सहारनपुर में जातीय हिंसा भड़काने की थी साजिश, जांच में सामने आया ये सच
सहारनपुर में दलितों पर अत्याचारों की अफवाह फैलाकर जातीय हिंसा भड़काने के लिए 3600 दलित युवकों को तैयार कर लिया गया था। इनका मकसद हिंसा फैलाकर पश्चिम उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना था। सोशल साइटों पर भड़काऊ वीडियो अपलोड कर युवकों को उकसाया जा रहा था। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ काफी सुबूत जुटा लिए हैं। सहारनपुर के एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि टीम को मेरठ भेजकर पकड़े गए लोगों से उनके षड्यंत्र के बारे में जानकारी की जाएगी। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार, आईजी रेंज रामकुमार और एसएसपी मेरठ राजेश कुमार पांडेय ने रविवार को प्रेसवार्ता कर जातीय हिंसा भड़काने की साजिश का सनसनीखेज खुलासा किया। दलित समाज से जुड़े छह आरोपी युवकों को मीडिया के सामने पेश किया।
एडीजी जोन ने बताया कि सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत और हरिद्वार में एक दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या की बात कहकर दलित समाज के युवकों को सोशल साइट के जरिये भड़काया जा रहा था। आरोपियों का निशाना सहारनपुर में सचिन वालिया की मौत का बदला लेना था। इसको लेकर सहारनपुर जाने की तैयारी भी थी। सोशल साइटों पर ऐलान हो चुका था कि हत्या के बदले हत्या करनी है। पुलिस अफसरों के अनुसार इसी गिरोह ने विगत दो अप्रैल को एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने की अफवाह फैलाकर दलित युवकों को पहले उकसाया। फिर मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर समेत कई शहरों में बवाल कराया था।
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24 ग्रुपों में 3600 लोग जुड़े
एडीजी जोन के अनुसार इन आरोपियों ने व्हाट्सएप पर 24 ग्रुप बनाए हैं। हर ग्रुप में करीब 150 लोग जुड़े हैं। करीब 3600 लोग इनमें शामिल हैं। इन ग्रुपों में दलितों पर अत्याचार की भड़काऊ फोटो और वीडियो अपलोड होती थी। इसके बाद भड़काने वाले कमेंट शुरू होते थे। ग्रुप में कमेंट के आधार पर एक्टिव युवकों ग्रुप में शामिल करते थे। वेस्ट यूपी में इन लोगों का नेटवर्क काफी फैला हुआ है। इनके ग्रुप में मेरठ, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के दलित युवक सबसे ज्यादा हैं। सभी ग्रुपों पर सचिन वालिया की डीपी लगी थी। बदला गैंग, भीम आर्मी, अंबेडकर समेत अलग-अलग नाम से यह ग्रुप बनाए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों की रिकॉर्ड की गई भड़काऊ कॉल भी सुनी थी।
रायपुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश
थाना सरसावा के ठाकुर बहुल गांव रायपुर में शरारती तत्वों ने राजपूतों के मकानों पर जय भीम लिख दिया। गांव के राजपूत और दलित समाज के लोग आगे आए और मामले को तूल नहीं देने का निर्णय लिया। चार माह पूर्व भी गांव में दलितों के मकान पर जय श्रीराम लिख दिया गया था।
राहुल पुत्र संतराम-पता. मीवा हस्तिनापुर,पेशा. केबिल टीवी का काम करता है। नितिन पुत्र संतराम-मोदीनगर गाजियाबाद, पेशा. ड्राइवर, दीपक पुत्र ओमप्रकाश होरामनगर ब्रह्मपुरी मेरठ, पेशा. मजदूरी, बंटी पुत्र महेंद्र मोदीनगर गाजियाबाद, पेशा पीओपी लगाने का काम, सतवीर पुत्र वीर सिंह निडावली हस्तिनापुर पेशा मजदूरी, रविंद्र भारत पुत्र नरेश कुमार अलीपुर मोरना हस्तिनापुर,पेशा. मार्शल आर्ट (अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी)।
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