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मानदेय नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों का हंगामा
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दौराला। कस्बे में 60 कर्मचारियों में से 43 को ही मानदेय दिए जाने पर रोष फैल गया। उन्होंने रविवार सुबह ठेकेदार के साथ मिलकर नगर पंचायत कार्यालय पर हंगामा किया। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इसके चलते सफाई नहीं होने से कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे।
ठेकेदार रवि चौधरी ने बताया कि नवंबर में उन्होंने कस्बे की सफाई का ठेका लिया था। उनके अधीन 60 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नवंबर एवं दिसंबर का कर्मचारियों को भुगतान कर दिया, जबकि जनवरी व फरवरी का भुगतान अभी बाकी है। नगर पंचायत ने उन्हें नवंबर से लेकर अब तक भुगतान नहीं किया है। आरोप है कि अब नगर पंचायत 60 में से 43 कर्मचारियों का ही मानदेय दिए जाने की बात कह रही है। जिस कारण कर्मचारियों में रोष फैल गया। रविवार सुबह कर्मचारी ठेकेदार के साथ नगर पंचायत कार्यालय पर पहुंचे और हंगामा किया। सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। जिस कारण कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। इस बाबत अधिशासी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह का कहना है कि कागजों में जितने कर्मचारी दर्ज हैं। उतने ही कर्मचारियों को मानदेय दिया जाएगा। हड़ताल की उन्हें जानकारी मिली थी। ठेकेदार ने अभी तक कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया है।
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ठेकेदार रवि चौधरी ने बताया कि नवंबर में उन्होंने कस्बे की सफाई का ठेका लिया था। उनके अधीन 60 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नवंबर एवं दिसंबर का कर्मचारियों को भुगतान कर दिया, जबकि जनवरी व फरवरी का भुगतान अभी बाकी है। नगर पंचायत ने उन्हें नवंबर से लेकर अब तक भुगतान नहीं किया है। आरोप है कि अब नगर पंचायत 60 में से 43 कर्मचारियों का ही मानदेय दिए जाने की बात कह रही है। जिस कारण कर्मचारियों में रोष फैल गया। रविवार सुबह कर्मचारी ठेकेदार के साथ नगर पंचायत कार्यालय पर पहुंचे और हंगामा किया। सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। जिस कारण कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। इस बाबत अधिशासी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र सिंह का कहना है कि कागजों में जितने कर्मचारी दर्ज हैं। उतने ही कर्मचारियों को मानदेय दिया जाएगा। हड़ताल की उन्हें जानकारी मिली थी। ठेकेदार ने अभी तक कर्मचारियों का मानदेय नहीं दिया है।
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