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आतंकी हमले में शामली का लाल शहीद, 20 दिन की छुट्टी के बाद वापस लौटा था अमित

Fri, 15 Feb 2019 11:20 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Fri, 15 Feb 2019 11:20 AM IST
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Shmali: Amit martyr in pulwama attack joined duty after twenty days his house
अमित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आंतकी हमले में अमित कुमार पुत्र सोहनलाल निवासी शामली जनपद के शहीद होने की पुष्टि हो गई है। शुक्रवार सुबह करीब 6:15 बजे परिजनों के पास सीआरपीएफ से फोन गया है। 

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बताया गया कि अमित का परिवार शामली शहर के रेल पार रहता है। वह 2017 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। 12 फरवरी को ही 20 दिन की छुट्टी के बाद वापस गया था। परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। करीब 21 वर्षीय अमित अविवाहित है। इस घटना में शहीद हुए जवानों में 12 जवान यूपी से हैं।

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वहीं जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में प्रदीप दो दिन पहले ही तयेरे भाई की शादी के बाद लौटा था। सुबह 11 बजे भी परिजनों से प्रदीप की फोन पर बात हुई थी, लेकिन शाम को ही उसकी शहादत की खबर आ गई। प्रदीप के पिता जगदीश का कहना है कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, लेकिन वह चाहते हैं कि मोदी सरकार उसकी शहादत का ऐसा बदला ले।परिजनों के अनुसार प्रदीप वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। उसकी पत्नी कामिनी और दो बेटे सिद्धार्थ और दुष्यंत गाजियाबाद में रहते हैं। बाकी परिजन गांव में। परिजनों ने बताया कि आठ फरवरी को ही वो अपने ताऊ के लड़के अमित की शादी में छुट्टी लेकर आया था। गाजियाबाद के गोविंदपुरम निवासी उसकी पत्नी और बच्चे भी आए थे। सब बड़े खुश थे। 12 फरवरी को ही वो वापस ड्यूटी पर गया था। चचेरे भाई उमेश कुमार के अनुसार  के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे ही प्रदीप का फोन उनके पास आया था।

उसने कहा था कि वो अपनी ड्यूटी पर पहुंच गया है। परिजन भी निश्चिंत हो गए थे, लेकिन शाम को वहां आतंकी हमले की खबर मीडिया पर चलने के बाद वे परेशान हो गए। प्रदीप का फोन मिलाया, लेकिन वो नहीं लगा। वे लोग प्रदीप के परिचितों से संपर्क में लगे थे। इस बीच रात करीब सवा नौ बजे उसकी बटालियन के किसी अधिकारी का फोन आया कि प्रदीप कुमार आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं। ये सुनकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि ये भी हो सकता है।

उधर, जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमले को लेकर रामपुर मनिहारान में हिन्दू युवा सेना ने पाकिस्तान का पुतला फूंका है।



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