भीषण गर्मी से हाल-बेहाल : तेज धूप से बचने की सलाह दे रहे चिकित्सक, बच्चों को डिहाइड्रेशन के साथ डायरिया का खतरा
आइएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के केस ज्यादा आते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहे।
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जुलाई माह शुरू हो गया है, लेकिन जून की तरह ही भीषण गरमी और उमस से लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। गरमी के मौसम में बच्चों में पेट में संक्रमण की वजह से उल्टी दस्त होते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन होने का खतरा रहता है। तेज धूप में बड़ों में भी डिहाइड्रेशन हो सकता है, ऐसे में गरमी से बचाव करने के लिए एहतियात बरतनी चाहिए।
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. अनुपम सक्सेना का कहना है कि गरमी में हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए तेज धूप में बाहर जरूरी होने पर ही निकले और धूप से बचाव के लिए सावधानी बरतें।
आइएमए के अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के केस ज्यादा आते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहे। शरीर में पानी की कमी न होने दे और उल्टी दस्त होने पर बच्चों को नमक व चीनी के घोल की जगह ओआरएस का घोल पिलाते रहे। चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं। इसमें लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
डिहाइड्रेशन के लक्षण
- मुंह सूखना, बार-बार पानी मांगना।
- आंखों का धंस जाना।
- कमजोरी व चक्कर आना।
- पेशाब कम और पीले रंग का आना।
- शरीर का तापमान कम होना।
- बेहोशी आना।
बचाव
- खनिज की पूर्ति करने वाले पेय पदार्थों का सेवन करें।
- नारियल का पानी, कच्चे दूध की लस्सी पीना।
- मौसमी फलों का सेवन करें।
- साफ ताजा पानी पिएं, ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचे।
- डायरिया होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
- नींबू पानी, बेल का शरबत, शिकंजी, छाछ पीना।
- जंक फूड का सेवन करने से बचे।
- खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें।
- तला भूना, मिर्च मसाले वाले भोजन से बचें।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।