भ्रष्टाचार पर नहीं लग रही लगाम: मेरठ के 12 ब्लॉकों में मनरेगा में बड़ा घोटाला आया सामने, जांच में हुआ बड़ा खुलासा
ढाई वर्ष से मेरठ मंडल में नियुक्त मनरेगा लोकपाल के पास आ रही शिकायतों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। श्रमिकों के दो-दो मनरेगा कार्ड बनाकर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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ढाई वर्ष से मेरठ मंडल में नियुक्त मनरेगा लोकपाल के पास आ रही शिकायतों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारी इस पर आगे की कार्रवाई करने में पीछे हैं।
जिले के 12 ब्लॉकों में मनरेगा में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। कई ब्लॉक में लोकपाल ने रिकवरी के आदेश दिए हैं। सरूरपुर खुर्द ब्लॉक के डाहर गांव में मनरेगा के कार्यों में साढ़े तीन लाख रुपये की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। यहां बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। इस मामले में बीडीओ सहित सचिव, प्रधान पर भी कार्रवाई के आदेश हैं।
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मनरेगा में आ रही शिकायतों में लोकपाल की जांच में हो रहा खुलासा
1. मेरठ ब्लॉक के गगोल गांव में श्रमिकों के दो-दो मनरेगा कार्ड बनाकर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस जांच को भी बाधित करने की मंशा है। लोकपाल अब जल्द इस मामले की जांच करेंगी।
2. माछरा ब्लॉक के भटीपुरा और परिक्षितगढ़ ब्लॉक के सौंदत्त गांव में भी मनरेगा मामलों में काफी शिकायतें हैं। इसमें लोकपाल ने प्रधान, सचिव और बीडीओ को नोटिस जारी कर दिए हैं।
3. रजपुरा ब्लॉक के मुजफ्फरनगर सैनी गांव में 83 हजार रुपये के रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। वहीं, डीडीओ सहित सचिव, प्रधान के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति की गई है।
सख्त कार्रवाई होगी
लोकपाल की जांच के बाद जिलाधिकारी स्तर से भी एक तकनीकी समिति जांच करती है। अगर ऐसे कई मामले जिले में आ रहे हैं तो दस मार्च के बाद कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। -शशांक चौधरी, सीडीओ
जांच के लिए चाहिए फोर्स
सभी ब्लॉक में मनरेगा में बड़ा गड़बड़झाला सामने आ रहा है। कई स्थानों पर मेरा विरोध - अंशु त्यागी, मनरेगा लोकपाल, मेरठ मंडलभी होता है। प्रधान, सचिव, बीडीओ की भूमिका मनरेगा मामलों में संदिग्ध है। इसके लिए मुझे पुलिस फोर्स की जरुरत है। जिससे मैं मौके पर जाकर जांच कर सकूं।