायेगी तक भरपूर मात्रा मे दी जायेगी यदि किसी ने शराब निर्धारित मूल्य से अधिक पर ब्लैक मे बेची जा रही है उसके विरूद्ध कठौर कार्यवाही की जाएगी।
ठेकों पर जमकर उड़ी लॉकडान की धज्जियां
जानीखुर्द। जानी खुर्द क्षेत्र में मंगलवार को भी सरकारी शराब की दुकानों पर लॉक डाउन की जमकर धज्जियां उड़ी। दुकानों पर ग्राहकों की लम्बी लाइनें लग रही। सोशल डिस्टैंस के नियम का कही भी पालन नहीं हुआ। वही आबकरी पुलिस की मौजूदगी में शराब को रेट से ज्यादा बेचा गया।
मंगलवार को भी जानी क्षेत्र में शराब के ठेकों के आगे ग्राहकों की लम्बी लम्बी कतारें लग रही। जानी खुर्द में भूपगढ़ी मार्ग पर स्थित देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकान सुबह दस बजे से खुलने से पहले ही दुकानों के बाहर शराब के शौकिनों की लाईन लगनी शुरू हो गई थी। खुलने से पहले दुकानों के बाहर चूने से गोले बनाये गये। लेकिन दुकानों पर ब्रिकी शुरू होते ही ग्राहक बेकाबू होने लगे। ग्राहकों ने पहले शराब लेने के चक्कर में सोशल डिस्टैंस की धज्जियां उडा दी। दुकान खुलने के बाद आबकारी विभाग के दो पुलिस कर्मी दुकानों पर भीड की काबू करने के लिये पहुंच गये। लेकिन उनके सामने ही अंग्रेजी शराब की दुकान पर रेट से ज्यादा कीमत पर शराब की बोतल सैल्समेनों ने बिकनी शुरू कर दी। ग्राहक तुलसी, राहुल, सोनू आदि के अनुसार आबकारी विभाग के पुलिस कर्मियों से रेट से ज्यादा कीमत लेने की शिकायत की गई तो पुलिस कर्मी उलटा उन्हें डाटनें लगे। इसके बाद ग्राहकों ने इसकी शिकायत थाना पुलिस के साथ 100 नंबर पर की। इसके बाद जानी पुलिस ने पहुंचकर दुकान के सेल्समेनों का जमकर हडकाया। जानी थाना प्रभारी योगेन्द्राल सिंह के अनुसार वह मौखिक शिकायत पर मौके पर गये थे। अगर लिखित में शिकायत मिलेगी तो वह तहरीर के अधार पर आगे की कार्यवाही करेगें। भोला, टिमकिया आदि गावों में भी शराब की दुकानों पर ग्राहकों की लाइनें लगी रही।
देसी शराब की मांग रही कम
बौंद्रा। 42 दिन के लंबे लांकडाउन के बाद मगंलवार को देहात क्षेत्र मे स्थित देसी शराब के ठेके खुल गये लेकिन इन पर भीड नहीं जुट पाई क्योकि अंग्रेजी शराब पीने वाले अधिक होने के कारण देसी शराब कम डिमांड होने के चलते एक दो व्यक्ति आते और लेकर चले जाते जिससे ठेके पर भीड़ नहीं रही। क्षेत्र के गांव बौन्द्रा छुछाई व खादर क्षेत्र में स्थित देसी शराब की डिमांड कम रही । ठेके स्वामी पालू का कहना है कि अंग्रेजी शराब के अधिक शौकीन होने के चलते देशी शराब के ठेकों पर भीड नही रही ।