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Meerut: ताक पर रखे नियम, जेसीबी से नाले में उतार दिए कर्मचारी, कराई मैनुअल सफाई

Thu, 12 Jun 2025 11:59 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Thu, 12 Jun 2025 11:59 AM IST
सार

मेरठ के करीमनगर में नाले की सफाई के लिए कर्मचारियों को जेसीबी से नीचे उतारा गया। बिना सुरक्षा इंतजाम के मैनुअल सफाई कराई गई, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

 

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Sanitation workers lowered into drain via JCB in Meerut, manual cleaning done
जेसीबी से नाले में उतारे सफाई कर्मी - फोटो : संवाद

विस्तार

मेरठ के हापुड़ रोड स्थित करीमनगर इलाके में नाले की सफाई को लेकर नगर निगम पर गंभीर सवाल उठे हैं। यहां नाले की सफाई मशीन से नहीं, बल्कि कर्मचारियों से मैनुअल कराई जा रही है।

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हालात इतने खराब हैं कि जेसीबी मशीन को नाले के किनारे खड़ा कर उसके जरिए पांच से छह सफाई कर्मचारियों को नाले में उतारा गया। कर्मचारियों ने अपने कपड़े उतार रखे थे और उनके पास न तो कोई सुरक्षा उपकरण था, न ही कोई अन्य बचाव इंतजाम।
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नाले में सीवर का पानी भी बह रहा था, फिर भी उन्हें अंदर सफाई के लिए उतार दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा के जहरीले नाले में उतरकर सफाई कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 2013 में बने मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम के तहत हाथ से मैला उठाने और अस्वास्थ्यकर शौचालयों की सफाई पर रोक लगा दी गई थी। इस अधिनियम के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

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इसके बावजूद इस तरह कर्मचारियों से मैनुअल सफाई कराया जाना कानून और मानवाधिकारों की खुलेआम अनदेखी है। सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों के तहत इस अमानवीय प्रथा को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है।

वहीं, इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि नाले की सफाई का ठेका दिया गया है और यह कार्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है, न कि नगर निगम द्वारा। उन्होंने कहा कि मैनुअल सफाई कराना गलत है, ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।

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