तब्लीगी जमात का विवाद सुलझाने दारुल उलूम पहुंचे बांग्लादेशी-फिलीस्तीन के उलमा
तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी को लेकर चल रहे विवाद में सुलह समझौते के प्रयास शुरू हो गए हैं। शनिवार को बांग्लादेशी उलमा के छह सदस्यीय दल ने देवबंद पहुंचकर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी समेत अन्य उलमा से मुलाकात की, जबकि इससे पूर्व उन्होंने दिल्ली में तब्लीगी जमात के मरकज में पहुंचकर वहां जिम्मेदारों से बात भी की। वहीं फिलीस्तीन और सूडान के उलमा ने दारुल उलूम का दौरा किया।
मौलाना साद कांधलवी के तब्लीगी जमात का अमीर बनने और आयोजित होने वाले बड़े बड़े इज्तिमा में दीन इस्लाम की गलत व्याख्या करने को लेकर एक वर्ष से भी अधिक समय से उनके नाम पर बड़ा विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी समेत बड़े उलमा मौलाना साद से गहरी नाराजगी जता चुके हैं। इतना ही नहीं दारुल उलूम ने तो संस्था के भीतर और बाहर तब्लीगी जमात की सभी गतिविधियों पर पाबंदी तक लगाई हुई है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों में ही विवाद को लेकर मुसलमानों में बेचैनी बनी हुई है। इसी विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार को बांग्लादेशी उलमा का छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल देवबंद पहुंचा। यहां दारुल उलूम के मेहमानखाने में प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी, मौलाना मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी से वार्ता की। कहा जा रहा है कि उनके बीच इसी मुद्दे को लेकर काफी देर तक वार्ता हुई है। जबकि इससे पूर्व वह मौलाना महमूद मदनी के आवास पर भी गए। बांग्लादेशी उलमा के देवबंद आगमन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। जिसके चलते उनके नाम का खुलासा भी नहीं किया गया है। दल में शामिल एक शख्स ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पहले दिल्ली में तब्गीली जमात के मरकज पहुंचकर मौलाना साद कांधलवी से मुलाकात की और उसके बाद वह देवबंद पहुंचे।
बता दें कि मौलाना साद को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बांग्लादेशी उलमा के भारत आने को लेकर पहले से चर्चाएं चल रही थीं। इस मामले में बातचीत का दौर शुरू होने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि विवाद का निपटारा जल्द ही हो जाएगा।
दारुल उलूम पहुंचे फिलीस्तीन और सूडान के उलमा
फिलीस्तीन और सूडान के उलमा ने दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी व जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी से मुलाकात की।
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम में पहुंचे फिलीस्तीन के प्रसिद्ध उलमा और कुवैत के एक मदरसे के वरिष्ठ उस्ताद शेख इब्राहीम अल मुहन्ना और सूडान के शेख यूसुफ अली यूसुफ ने संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की। मोहतमिम ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हुए उन्हें उलमा-ए-देवबंद और संस्था के इतिहास की जानकारी दी। इसके बाद दोनों उलमा दारुल उलूम में ही जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी से मिले। मौलाना मदनी ने उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने एक दूसरे का हाल जाना। यहां से वह मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी की अगुवाई में लाइब्रेरी पहुंचे। जहां उन्होंने ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया और निर्माणाधीन लाइब्रेरी को भी देखा और उनकी जमकर प्रशंसा की। इस बीच वह संस्था की कई कक्षाओं में पहुंचे जहां उन्होंने तालीम निजाम को समझा और छात्रों के रहन सहन के बारे में जानकारी ली।
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