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अयोध्या में भव्य निर्माण से पहले भगवान श्रीराम के लिए सोने का मंदिर बनवाएंगे संत

Mon, 18 Nov 2019 12:50 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 18 Nov 2019 12:50 PM IST
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Saints to build gold temple for Lord Shri Ram before grand construction in Ayodhya
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि एवं रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या में मंदिर बनने में समय लगेगा। मंदिर का भव्य निर्माण होने से पहले सोने का एक मंदिर बनवाया जाएगा। जिसमें भगवान को विराजमान किया जाएगा। इसके  लिए सभी संतों को सोना दान करना होगा। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए केवल रामालय न्यास का ही अधिकार बताया। 

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रविवार को सम्राट पैलेस स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए नया ट्रस्ट बनाने का अधिकार केन्द्र सरकार को नहीं है। न्यायालय ने निर्णय में कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए बने पुराने ट्रस्ट में से ही एक ट्रस्ट को चुनना होगा। पहले ही तीन ट्रस्ट रजिस्टर्ड हैं।

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एक ट्रस्ट विहिप ने श्रीराम जन्मभूमि न्यास बनाया था, दूसरा ट्रस्ट चारों शंकराचार्य, वैष्णवाचार्यों और 13 अखाड़ों ने मिलकर रामालय न्यास बनाया था और तीसरा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास है, जिसे अयोध्या के ही महंत जन्मेजय ने बनाया था। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले में है कि जो ट्रस्ट फैसला आने से पहले का है, उसी को मंदिर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के महंत जन्मेजय लिखकर दे चुके हैं कि अगर रामालय न्यास को मंदिर बनाने का अवसर मिलता है तो उनका ट्रस्ट दावा नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विहिप ने 1985-86 में ट्रस्ट बनाया था। सन 1993 में भूमि अधिग्रहण हुआ था। भूमि अधिग्रहण से पहले के ट्रस्ट को मंदिर बनाने का अधिकार है ही नहीं। अब केवल रामालय न्यास ही बचता है, जो श्रीराम मंदिर बनाएगा। 

अयोध्या को पर्यटनस्थल न बनाएं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या में तीर्थ भावना जुड़ी रही है, उसे पर्यटनस्थल न बनाया जाए। पर्यटक केवल आनंद लेने जाता है। जब तीर्थ यात्री जाता है तो वह कहता है कि अब हमें भगवान की कृपा मिल गई। 

ओवैसी धार्मिक मुसलमान नहीं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी धर्म के युवा मूल मार्ग से भटक रहे हैं। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के बारे में कहा कि वह धार्मिक मुसलमान भी नहीं हैं। वह राजनेता हैं, मंदिर के मामले में भी राजनीति का प्रयास कर रहे हैं।

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