{"_id":"6092ffde8ebc3ec36976541a","slug":"six-hrs-waiting-for-bed-in-medical-college-meerut-news-mrt53720744","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए 6 घंटे की वेटिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए 6 घंटे की वेटिंग
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए छह घंटे की वेटिंग
मेरठ। सुधार के तमाम दावों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाआें का माहौल है। अस्पताल के बाहर मरीज इलाज के लिए तड़प रहे हैं। जिला अस्पताल से गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए 4 से 6 घंटे तक की वेटिंग चल रही है। सामाजिक संगठनों से बातचीत में खुद अधिकारी यह बात स्वीकार कर रहे हैं। इसके साथ ही ऑक्सीजन लेवल 41 आने के बाद भी मरीजों को बेड नहीं मिल नहीं मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज में मृत्यु का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और मेडिकल विभाग भी कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है। मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों की सेवा की जिम्मेदारी तीमारदार ही निभा रहे हैं। सुबह से शाम तक मेडिकल कॉलेज के बाहर लोग मरीज को भर्ती कराने के इंतजार में खड़े रहते हैं।
---
केस एक : मुलतान नगर निवासी विजय की हालत गंभीर होने के कारण उसकी पत्नी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जिला अस्पताल में विजय की कोविड रिपोर्ट मांगी गई। डाक्टरों ने प्राथमिक चिकित्सा देने से भी इंकार कर दिया। इस बीच जन कल्याण फाउंडेशन के वोलेंटियर्स ने हंगामा किया। डॉक्टरों ने चेकअप कर आक्सीजन लेवल 41 बताया।
विज्ञापन
साथ ही मेडिकल कॉलेज में जाने के लिए कहकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित महिला डॉक्टरों से एंबुलेंस के लिए गुहार लगाती रही। समिति उपाध्यक्ष सर्वेश उपाध्याय ने सीएमओ को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में थोड़ी अव्यवस्था हैं। चार से छह घंटे की वेटिंग चल रही हैं। बाद में हंगामा बढ़ने पर एंबुलेंस और आक्सीजन के साथ पीड़ित को मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भेजा गया।
केस दो: आक्सीजन की कमी के चलते नूर नगर निवासी सपा नेता पवन गुर्जर के मौसा सुखबीर सिंह की मृत्यु हो गई। पवन गुर्जर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी जरूरतमंद मरीजों सही समय पर आक्सीजन नहीं दी जा रही हैं। अस्पताल में पहले बेड न होने की बात कही गई। समय पर न दवाएं दी गईं और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा अन्य बड़े अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की व्यवस्था मरीजों को ही करनी पड़ रही हैं। जलीकोठी निवासी यास्मीन गढ़ रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। तीमारदार पांच दिन से उसके लिए आक्सीजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
विज्ञापन
मेरठ। सुधार के तमाम दावों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाआें का माहौल है। अस्पताल के बाहर मरीज इलाज के लिए तड़प रहे हैं। जिला अस्पताल से गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में बेड के लिए 4 से 6 घंटे तक की वेटिंग चल रही है। सामाजिक संगठनों से बातचीत में खुद अधिकारी यह बात स्वीकार कर रहे हैं। इसके साथ ही ऑक्सीजन लेवल 41 आने के बाद भी मरीजों को बेड नहीं मिल नहीं मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज में मृत्यु का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिला प्रशासन और मेडिकल विभाग भी कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा है। मेडिकल इमरजेंसी में मरीजों की सेवा की जिम्मेदारी तीमारदार ही निभा रहे हैं। सुबह से शाम तक मेडिकल कॉलेज के बाहर लोग मरीज को भर्ती कराने के इंतजार में खड़े रहते हैं।
विज्ञापन
---
केस एक : मुलतान नगर निवासी विजय की हालत गंभीर होने के कारण उसकी पत्नी उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जिला अस्पताल में विजय की कोविड रिपोर्ट मांगी गई। डाक्टरों ने प्राथमिक चिकित्सा देने से भी इंकार कर दिया। इस बीच जन कल्याण फाउंडेशन के वोलेंटियर्स ने हंगामा किया। डॉक्टरों ने चेकअप कर आक्सीजन लेवल 41 बताया।
विज्ञापन
साथ ही मेडिकल कॉलेज में जाने के लिए कहकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित महिला डॉक्टरों से एंबुलेंस के लिए गुहार लगाती रही। समिति उपाध्यक्ष सर्वेश उपाध्याय ने सीएमओ को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में थोड़ी अव्यवस्था हैं। चार से छह घंटे की वेटिंग चल रही हैं। बाद में हंगामा बढ़ने पर एंबुलेंस और आक्सीजन के साथ पीड़ित को मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भेजा गया।
केस दो: आक्सीजन की कमी के चलते नूर नगर निवासी सपा नेता पवन गुर्जर के मौसा सुखबीर सिंह की मृत्यु हो गई। पवन गुर्जर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भी जरूरतमंद मरीजों सही समय पर आक्सीजन नहीं दी जा रही हैं। अस्पताल में पहले बेड न होने की बात कही गई। समय पर न दवाएं दी गईं और न ही भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा अन्य बड़े अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की व्यवस्था मरीजों को ही करनी पड़ रही हैं। जलीकोठी निवासी यास्मीन गढ़ रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। तीमारदार पांच दिन से उसके लिए आक्सीजन की व्यवस्था कर रहे हैं।