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शासन ने पूछा, भारी वाहन बंद होने से कितनी मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में भारी वाहन बंद होने और ट्रांसपोटरों के विरोध का मुद्दा शासन तक पहुंच गया है। अब शासन ने एलआईयू से भारी वाहनों पर विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है। भारी वाहनों पर रिपोर्ट मांगते ही एलआईयू की टीम गोपनीय ढंग से रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। शासन ने रिपोर्ट में पूछा है कि भारी वाहन बंद होने से लोगों को कितनी राहत मिली है। पुलिस अफसरों ने दावा किया कि भारी वाहन बंद होने से यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। शहर के मुख्य चौराहों पर घंटों तक वाहन जाम से जूझते थे। ट्रैफिक पुलिस ने भी जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर एसपी ट्रैफिक ट्रांसपोर्टरों से मिले और 8 जनवरी को संयुक्त बैठक का आश्वासन दिया।
शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। नो एंट्री के समय भारी वाहन शहर में प्रतिबंधित हैं। लेकिन पिछले दस साल से शहर के बीचोंबीच नो एंट्री के समय भारी वाहन दौड़ते थे। भारी वाहनों से शहर में भीषण जाम लगता था। 25 दिसंबर की सुबह से पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने नो एंट्री के समय भारी वाहन बंद कर दिए। भारी वाहन बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है।
ट्रांसपोर्टरों की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर तक भारी वाहनों को छूट दी, लेकिन दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से आठ बजे तक भारी वाहनों का समय प्रतिबंधित रखा गया। ट्रैफिक पुलिस ने परतापुर तिराहे से नवीन मंडी और टीपीनगर तक भारी वाहनों को छूट दी है। लेकिन मवाना रोड, गढ़ रोड, हापड़ रोड और एनएच-58 पर शहर के बाहर से ही दिन में भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया।
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ट्रैफिक पुलिस ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
ट्रैफिक पुलिस ने जिला प्रशासन को दस दिन की रिपोर्ट भेजी है। जिसमें कहा गया है कि जीरो माइल चौराहा, लालकुर्ती मुख्य मार्ग, बाउंड्री रोड, कमिश्नरी आवास चौराहा, विवि रोड, जेल चुंगी चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, मेडिकल कॉलेज गेट, शास्त्रीनगर पीवीएस रोड, एल ब्लॉक तिराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा, मेट्रो प्लाजा, दिल्ली चुंगी और दिल्ली रोड के अलावा बागपत रोड पर भी दिन में भारी वाहन बंद होने से जाम से निजात मिल रही है। दिन में भारी वाहन से हादसे होते थे। कंट्रोल रूम पर भी दिन की सूचना घट गई हैं। पहले 40 से 50 सूचना सिर्फ जाम की होती थीं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भारी वाहन बंद होने से दो लाख से अधिक लोगों को राहत मिली है, जो दिन में अपने वाहनों से शहर से होकर निकलते हैं।
भारी वाहन बंद होने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने धरना दिया
शहर में दिन में भारी वाहन बंद होने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक टीपीनगर गेट पर बैनर लगाकर धरना दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की बुद्घि शुद्घि के लिए सांकेतिक यज्ञ भी किया।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने मांग उठाई कि भारी वाहन बंद कर ट्रैफिक पुलिस उत्पीड़न कर रही है। चालकों से वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस को ई रिक्शा और ऑटो भी बंद करने चाहिए। मवाना रोड, गढ़ रोड और रूड़की रोड के अलावा अन्य चौराहों पर दिन में ट्रक न रोके जाएं। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि पुलिस को ट्रांसपोर्टरों की समस्या का समाधान करना चाहिए। यदि समाधान नहीं हुआ तो संयुक्त व्यापार संघ भी ट्रांसपोर्टरों के साथ है। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने धरना देते हुए हड़ताल और चक्का जाम का बैनर भी लगा दिया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जाम की समस्या है तो रोडवेज बस भी शहर में बंद हो। ट्रांसपोर्टरों ने छह जनवरी को मुख्यमंत्री के आने का भी विरोध करने की बात कही।
टांसपोर्ट एसोसिएशन से मिले एसपी ट्रैफिक
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई मौके पर पहुंचे और टांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिले। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि ट्रांसपोर्टर गलत तरीके से मांग कर रहे हैं। भारी वाहनों से लगातार हादसे होते थे। शहर में जाम लगता था। ट्रांसपोर्टरों की जो समस्या है उन्हें दिन में टीपीनगर और नवीन मंडी तक छूट दी गई है। ट्रक दिल्ली रोड से मंडी व टीपीनगर में आ सकते हैं। वहां से माल भरने व उतराने के बाद रात्रि दस बजे के बाद जा सकते हैं। किसी भी शहर में नो एंट्री के समय भारी वाहन शहर से नहीं निकलते। एसपी ट्रैफिक ने 8 जनवरी को ट्रांसपोर्टरों और पुलिस की संयुक्त बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान दीपक गांधी, दीपक रहलन, रोहित कपूर, पंकज अनेजा, राकेश विज, सुरेंद्र शर्मा, प्रवीन चिन्योटी, त्रिलोक सिंह, वेद गुप्ता, उदवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, लल्लू मक्कड़ आदि मौजूद रहे।
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शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। नो एंट्री के समय भारी वाहन शहर में प्रतिबंधित हैं। लेकिन पिछले दस साल से शहर के बीचोंबीच नो एंट्री के समय भारी वाहन दौड़ते थे। भारी वाहनों से शहर में भीषण जाम लगता था। 25 दिसंबर की सुबह से पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने नो एंट्री के समय भारी वाहन बंद कर दिए। भारी वाहन बंद होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है।
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ट्रांसपोर्टरों की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर तक भारी वाहनों को छूट दी, लेकिन दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से आठ बजे तक भारी वाहनों का समय प्रतिबंधित रखा गया। ट्रैफिक पुलिस ने परतापुर तिराहे से नवीन मंडी और टीपीनगर तक भारी वाहनों को छूट दी है। लेकिन मवाना रोड, गढ़ रोड, हापड़ रोड और एनएच-58 पर शहर के बाहर से ही दिन में भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया।
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ट्रैफिक पुलिस ने जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
ट्रैफिक पुलिस ने जिला प्रशासन को दस दिन की रिपोर्ट भेजी है। जिसमें कहा गया है कि जीरो माइल चौराहा, लालकुर्ती मुख्य मार्ग, बाउंड्री रोड, कमिश्नरी आवास चौराहा, विवि रोड, जेल चुंगी चौराहा, तेजगढ़ी चौराहा, मेडिकल कॉलेज गेट, शास्त्रीनगर पीवीएस रोड, एल ब्लॉक तिराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा, मेट्रो प्लाजा, दिल्ली चुंगी और दिल्ली रोड के अलावा बागपत रोड पर भी दिन में भारी वाहन बंद होने से जाम से निजात मिल रही है। दिन में भारी वाहन से हादसे होते थे। कंट्रोल रूम पर भी दिन की सूचना घट गई हैं। पहले 40 से 50 सूचना सिर्फ जाम की होती थीं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भारी वाहन बंद होने से दो लाख से अधिक लोगों को राहत मिली है, जो दिन में अपने वाहनों से शहर से होकर निकलते हैं।
भारी वाहन बंद होने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने धरना दिया
शहर में दिन में भारी वाहन बंद होने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक टीपीनगर गेट पर बैनर लगाकर धरना दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की बुद्घि शुद्घि के लिए सांकेतिक यज्ञ भी किया।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने मांग उठाई कि भारी वाहन बंद कर ट्रैफिक पुलिस उत्पीड़न कर रही है। चालकों से वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस को ई रिक्शा और ऑटो भी बंद करने चाहिए। मवाना रोड, गढ़ रोड और रूड़की रोड के अलावा अन्य चौराहों पर दिन में ट्रक न रोके जाएं। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि पुलिस को ट्रांसपोर्टरों की समस्या का समाधान करना चाहिए। यदि समाधान नहीं हुआ तो संयुक्त व्यापार संघ भी ट्रांसपोर्टरों के साथ है। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने धरना देते हुए हड़ताल और चक्का जाम का बैनर भी लगा दिया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जाम की समस्या है तो रोडवेज बस भी शहर में बंद हो। ट्रांसपोर्टरों ने छह जनवरी को मुख्यमंत्री के आने का भी विरोध करने की बात कही।
टांसपोर्ट एसोसिएशन से मिले एसपी ट्रैफिक
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई मौके पर पहुंचे और टांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिले। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि ट्रांसपोर्टर गलत तरीके से मांग कर रहे हैं। भारी वाहनों से लगातार हादसे होते थे। शहर में जाम लगता था। ट्रांसपोर्टरों की जो समस्या है उन्हें दिन में टीपीनगर और नवीन मंडी तक छूट दी गई है। ट्रक दिल्ली रोड से मंडी व टीपीनगर में आ सकते हैं। वहां से माल भरने व उतराने के बाद रात्रि दस बजे के बाद जा सकते हैं। किसी भी शहर में नो एंट्री के समय भारी वाहन शहर से नहीं निकलते। एसपी ट्रैफिक ने 8 जनवरी को ट्रांसपोर्टरों और पुलिस की संयुक्त बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है। इस दौरान दीपक गांधी, दीपक रहलन, रोहित कपूर, पंकज अनेजा, राकेश विज, सुरेंद्र शर्मा, प्रवीन चिन्योटी, त्रिलोक सिंह, वेद गुप्ता, उदवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, लल्लू मक्कड़ आदि मौजूद रहे।